उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े एक कथित एजेंट को गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि आरोपी को राजस्थान के श्री गंगानगर से हथियार और विस्फोटक मंगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी और वह आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश में शामिल था।
कौन है शहरज अहमद
उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी एटीएस के अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार युवक की उम्र 29 साल है और उसकी पहचान शहरज अहमद के तौर पर हुई है। उसे मंगलवार को बलरामपुर के जमधारा गांव से हिरासत में लिया गया। बलरामपुर के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने खुद इस गिरफ्तारी की पुष्टि की। एटीएस सूत्रों ने बताया कि शहरज अहमद मूल रूप से बलरामपुर का रहने वाला है, लेकिन रोजी रोटी के लिए मुंबई में रहकर कढ़ाई का काम करता था।
फेसबुक और सिग्नल से बना आईएसआई का मोहरा
जांच में सामने आया है कि शहरज अहमद फेसबुक और एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप सिग्नल के जरिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलिजेंस यानी आईएसआई के लोगों के संपर्क में आया था। ऑनलाइन बातचीत के इसी सिलसिले में वह धीरे धीरे एजेंसी के लिए काम करने लगा। एटीएस का कहना है कि उसे भारत के भीतर आतंकी साजिश रचने में मदद के लिए तैयार किया जा रहा था।
राजस्थान से हथियार और विस्फोटक लाने की जिम्मेदारी
अधिकारियों के मुताबिक शहरज अहमद को राजस्थान के श्री गंगानगर से हथियार और विस्फोटक लाकर आतंकी नेटवर्क तक पहुंचाने का काम सौंपा गया था। एजेंसी को शक है कि वह आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की बड़ी साजिश का हिस्सा था। मामला लखनऊ स्थित एटीएस पुलिस थाने में दर्ज कर लिया गया है और फिलहाल आगे की कानूनी कार्रवाई तथा पूछताछ जारी है, ताकि इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और लोगों का भी पता लगाया जा सके।
कर्नाटक में ईडी की आठ जगहों पर छापेमारी
इसी बीच मंगलवार को ही प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी ने कर्नाटक में भी बड़ी कार्रवाई की। बेंगलुरु और उसके आसपास करीब आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई। यह छापेमारी प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के प्रावधानों के तहत की गई। दरअसल यह पूरा मामला युवाओं को प्रतिबंधित अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन आईएसआईएस में शामिल होने के लिए कट्टरपंथी बनाने से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग जांच का हिस्सा है।
एनआईए की चार्जशीट में इकरा वेलफेयर ट्रस्ट का नाम
यह जांच नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी यानी एनआईए की उस एफआईआर से जुड़ी है जो आईएसआईएस में भर्ती के मामले में दर्ज हुई थी। इस मामले में इकरा वेलफेयर ट्रस्ट, गाइडेंस फॉर मैनकाइंड नाम की संस्थाओं के साथ कुछ व्यक्तियों के नाम भी शामिल हैं। एनआईए पहले ही पांच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। आरोप है कि ये सभी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आईएसआईएस, आईएसआईएल और दाएश से जुड़े हुए थे और उन्होंने बेंगलुरु के आसानी से प्रभावित होने वाले मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाकर आईएसआईएस में भर्ती कराने की साजिश रची थी।



















