उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस की सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। विजय नगर थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस ने एक अहम कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म के मामले में वांछित चल रहे दो फरार आरोपियों को मुठभेड़ के बाद दबोच लिया। हिंडन बैराज के पास पुस्ता रोड पर देर रात हुई इस मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी, जिसके बाद पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर तुरंत उपचार के लिए जिला एमएमजी अस्पताल पहुंचाया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और बिना नंबर प्लेट वाली एक मोटरसाइकिल बरामद की है।
हिंडन बैराज पुस्ता रोड पर हुई घेराबंदी
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि 17 अक्टूबर को दर्ज दुष्कर्म के एक मामले से जुड़ी है। वारदात के सामने आने के बाद से ही दोनों आरोपी फरार चल रहे थे और उनकी तलाश के लिए थाना स्तर पर विशेष पुलिस टीमों का गठन किया गया था। पुलिस की टीमें लगातार संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दे रही थीं और खुफिया तंत्र को सक्रिय कर रखा गया था। इसी क्रम में पुलिस को मुखबिर और स्थानीय सूत्रों से सूचना मिली कि दोनों वांछित आरोपी बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर सवार होकर हिंडन बैराज पुस्ता रोड की तरफ से गुजरने वाले हैं।
सूचना की पुष्टि होते ही पुलिस टीम ने पुस्ता रोड पर रात के समय सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस को एक बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस कर्मियों ने जब उन्हें रुकने का इशारा किया, तो उन्होंने भागने की कोशिश की और खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस बल ने भी आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी गोलीबारी की, जिसमें दोनों बदमाशों के पैर में गोली लगी और वे जमीन पर गिर पड़े। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मौके पर ही काबू कर लिया।
आरोपियों की पहचान और आपराधिक पृष्ठभूमि
मुठभेड़ स्थल पर काबू में किए जाने के बाद पुलिस ने दोनों घायलों को तुरंत एंबुलेंस की मदद से जिला एमएमजी अस्पताल भिजवाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पूछताछ और प्राथमिक सत्यापन के बाद गिरफ्तार आरोपियों की शिनाख्त पूरी की गई। पकड़े गए पहले आरोपी का नाम प्रदीप है, जो श्रीराम का बेटा है और गाजियाबाद के विजय नगर थाना क्षेत्र स्थित सिद्धार्थ विहार की वृंदावन सोसायटी का रहने वाला है।
वहीं दूसरे आरोपी की पहचान मुस्तकीन के तौर पर हुई है, जो मौ. फैज अली का पुत्र है। मुस्तकीन कोतवाली नगर थाना क्षेत्र में न्यू बस अड्डे के पीछे स्थित चमन कॉलोनी की गली नंबर-8, इस्लामनगर का निवासी है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी 17 अक्टूबर को दर्ज कराए गए दुष्कर्म के संगीन मामले में सीधे तौर पर नामजद और वांछित थे तथा गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे।
हाल ही में फॉर्च्यूनर सवार इनामी बदमाश भी हुआ था ढेर
गाजियाबाद कमिश्नरेट में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान बेहद आक्रामक रुख अख्तियार कर चुका है। इस घटना से कुछ ही दिन पूर्व भी गाजियाबाद पुलिस की एक शातिर वाहन चोर के साथ मुठभेड़ हुई थी। वह आरोपी 50 हजार रुपये का इनामी था और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में 100 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज थे।
उस मामले में भी पुलिस चेकिंग कर रही थी, तभी सफेद रंग की फॉर्च्यूनर कार में सवार बदमाशों ने पुलिस के रोकने पर रुकने के बजाय अंधाधुंध गोलियां चलानी शुरू कर दी थीं। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में फॉर्च्यूनर चला रहे मुख्य आरोपी के दोनों पैरों में गोली लगी थी और उसे गिरफ्तार कर लिया गया था, जबकि उसका एक साथी अंधेरे की आड़ लेकर मौके से भाग निकला था। पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि महिलाओं के विरुद्ध अपराध और आदतन अपराधियों के खिलाफ जिले में जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।



















