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कानपुर के पुरवामीर में घर का आंगन धंसा, 20 फीट गहरे गड्ढे में समाई 18 वर्षीय यशी, NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारीउत्तर प्रदेश
28 अग॰ 2026, 1:49 pm (62 दिन पहले)· 2

कानपुर के पुरवामीर में घर का आंगन धंसा, 20 फीट गहरे गड्ढे में समाई 18 वर्षीय यशी, NDRF और SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन जारी

उत्तर प्रदेश के कानपुर स्थित पुरवामीर गांव में रक्षाबंधन की तैयारियों के दौरान घर का आंगन अचानक धंस गया, जिससे 18 वर्षीय यशी 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई। मौके पर NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं।

उत्तर प्रदेश के कानपुर जिला अंतर्गत महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर गांव में शुक्रवार की सुबह एक अत्यंत खौफनाक दुर्घटना घटी। अपने घर के भीतर रक्षाबंधन त्यौहार की तैयारियों में लगी एक 18 वर्षीय युवती के पैरों तले अचानक पक्की जमीन खिसक गई। घर का पक्का आंगन ताश के पत्तों की तरह ढह गया और देखते ही देखते युवती यशी लगभग 20 फीट गहरे अंधेरे गड्ढे में जा समाई। इस अचानक हुई घटना से मकान के भीतर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। परिजनों के रोने-चिल्लाने की आवाजें सुनकर आसपास रहने वाले तमाम ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे और तुरंत स्थानीय महाराजपुर थाना पुलिस एवं राहत एजेंसियों को आपातकालीन सूचना दी।

पूजा की तैयारी के बीच अचानक ढहा मकान का आंगन

हादसे का शिकार हुई युवती यशी के परिजनों ने बताया कि घर में सुबह से ही रक्षाबंधन पर्व को लेकर खुशियों भरा माहौल था। यशी सुबह स्नान करने के बाद बाथरूम से बाहर निकली ही थी। वह धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजन सामग्री की थाली तैयार कर गांव स्थित कजलिया तालाब पर जाने की योजना बना रही थी। इसी दौरान महज दो से तीन सेकंड के भीतर आंगन का एक बड़ा हिस्सा अचानक धंस गया। यशी को वहां से हटने या खुद को संभालने का जरा सा भी मौका नहीं मिल सका और वह सीधे 20 फीट गहराई में चले गए गड्ढे के भीतर गिर गई।

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राहत कार्य में जमीन की कमजोरी बनी चुनौती, बरामदा गिराया गया

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर पहुंची महाराजपुर पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए दमकल विभाग, NDRF और SDRF की विशेष रेस्क्यू टीमों को तुरंत मौके पर तलब किया। राहतकर्मियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह थी कि गड्ढे के आसपास मौजूद बाकी जमीन भी काफी कमजोर और जर्जर स्थिति में दिख रही थी। किसी भी प्रकार की भारी मशीनरी का सीधा प्रयोग दोबारा मिट्टी खिसका सकता था और रेस्क्यू दल के लिए भी खतरा बन सकता था। इसीलिए बेहद सावधानी बरतते हुए बचाव दल ने सबसे पहले मकान के बरामदे के एक हिस्से को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। इसके बाद JCB मशीन की सहायता से गड्ढे के किनारे-किनारे खुदाई करके युवती तक सुरक्षित पहुंचने का वैकल्पिक रास्ता तैयार किया जा रहा है।

