उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में पुलिस और एक फरार बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ में जितेंद्र उर्फ ढालू मारा गया। पुलिस ने ढालू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था और वह जिले में हुई कई लूट की वारदातों में वांछित था। मुठभेड़ के दौरान हुई गोलीबारी में एक दरोगा और एक सिपाही भी घायल हो गए। गोली लगने के बाद ढालू को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घायल दरोगा और सिपाही का फिलहाल अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने बदमाश के शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी है। मौके से कुछ जेवर और एक ऑटोमेटिक पिस्टल भी बरामद हुई है।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ढालू बदायूं-बिजनौर हाईवे से गुजरते हुए सिविल लाइंस कोतवाली इलाके में आ सकता है। यह मुठभेड़ बहेड़ी गांव में प्रस्तावित जेल के पास हुई। चेकिंग के दौरान जब पुलिस ने उसे रोकने की कोशिश की, तो ढालू ने पुलिस टीम पर सीधे फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी जवाबी गोलीबारी की, जिसमें ढालू बुरी तरह घायल हो गया। उसे तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित किया।
112 दिन पहले हुई थी बड़ी डकैती, तभी से थी पुलिस की तलाश
दरअसल यह पूरा मामला 112 दिन पहले हुई एक बड़ी डकैती से जुड़ा है। 19 मई की रात इस्लामनगर कस्बे में निजाकत नाम के व्यक्ति के घर एक दर्जन से ज्यादा बदमाशों ने धावा बोला था और करीब 19 लाख रुपये नगद व जेवरात लूट लिए थे। वारदात के दौरान बदमाशों ने निजाकत, उनकी बहू, भतीजे समेत परिवार के कई सदस्यों के साथ मारपीट भी की थी। घटना के बाद पुलिस ने बदमाशों को पकड़ने के लिए अभियान शुरू किया। 26 मई को हुई एक मुठभेड़ में पुलिस ने पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया, जिनमें से तीन को गोली लगी थी। इसके बाद दो और बदमाश गिरफ्तार कर जेल भेजे गए, लेकिन मुख्य आरोपी जितेंद्र उर्फ ढालू भागने में कामयाब रहा था। उसी पर बरेली परिक्षेत्र के डीआईजी ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
कौन था जितेंद्र उर्फ ढालू
जितेंद्र उर्फ ढालू मूल रूप से हापुड़ जिले के धौलाना थाना क्षेत्र के गांव बछेड़ा का रहने वाला था। बीते कुछ सालों से वह संभल जिले के बनियाठेर थाना क्षेत्र के गांव जनेटा में रहकर लूट की वारदातों को अंजाम दे रहा था। बदायूं जिले में उस पर तीन डकैती के मुकदमे दर्ज थे और वह इन सभी मामलों में वांछित चल रहा था। बरेली परिक्षेत्र के पुलिस उपमहानिरीक्षक ने जितेंद्र उर्फ जीतू पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था। मारे गए बदमाश के खिलाफ लूट और डकैती जैसी गंभीर धाराओं में करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज थे। उसने गौतमबुद्धनगर, अमरोहा और बदायूं समेत कई जिलों में वारदातों को अंजाम दिया था।
SSP ने बताया, कैसे बरामद हुई पिस्टल और जेवर
बदायूं की एसएसपी अंकिता शर्मा के मुताबिक, एक मुखबिर से सूचना मिली थी कि इनामी बदमाश बाइक से किसी वारदात को अंजाम देने की योजना बनाकर प्रस्तावित जेल के पास मौजूद है। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दी। घिरते ही बदमाश ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें शेखूपुर चौकी प्रभारी नीरज और सिपाही अविनाश को गोली लगी और वे घायल हो गए। पुलिस की जवाबी फायरिंग में बदमाश भी घायल हो गया। उसे गिरफ्तार कर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। एसएसपी ने बताया कि बदमाश के खिलाफ बदायूं, संभल, अमरोहा और हापुड़ समेत कई जिलों में एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे। उसके पास से पुलिस ने ऑटोमेटिक पिस्टल, बाइक और डकैती में लूटे गए कुछ जेवरात बरामद किए हैं।













