उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में रक्षाबंधन के पावन पर्व पर एक अत्यंत कारुणिक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है। कैलिया थाना क्षेत्र के करियावली गांव में स्थित एक कृषि खेत में बने गहरे कुएं से समरसेबल मोटर निकालते समय दो सगे भाइयों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई। 28 अगस्त की सुबह घटी इस दुखद घटना से पूरे क्षेत्र में त्यौहार की खुशियां पल भर में मातम में बदल गईं। दोनों भाई सिंचाई मोटर को जलभराव से बचाने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन कुएं के भीतर जमा हुई जहरीली गैस की चपेट में आकर अचेत हो गए और गहरे जल में समा गए।
कृषि कुएं में जलभराव और सिंचाई उपकरण बचाने की कवायद
जालौन के उरई जिला मुख्यालय से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर बसा करियावली गांव इस समय शोक में डूबा हुआ है। गांव के निवासी 65 वर्षीय फूल सिंह कुशवाहा और उनके छोटे भाई 55 वर्षीय रामलखन कुशवाहा लंबे समय से एक ही पुश्तैनी मकान में अपने संयुक्त परिवार के साथ रहते थे। दोनों भाइयों का जीवन पूरी तरह खेती-बाड़ी और पशुपालन पर निर्भर था, जिसके जरिए वे अपने पूरे परिवार का पालन-पोषण करते आ रहे थे। गांव की सीमा के बाहर उनका कृषि खेत स्थित है, जहां फसलों की सिंचाई की सुविधा के लिए लगभग 60 फीट गहरा कुआं बना हुआ है। इस कुएं में भूजल और सिंचाई के पानी को खींचने के लिए एक भारी समरसेबल मोटर स्थापित की गई थी।
हाल ही में क्षेत्र में हुई जोरदार मानसूनी बारिश के कारण खेत में बने कुएं का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से काफी ऊपर आ गया था। लगातार बढ़ते पानी के कारण कुएं में लगी समरसेबल मोटर पूरी तरह डूबने लगी थी, जिससे उसके खराब होने का खतरा पैदा हो गया था। इसी मोटर को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए 28 अगस्त की सुबह करीब 8 बजे फूल सिंह और रामलखन अपने खेत पर पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ परिवार के दो छोटे पोते भी खेत में मौजूद थे। योजना के अनुसार, बड़े भाई फूल सिंह कुशवाहा एक मजबूत रस्सी का सहारा लेकर 60 फीट गहरे कुएं में नीचे उतरने लगे।
विषाक्त गैस का हमला और भाई को बचाने की निष्फल कोशिश
कुएं की गहराई में पहुंचते ही फूल सिंह का संतुलन अचानक बिगड़ गया और वे बिना कोई प्रतिक्रिया दिए सीधे पानी में जा गिरे। परिजनों और ग्रामीणों का मानना है कि मानसून के दौरान बंद पड़े गहरे कुओं के निचले हिस्से में अक्सर कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य दम घोटने वाली विषैली गैसें एकत्र हो जाती हैं। हवा का प्रवाह न होने से वहां ऑक्सीजन का स्तर शून्य के करीब पहुंच जाता है। कुएं में नीचे उतरते ही फूल सिंह इसी जानलेवा गैस की चपेट में आ गए और चंद सेकंड में अचेत हो गए।
कुएं के मुहाने पर खड़े छोटे भाई रामलखन कुशवाहा ने जब अपने बड़े भाई को पानी में डूबते और तड़पते देखा, तो वे अपनी सुरक्षा की परवाह किए बगैर उन्हें बचाने के लिए कुएं में कूद पड़े। दुर्भाग्य से, कुएं के भीतर फैली जहरीली गैस इतनी सघन थी कि रामलखन भी नीचे पहुंचते ही तुरंत बेहोश हो गए। देखते ही देखते दोनों भाई गहरे जल में डूब गए। कुएं के बाहर मौजूद दोनों मासूम पोतों ने अपने दादाओं को इस हालत में देखकर चीखना-चिल्लाना शुरू किया, जिसकी आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके की ओर दौड़े।
प्रशासनिक बचाव अभियान, कठिनाइयां और शवों की बरामदगी
घटनास्थल पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब कुएं के भीतर झांका, तो उन्हें दोनों भाइयों के शरीर पानी में असहाय अवस्था में दिखाई दिए। ग्रामीणों ने बिना देर किए घटना की जानकारी स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को दी। सूचना मिलते ही कैलिया थाना प्रभारी अवनीश पटेल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आपातकालीन सेवा डायल-112 और फायर ब्रिगेड की रेस्क्यू टीम को भी तत्काल घटनास्थल पर बुलाया गया।
कुएं की 60 फीट की अत्यधिक गहराई और बारिश के कारण लबालब भरे पानी की वजह से बचाव अभियान चलाने में रेस्क्यू टीम को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दमकलकर्मियों और स्थानीय ग्रामीणों ने भारी मशक्कत और घंटों के कड़े प्रयासों के बाद कांटों और रस्सियों की मदद से दोनों भाइयों के शवों को बाहर निकाला। पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। कैलिया थाना पुलिस घटना के विस्तृत कारणों की जांच में जुटी है।
रक्षाबंधन पर गांव पहुंची बहन और परिवार में पसरा मातम
मृतक फूल सिंह और रामलखन तीन बहनों के भाई थे। रक्षाबंधन के विशेष अवसर पर उनकी बहन अन्नू अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने और उनके दीर्घायु जीवन की कामना करने के लिए मायके आ रही थीं। वे दोपहर करीब 12:30 बजे हंसी-खुशी करियावली गांव पहुंचीं, लेकिन गांव पहुंचते ही उन पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। तब तक दोनों भाइयों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा चुका था।
जिस त्यौहार पर बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र की दुआ मांगती हैं, उसी दिन अन्नू को अपने दोनों सगे भाइयों के इस दुनिया से चले जाने का दर्दनाक समाचार मिला। इस भीषण त्रासदी से पूरे करियावली गांव में मातम छा गया है और पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।



