तीन साल पुरानी बोरिंग और बारिश के रिसाव पर गहराया शक

युवती के पिता विनोद सविता ने घटना के संभावित कारणों की जानकारी देते हुए बताया कि करीब तीन साल पहले उन्होंने अपने मकान के आंगन में पानी के लिए बोरवेल की बोरिंग कराई थी। हालांकि उस वक्त वह बोरिंग असफल साबित हुई थी और उसमें पानी नहीं निकल पाया था। इसके पश्चात परिजनों ने मकान के बाहर दूसरी जगह नई बोरिंग करवाई थी। परिजनों को आशंका है कि घर के भीतर कराई गई पुरानी निष्प्रयोज्य बोरिंग के कारण जमीन की गहराई में एक बड़ा खोखलापन या सुरंग जैसी जगह बनी रह गई थी। हाल के दिनों में हुई तेज और लगातार बारिश का पानी फर्श के नीचे तक चला गया, जिससे भूमिगत मिट्टी पूरी तरह गलकर बह गई और ऊपर की जमीन कमजोर होकर अचानक धंस गई। हालांकि प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वास्तविक तकनीकी कारणों का पता रेस्क्यू पूरा होने के बाद विशेषज्ञों की जांच से ही चल पाएगा।

गांव में पसरा सन्नाटा, NDRF-SDRF का रेस्क्यू जारी

फिलहाल घटना स्थल पर NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की कई टीमें भारी मशीनों के साथ लगातार बचाव अभियान चला रही हैं। गांव पुरवामीर में इस दुखद हादसे के बाद से ही भारी तनाव का माहौल है और सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ घटनास्थल पर जमी हुई है। परिजन और ग्रामीण यशी के सकुशल बाहर निकलने के लिए लगातार प्रार्थनाएं कर रहे हैं। जिले के आला अधिकारी मौके पर रहकर हर पल की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि 20 फीट गहरे गड्ढे में फंसी यशी को बिना किसी और नुकसान के कितनी जल्दी बाहर निकाला जा सके।

सवाल-जवाब

यह हादसा कहां और कब हुआ?
यह घटना उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के महाराजपुर थाना क्षेत्र स्थित पुरवामीर गांव में शुक्रवार सुबह हुई।
20 फीट गहरे गड्ढे में कौन गिरा है?
18 वर्षीय यशी अपने घर के आंगन में जमीन धंसने के कारण 20 फीट गहरे गड्ढे में गिर गई।
हादसा किस समय और क्या करते वक्त हुआ?
यशी सुबह स्नान करने के बाद रक्षाबंधन पूजन सामग्री लेकर कजलिया तालाब जाने की तैयारी कर रही थी, तभी आंगन की जमीन धंस गई।
जमीन धंसने का मुख्य कारण क्या माना जा रहा है?
करीब तीन साल पहले घर के अंदर की गई असफल बोरिंग और लगातार बारिश से मिट्टी कमजोर होना इसकी मुख्य वजह माना जा रहा है।
युवती को बचाने के लिए कौन-सी टीमें तैनात हैं?
NDRF, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें JCB मशीन की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान घर में क्या बदलाव किया गया?
राहत दल ने गड्ढे तक पहुंचने और JCB से खुदाई का रास्ता बनाने के लिए घर के बरामदे का एक हिस्सा गिरा दिया।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·61 दिन पहले

कानपुर के पुरवामीर गांव की यह घटना ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में पुरानी, असफल बोरिंग और अनियंत्रित जल रिसाव के कारण होने वाले भूमिगत क्षरण की एक गंभीर समस्या को उजागर करती है। यह हादसा सिर्फ एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना नहीं, बल्कि इस बात की चेतावनी है कि मानसून के दौरान इस तरह की भूगर्भीय कमजोरियों की पहचान और त्वरित ऑडिट कितनी जरूरी है। आगे चलकर प्रशासन को ऐसी अप्रयुक्त बोरिंगों को वैज्ञानिक तरीके से भरने के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी करने चाहिए ताकि ऐसे हादसों की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·61 दिन पहले

यह घटना न केवल बचाव और राहत एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती है, बल्कि नगर नियोजन और ग्रामीण भू-संरचना पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है। इस तरह के हादसों से बचने के लिए यह आवश्यक है कि स्थानीय प्रशासन अप्रयुक्त बोरिंगों की सूची तैयार करे और मानसून से पहले ऐसे जोखिम भरे क्षेत्रों में तकनीकी सर्वे अनिवार्य किया जाए।

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