भरतपुर में स्थित विश्व प्रसिद्ध केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान का स्वरूप जल्द ही बदलने जा रहा है। पार्क के मुख्य प्रवेश द्वार का सौंदर्यीकरण कराए जाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है, जिससे यहां आने वाले पर्यटकों को पार्क में कदम रखते ही एक भव्य और नया नजारा देखने को मिलेगा। पार्क प्रशासन की ओर से इस विकास कार्य के लिए एक विशेष प्रोजेक्ट तैयार किया जा रहा है और बहुत जल्द ही धरातल पर काम शुरू करने की पूरी योजना बनाई गई है।
यह राष्ट्रीय उद्यान देश ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में अपनी समृद्ध जैव विविधता, अनूठी प्राकृतिक सुंदरता और सर्दियों के मौसम में आने वाले विदेशी प्रवासी पक्षियों के लिए एक विशेष पहचान रखता है। हर साल लाखों की संख्या में देश और दुनिया के अलग-अलग कोनों से पर्यटक यहां पक्षियों की दुर्लभ प्रजातियों को देखने और प्रकृति की गोद में शांति के पल बिताने के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य प्रवेश द्वार को आधुनिक और आकर्षक रूप देने की इस योजना को पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बेहद अहम कदम के रूप में देखा जा रहा है।
मुख्य द्वार का होगा कायाकल्प
केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान के डीएफओ चेतन कुमार ने बताया कि पार्क के मुख्य गेट को पूरी तरह से संवारा जाएगा। भरतपुर का यह प्रसिद्ध केवलादेव नेशनल पार्क शहर के पांच प्रमुख गौरवों में शामिल है, जिसके चलते इसे और अधिक विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। प्रवेश द्वार को एक बिल्कुल नया और आधुनिक स्वरूप देने के लिए प्रोजेक्ट तैयार करने का काम अंतिम चरण में है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस दिशा में सभी औपचारिकताएं पूरी करके जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
गेट के सुंदरीकरण से न केवल इसकी बनावट बेहतर होगी बल्कि यह पार्क की समग्र सुंदरता में भी चार चांद लगाएगा। पार्क प्रशासन का मुख्य उद्देश्य केवलादेव नेशनल पार्क की सैर पर आने वाले हर एक पर्यटक को विश्व स्तरीय और बेहतरीन अनुभव प्रदान करना है। किसी भी पर्यटन स्थल का मुख्य प्रवेश द्वार उसकी सबसे पहली और सबसे मजबूत पहचान होता है, इसलिए गेट के नए रूप में ढलने से सैलानियों को शुरुआत से ही एक सकारात्मक बदलाव का अहसास होगा।
पर्यटन को मिलेगा नया बढ़ावा
प्रवेश द्वार के इस कायाकल्प से पार्क के समग्र आकर्षण और इसकी ख्याति को एक नई दिशा और ऊंचाई मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान न केवल भरतपुर शहर की पहचान का मुख्य केंद्र है, बल्कि यह वैश्विक मानचित्र पर भी एक विशिष्ट स्थान रखता है। हर साल ठंड के महीनों में यहां साइबेरियाई सारस और अन्य कई प्रजातियों के प्रवासी पक्षियों का भारी संख्या में जमावड़ा लगता है। अब इस सौंदर्यीकरण परियोजना के माध्यम से पर्यटकों के लिए सुविधाओं को और अधिक उन्नत बनाने की व्यापक तैयारी की जा रही है।





















