यूपी के मेरठ जिले में एक भाई ने अपनी सगी बहन को सोते समय गोली मारकर उसकी जान ले ली। यह वारदात मेरठ के लोहियानगर थाना क्षेत्र की जाकिर कॉलोनी में हुई, जहां शनिवार सुबह 23 वर्षीय अफशा ने अपनी 21 वर्षीय बहन अक्सा के सिर में देसी पिस्तौल से गोली उतार दी। घटना के वक्त अक्सा घर में सो रही थी।
गोली की आवाज सुनकर दौड़े परिजन
गोली चलने की आवाज सुनते ही घर के बाकी सदस्य मौके पर पहुंच गए। गंभीर हालत में अक्सा को तुरंत नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया। लेकिन सिर पर गोली लगने की वजह से चोट बेहद गंभीर थी और इलाज के दौरान ही अक्सा की मौत हो गई। बहन की मौत की खबर से पूरे मोहल्ले में सन्नाटा पसर गया और जाकिर कॉलोनी में हड़कंप मच गया।
अस्पताल से सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में
निजी अस्पताल की ओर से जैसे ही गोली लगने से हुई मौत की सूचना पुलिस को दी गई, लोहियानगर थाने की टीम तुरंत जांच में जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू की और जल्द ही अफशा को बहन की हत्या के आरोप में हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच के दौरान घर में मौजूद अन्य परिजनों से भी शुरुआती पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया और वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल भी उसके पास से बरामद कर ली।
चरित्र पर शक होने की बात कबूली
कोतवाली सर्कल ऑफिसर संग्राम सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान अफशा ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी बहन अक्सा को इसलिए गोली मारी क्योंकि उसे शक था कि उसका "चरित्र ठीक नहीं है"। पुलिस के मुताबिक मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है ताकि यह साफ हो सके कि हत्या के पीछे असल वजह क्या रही। अक्सा का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद जांच आगे बढ़ेगी। इस वारदात के बाद परिवार में मातम पसरा हुआ है और आसपास के लोग भी इस हत्याकांड से सहमे हुए हैं।
जांच अब भी जारी
पुलिस के मुताबिक, इस पूरे मामले की तह तक जाने के लिए हर एंगल से पड़ताल की जा रही है, जिसमें यह भी शामिल है कि घटना वाली सुबह घर में आखिर क्या हुआ था और आरोपी भाई किस मानसिक स्थिति में था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की तस्वीर और साफ होगी और उसी आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी। इस तरह की वारदातें यह भी दिखाती हैं कि परिवार के भीतर ही महज शक के आधार पर महिलाओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं किस हद तक गंभीर रूप ले सकती हैं।













