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नेपाल की विनाशकारी बाढ़ का प्रभाव उत्तर प्रदेश में दिखा, गंडक नदी से तीन शव बरामद, महाराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन मुस्तैदउत्तर प्रदेश
28 अग॰ 2026, 9:10 am (1 दिन पहले)· 1

नेपाल की विनाशकारी बाढ़ का प्रभाव उत्तर प्रदेश में दिखा, गंडक नदी से तीन शव बरामद, महाराजगंज और कुशीनगर में प्रशासन मुस्तैद

नेपाल में आई भीषण बाढ़ के कारण गंडक नदी के तेज बहाव में बहकर तीन शव उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में पहुंच गए हैं। बिगड़ते हालात को देखते हुए महाराजगंज और कुशीनगर में हाई अलर्ट जारी किया गया है।

नेपाल में आई भयानक जल प्रलय का असर अब भारतीय सीमा से सटे उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। गुरुवार की सुबह महाराजगंज जिले के निचलौल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले टेलफाल गांव के पास उफनती गंडक नदी में तीन अज्ञात मानव शव तैरते पाए गए, जिससे पूरे इलाके में अफरा तफरी फैल गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), राज्य आपदा मोचन बल (एसडीआरएफ) तथा निचलौल पुलिस की संयुक्त टीमें राहत सामग्री व आपदा उपकरणों के साथ किनारे पर पहुंचीं। नदी के अत्यधिक तेज बहाव और विकराल धाराओं के बावजूद सुरक्षा बलों ने मोटरबोट की मदद से साहसिक अभियान चलाया और तीनों शवों को नदी से सुरक्षित बाहर निकालकर किनारे तक पहुंचाया।

शवों की बरामदगी और शिनाख्त के प्रयास

सुरक्षा बलों द्वारा नदी से निकाले गए तीन शवों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। प्राथमिक जांच और परिस्थितियों के आधार पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि तीनों व्यक्ति नेपाल में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन की आपदा में बह गए थे और गंडक नदी के तेज प्रवाह के साथ भारतीय सीमा में प्रवेश कर गए। रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने के तुरंत बाद तीनों शवों को एम्बुलेंस के माध्यम से जिला मुख्यालय स्थित मर्चरी हाउस भेज दिया गया। स्थानीय पुलिस प्रशासन शवों की पहचान स्थापित करने की प्रक्रिया में जुटा हुआ है। इसके साथ ही भारतीय अधिकारी नेपाल के सीमावर्ती प्रशासनिक अधिकारियों से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं ताकि मृतकों के संबंध में जानकारी जुटाकर शिनाख्त सुनिश्चित की जा सके।

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नदी तटों पर निरंतर चौकसी और उच्च अधिकारियों का निरीक्षण

रेस्क्यू अभियान के दौरान एसएसबी के इंस्पेक्टर अरुण पांडेय ने जानकारी दी कि नेपाल की तरफ से बहकर आए तीन शवों को सफलतापूर्वक बाहर निकाल लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि नदी के अत्यधिक जलस्तर और तेज बहाव को देखते हुए आने वाले समय में और भी शवों के बहकर आने की प्रबल आशंका बनी हुई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए महाराजगंज के जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने गुरुवार सुबह स्वयं संवेदनशील तटीय इलाकों का दौरा किया। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय पुलिस को नदी के जलस्तर पर चौबीसों घंटे निगरानी रखने और तटीय बस्तियों में गश्त बढ़ाने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासन का हाई अलर्ट

नेपाल के जलग्रहण क्षेत्रों में जारी भारी तबाही के कारण उत्तर प्रदेश के महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में प्रशासनिक अमले को हाई अलर्ट पर रखा गया है। नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकि गंडक बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण कुशीनगर क्षेत्र में नारायणी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बाढ़ के खतरे को देखते हुए कुशीनगर और महाराजगंज जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने नारायणी नदी के बांधों और संवेदनशील इलाकों का मौके पर जाकर निरीक्षण किया और बाढ़ बचाव तैयारियों की व्यापक समीक्षा की।

नेपाल में राहत कार्य और हेल्पलाइन नंबर की शुरुआत

पड़ोसी देश नेपाल में बिगड़े हालात को देखते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विशेष निर्देशों के तहत राज्य सरकार ने नेपाल में बचाव एवं राहत कार्यों में सहायता के लिए 32 सदस्यीय एसडीआरएफ की पलटन और 22 पीएसी जवानों को तैनात किया है। इसके अतिरिक्त आपातकालीन सहायता के लिए एक और एसडीआरएफ पलटन के साथ चार रबड़ बोट और एक एल्युमीनियम बोट भी नेपाल रवाना की जा रही है। उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त का राज्यस्तरीय नियंत्रण कक्ष सीमावर्ती जिलों की स्थिति पर पल-पल नजर रख रहा है। नेपाल के प्रभावित इलाकों में फंसे उत्तर प्रदेश के नागरिकों के चिंतित परिजन किसी भी जानकारी या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर 1070 पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं।

सवाल-जवाब

महाराजगंज के गंडक नदी क्षेत्र से कुल कितने शव बरामद किए गए हैं?
निचलौल के टेलफाल क्षेत्र में गंडक नदी से कुल तीन शव (दो महिलाएं और एक पुरुष) बरामद किए गए हैं।
शवों को निकालने के बाद प्रशासन ने क्या कदम उठाए हैं?
शवों को एम्बुलेंस से जिला मुख्यालय मर्चरी हाउस भेज दिया गया है और नेपाल के अधिकारियों से संपर्क कर पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के किन जिलों में हाई अलर्ट घोषित किया गया है?
नेपाल की बाढ़ और वाल्मीकि गंडक बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण महाराजगंज और कुशीनगर जिलों में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
नेपाल में फंसे नागरिकों की सहायता के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है?
फंसे हुए नागरिकों के परिजन उत्तर प्रदेश राहत आयुक्त नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·1 दिन पहले

नेपाल की आपदा का यह सीमावर्ती असर इस बात का प्रमाण है कि भारत-नेपाल के बीच साझा नदी बेसिन प्रबंधन और त्वरित डेटा-साझाकरण प्रणाली कितनी जरूरी है। वाल्मीकि बैराज से भारी पानी छोड़े जाने और गंडक के तेज बहाव से महाराजगंज व कुशीनगर के तटीय गांवों पर मंडराता खतरा सिर्फ एक आपदा नहीं, बल्कि स्थायी अंतर-राज्यीय और सीमापारीय जल-कूटनीति की मांग करता है। जिला प्रशासन की चौकसी सराहनीय है, लेकिन निचले इलाकों में बाढ़ और कटाव रोकने के लिए जमीनी स्तर पर दीर्घकालिक रणनीतिक योजना और मजबूत तटबंध निगरानी की सख्त आवश्यकता है ताकि जनहानि रोकी जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·1 दिन पहले

यह घटना न केवल सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और आपदा प्रबंधन एजेंसियों के बीच त्वरित समन्वय की मांग करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि जलस्तर में अचानक वृद्धि से फॉरेंसिक और शिनाख्त की प्रक्रिया कितनी जटिल हो जाती है। जब जलधारा के साथ सीमा पार से ऐसे मामले सामने आते हैं, तो जिला प्रशासन और पुलिस को डीएनए सैंपलिंग तथा मर्चरी प्रबंधन जैसे कानूनी और चिकित्सीय पहलुओं पर भी विशेष सतर्कता बरतनी होगी ताकि अज्ञात शवों की कानूनी पहचान सुनिश्चित की जा सके।

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