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सीमा पर फायरिंग में 12 घायल, मिसिंग छात्र संगठन ने असम-अरुणाचल मार्ग ठप किएअरुणाचल प्रदेश
12 अग॰ 2026, 7:42 pm (2 दिन पहले)· 0

सीमा पर फायरिंग में 12 घायल, मिसिंग छात्र संगठन ने असम-अरुणाचल मार्ग ठप किए

धेमाजी जिले के मिंगमांग बदाती में हुई फायरिंग में 12 लोगों के घायल होने के बाद मिसिंग छात्र संगठन टीएमपीके ने आरोपियों की गिरफ्तारी तक असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के मुख्य रास्ते बंद कर दिए हैं।

असम और अरुणाचल प्रदेश की सीमा पर हुई फायरिंग में एक दर्जन लोगों के घायल होने के बाद मिसिंग समुदाय के सबसे बड़े छात्र संगठन ने बुधवार को दोनों राज्यों के बीच अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया, जिससे सड़क यातायात पूरी तरह ठप पड़ गया।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई

यह तनाव सोमवार को धेमाजी जिले के मिंगमांग बदाती इलाके में शुरू हुआ, जहां दोनों राज्यों की सीमा से सटी एक विवादित जमीन को लेकर झड़प हो गई थी। बताया जा रहा है कि इस झड़प में असम के 12 लोग घायल हुए। तकम मिसिंग पोरिन केबांग, जिसे टीएमपीके के नाम से जाना जाता है, का आरोप है कि अरुणाचल प्रदेश की तरफ से हथियारबंद लोगों ने असम के निहत्थे ग्रामीणों पर गोली चलाई, और संगठन चाहता है कि इसके लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो।

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कौन-कौन से रास्ते बंद हुए

अपनी मांग मनवाने के लिए टीएमपीके के कार्यकर्ता दोनों राज्यों की सीमा से लगे कई इलाकों में उतर आए और वाहनों की आवाजाही रोक दी। इनमें द्वारमुख-बंदरदेवा का हिस्सा, धेमाजी जिले का रुकसिन, लखीमपुर जिले का अलग बंदरदेवा प्वाइंट, गोहपुर का सोलेंगी और बिस्वनाथ का पाभोई शामिल हैं। इन रास्तों के बंद होने से असम और अरुणाचल प्रदेश के बीच चलने वाली यात्री गाड़ियां, मालवाहक वाहन और बाकी ट्रैफिक या तो फंस गया या उसे दूसरे रास्ते खोजने पड़ रहे हैं।

प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है

टीएमपीके की मुख्य मांग साफ है, प्रशासन मिंगमांग बदाती फायरिंग में शामिल हर व्यक्ति की पहचान कर उसे गिरफ्तार करे और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए असम पुलिस के हवाले करे। संगठन ने साफ कह दिया है कि जब तक गिरफ्तारियां नहीं होतीं, नाकेबंदी जारी रहेगी, यानी जब तक मामला नहीं सुलझता, दोनों राज्यों के बीच आवाजाही पर असर बना रह सकता है।

जांच और सरकार का रुख

असम पुलिस ने फायरिंग मामले की जांच शुरू कर दी है और जांच आगे बढ़ने पर अरुणाचल प्रदेश पुलिस से भी तालमेल किए जाने की उम्मीद है। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने राज्य के मुख्य सचिव, डीजीपी और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों को पूरे मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं। सरमा का कहना है कि यह घटना स्थानीय जमीन विवाद से जुड़ी है और इसे असम-अरुणाचल प्रदेश के बीच टकराव के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।

सवाल-जवाब

फायरिंग की घटना कैसे हुई?
सोमवार को धेमाजी जिले के मिंगमांग बदाती में असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा पर जमीन के कथित अतिक्रमण को लेकर विवाद के बीच फायरिंग हुई।
इसमें कितने लोग घायल हुए?
असम के 12 लोगों के घायल होने की खबर है।
नाकेबंदी किसने बुलाई है?
मिसिंग समुदाय की सबसे बड़ी छात्र संस्था तकम मिसिंग पोरिन केबांग (टीएमपीके) ने यह नाकेबंदी बुलाई है।
कौन-कौन से रास्ते प्रभावित हैं?
द्वारमुख-बंदरदेवा, धेमाजी का रुकसिन, लखीमपुर का बंदरदेवा, गोहपुर का सोलेंगी और बिस्वनाथ का पाभोई मार्ग प्रभावित हैं।
प्रदर्शनकारियों की मांग क्या है?
वे फायरिंग के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान, गिरफ्तारी और असम पुलिस को सौंपे जाने की मांग कर रहे हैं।
नाकेबंदी कब तक चलेगी?
प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, जब तक मिंगमांग बदाती मामले के आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक नाकेबंदी जारी रहेगी।
असम सरकार ने क्या कहा है?
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने मुख्य सचिव, डीजीपी और वरिष्ठ अधिकारियों को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं और इसे स्थानीय जमीन विवाद बताया है, न कि असम-अरुणाचल प्रदेश के बीच टकराव।
क्या इस मामले की जांच हो रही है?
हां, असम पुलिस जांच कर रही है और आगे अरुणाचल प्रदेश पुलिस के साथ तालमेल की उम्मीद है।
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