उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में यूपीटीईटी की परीक्षा के मद्देनजर बड़े वाहनों की शहर में एंट्री पर रोक लगा दी गई है. यह आदेश एसपी ने परीक्षार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जारी किया है और यह अगले आदेश तक लागू रहेगा.
जाम से परीक्षार्थियों को मिलेगी राहत
मिर्जापुर जिले से रोजाना सबसे ज्यादा बड़े वाहनों का आवागमन होता है और शहर के भीतर से भी भारी वाहन गुजरते हैं. इनकी वजह से अक्सर सड़कों पर जाम लग जाता है, जिससे लोगों को खासी परेशानी झेलनी पड़ती है. परीक्षा के दिनों में परीक्षार्थी इसी जाम में फंसकर देरी से केंद्र तक पहुंचते हैं, इसी समस्या को दूर करने के लिए एसपी ने नो एंट्री का आदेश दिया है.
सुबह पांच से रात दस बजे तक प्रभावी रहेगी रोक
नो एंट्री सुबह पांच बजे से रात 10 बजे तक लागू रहेगी. इस अवधि में किसी भी बड़े वाहन को शहर में घुसने की इजाजत नहीं होगी. आदेश का सख्ती से पालन कराने के लिए पुलिसकर्मियों की अलग-अलग जगहों पर तैनाती भी की गई है.
चार दिशाओं से आने वाले वाहन रोके जा रहे
सोनभद्र की तरफ से आने वाले वाहनों को बरकछा हाईवे ओवर ब्रिज के पास रोका जा रहा है. वाराणसी की ओर से आने वाले भारी वाहनों को अघवार चौराहे के पास रोका जा रहा है, जबकि रीवा की तरफ से आने वाले बड़े वाहन समोगरा चौराहे पर रोके जा रहे हैं ताकि वे शहर के भीतर दाखिल न हो सकें. वहीं प्रयागराज की ओर से आने वाले भारी वाहनों को गैपुरा चौकी के पास रोका जा रहा है. सभी वाहनों को रात 10 बजे के बाद, जब सड़कों पर ट्रैफिक सामान्य हो जाता है, तभी आगे जाने दिया जाएगा.
2 से 6 जुलाई तक रहेगी व्यवस्था, आगे भी बढ़ सकती है
यह नो एंट्री व्यवस्था 2 जुलाई से 6 जुलाई तक के लिए लागू की गई है. अगर यह व्यवस्था कामयाब रहती है तो इसे आगे भी बढ़ाया जा सकता है. मिर्जापुर जिले में यूपीटीईटी की परीक्षा अलग-अलग सेंटरों पर हो रही है और सबसे ज्यादा परीक्षा केंद्र शहर के भीतर ही बनाए गए हैं. परीक्षार्थी जाम में फंसकर समय पर केंद्र तक न पहुंच पाएं, इसी वजह से यह पूरा इंतजाम किया गया है.
दूध, पेट्रोल और बसों को मिली छूट
नो एंट्री के दौरान दुग्ध वाहनों, पेट्रोलियम टैंकरों और बसों को इससे छूट दी गई है, यानी इन पर रोक लागू नहीं होगी. आपातकालीन सेवाओं से जुड़े सभी वाहनों को भी छूट के दायरे में रखा गया है. दरअसल, गिट्टी, बालू और इसी तरह का अन्य सामान लेकर चलने वाले ट्रकों को ही नो एंट्री में रोका जा रहा है.
ट्रैफिक के साथ सिविल पुलिस भी तैनात, तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई
नो एंट्री का सख्ती से पालन कराने के लिए ट्रैफिक पुलिस के साथ ही सिविल पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है. मकसद यह है कि अगर कोई वाहन नियम तोड़कर निकलने की कोशिश करे तो उस पर तुरंत कार्रवाई की जा सके.













