कानपुर के मोतीझील स्थित लाजपत भवन लॉन में 15 अक्टूबर को आयोजित 'नगाड़ा नाइट' डांडिया कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और एक्ट्रेस अंजलि अरोड़ा की मौजूदगी को लेकर विवाद गहरा गया है। इस पूरे मामले में कार्यक्रम के आयोजकों ने अब पुलिस का दरवाजा खटखटाया है और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। आयोजकों ने अंजलि और उनकी मैनेजर पर वादाखिलाफी और धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगाते हुए स्वरूप नगर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें पैसे रिफंड करने और सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की बात कही गई है।
विवाद की जड़ में है पुराना गाना
इस पूरे हंगामे की शुरुआत उस 'कच्चा बादाम' गाने से हुई, जिसने सोशल मीडिया पर अंजलि अरोड़ा को खासी लोकप्रियता दिलाई थी। आयोजकों के मुताबिक, 15 अक्टूबर को आयोजित इस डांडिया नाइट के दौरान जैसे ही डीजे से गलती से यह गाना बजा, अंजलि बेहद नाराज हो गईं। हालांकि इस गाने को तीन से चार सेकंड के भीतर ही तुरंत बंद करवा दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद वह मंच पर ही अपनी नाराजगी छिपा नहीं पाईं और कुछ ही देर में वहां से चली गईं। इसके बाद उन्होंने आयोजन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए थे।
आयोजकों ने लगाया भारी नुकसान का दावा
कार्यक्रम के आयोजक अनुभव राज और आशीष गुप्ता का कहना है कि जेन जी के बीच अंजलि की लोकप्रियता को देखते हुए लगभग एक महीने तक इसका जोर-शोर से प्रचार किया गया था। उनका दावा है कि इस पूरे घटनाक्रम और तयशुदा गतिविधियों के समय पर पूरा न होने की वजह से उन्हें 15 से 20 लाख रुपये तक का वित्तीय नुकसान झेलना पड़ा है। आयोजकों ने बताया कि वे इस मामले में अदालत का रुख करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। हालांकि, पुलिस की तरफ से अभी तक एफआईआर दर्ज किए जाने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
तय शर्तों और समय को लेकर मतभेद
आयोजकों ने विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि अंजलि के साथ कुल चार गतिविधियां तय की गई थीं, जिनमें परफॉर्मेंस देना, मुख्य अतिथियों को मोमेंटो से सम्मानित करना, दर्शकों से बातचीत करना और आयोजकों के साथ फोटो खिंचवाना शामिल था। लेकिन मंच पर पहुंचने के 10 से 15 मिनट के भीतर ही विवाद शुरू हो गया, जिससे बाकी के सभी कार्यक्रम प्रभावित हो गए। इसके अलावा, अंजलि की फ्लाइट करीब 40 मिनट की देरी से शाम 4:05 बजे कानपुर पहुंची और एयरपोर्ट से बाहर निकलने में भी लगभग 40 मिनट का अतिरिक्त समय लग गया।
देरी और भुगतान को लेकर तनाव
तय कार्यक्रम के अनुसार अंजलि को रात नौ बजे मंच पर आना था, लेकिन वह कार्यक्रम स्थल पर रात करीब 9:45 बजे पहुंचीं। प्रशासन की तरफ से रात दस बजे तक की ही अनुमति होने के कारण आयोजकों के पास समय बहुत कम बचा था। अनुभव राज ने यह भी आरोप लगाया कि अंजलि की मैनेजर की तरफ से भुगतान को लेकर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। उनके मुताबिक, सुरक्षा के तौर पर अंतिम 75 हजार रुपये रोके गए थे जिन्हें कानपुर पहुंचने पर दिया जाना था, लेकिन 15 अक्टूबर की सुबह छह बजे से ही बकाया रकम के लिए लगातार फोन आने लगे थे।
सुरक्षा और प्रबंधन पर था भारी दबाव
आयोजकों ने बताया कि उनकी टीम के चार सदस्यों की फ्लाइट टिकट पहले से बुक थीं, लेकिन बाद में पीआरओ संजय सिंह के लिए भी महंगी टिकट बुक करानी पड़ी। आशीष गुप्ता के अनुसार, कार्यक्रम में करीब 1200 दर्शकों के आने की उम्मीद थी लेकिन लगभग 1500 लोग पहुंच गए, जिससे सुरक्षा कारणों के चलते प्रवेश रोकना पड़ा। व्यवस्था संभालने के लिए 200 से अधिक वॉलंटियर और 50 से ज्यादा बाउंसर तैनात किए गए थे। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दोनों पक्षों के बयानों के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।



















