लखनऊ से लेकर नोएडा और बनारस तक उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल एक बार फिर बदल गई है. भीषण गर्मी और उमस झेल रहे लोगों को बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन कमजोर पड़ते मानसून ने मौसम विभाग को 6 जुलाई के लिए बड़ा अलर्ट जारी करने पर मजबूर कर दिया है. मौसम विभाग यानी आईएमडी और मौसम केंद्र लखनऊ के मुताबिक प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में तेज बारिश का सिलसिला बना रहेगा, जबकि कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है.
55 जिलों में येलो अलर्ट, तेज हवाओं का खतरा
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार 6 जुलाई को उत्तर प्रदेश के 55 जिलों में भारी बारिश, मेघगर्जन और वज्रपात को लेकर येलो अलर्ट जारी किया गया है. प्रशासन ने लोगों से पूरी सतर्कता बरतने की अपील की है. पश्चिमी और पूर्वी यूपी के इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है. हवाओं के साथ आने वाली यह बारिश आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर सकती है, इसलिए लोगों को खुले में निकलने से पहले सतर्क रहने को कहा गया है.
सबसे ज्यादा खतरे वाले जिलों की पूरी लिस्ट
मौसम केंद्र लखनऊ ने जिन जिलों में मेघगर्जन और वज्रपात की आशंका सबसे ज्यादा बताई है, उनमें बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, संत रविदास नगर, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, कन्नौज, कानपुर देहात, कानपुर नगर, उन्नाव, लखनऊ, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या और अंबेडकर नगर शामिल हैं. इसके अलावा सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतम बुद्ध नगर यानी नोएडा, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर तथा इनके आसपास के इलाकों में भी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है. यानी पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड, लगभग हर इलाका इस अलर्ट की जद में है.
प्रशासन की एडवाइजरी, सावधानी से बचेगी जान
प्रशासन ने आम जनता के लिए विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए कहा है कि बारिश और आंधी-तूफान के दौरान बिना किसी जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें. खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में किसानों और मजदूरों से अपील की गई है कि आसमान में काले बादल छाते ही और बिजली कड़कते ही खेतों का काम तुरंत छोड़ दें. यह भी हिदायत दी गई है कि किसी भी सूरत में पेड़ों के नीचे या जर्जर और कच्चे मकानों के पास शरण न ली जाए, क्योंकि आकाशीय बिजली अक्सर इन्हीं जगहों पर गिरती है.
शहरों में जलभराव और जाम की चुनौती
लगातार हो रही बारिश के चलते उत्तर प्रदेश के कई बड़े शहरों में सड़कों पर पानी भरने लगा है, जिससे आवाजाही मुश्किल हो गई है. अगर 6 जुलाई को दफ्तर जाने या किसी जरूरी यात्रा पर निकलने की योजना है, तो साथ में छाता या रेनकोट रखना न भूलें. घर से निकलने से पहले रास्तों और ट्रैफिक जाम की स्थिति जरूर जान लें और मौसम के हर अपडेट पर नजर बनाए रखें, क्योंकि थोड़ी सी सावधानी किसी बड़ी परेशानी या हादसे से बचा सकती है.













