उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में बुधवार को गणेश उत्सव के दौरान एक अत्यंत दर्दनाक दुर्घटना सामने आई। शहर कोतवाली इलाके में स्थित पंजाबी धर्मशाला के आंगन में गणेश उत्सव का भव्य आयोजन चल रहा था, जहां बड़ी संख्या में लोग दोपहर की मंगल आरती में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। इसी दौरान ऊपर से अचानक भारी रेलिंग और छज्जा नीचे खड़े श्रद्धालुओं पर भरभराकर गिर पड़ा। इस अप्रत्याशित हादसे में दो महिला श्रद्धालुओं की जान चली गई, जबकि लगभग 30 से 35 लोग मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। हादसे के बाद पूरे परिसर में चीख-पुकार और भगदड़ मच गई।
आरती की तैयारी के बीच अचानक हुआ हादसा
पंजाबी धर्मशाला के खुले आंगन में गणेश महोत्सव के उपलक्ष्य में लगभग डेढ़ फीट ऊंची भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित की गई थी। बुधवार को स्थानीय श्रद्धालु रोज की तरह पूजा-अर्चना और दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। दोपहर करीब 12.30 बजे मंगल आरती की तैयारियां पूरी की जा रही थीं और काफी संख्या में महिलाएं तथा पुरुष आंगन में जमा थे। माहौल पूरी तरह भक्तिमय था, लेकिन अचानक चीखों और भारी मलबे के गिरने की गड़गड़ाहट से पूरा इलाका दहल उठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पलक झपकते ही रेलिंग और कंक्रीट का हिस्सा नीचे खड़े लोगों पर आ गिरा, जिससे कई लोग सीधे मलबे के नीचे दब गए।
तिरपाल पर जमा बारिश का पानी बना हादसे की वजह
इस हादसे के पीछे का कारण भारी बारिश और जलभराव का अत्यधिक वजन बताया जा रहा है। आयोजन स्थल को भीगने से बचाने के लिए आयोजकों ने तीसरी मंजिल की रेलिंग और छज्जे के सहारे बरसाती तिरपाल बांध रखी थी। आरती के समय अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। आंगन के ऊपर तनी हुई तिरपाल पर लगातार बारिश का पानी जमा होने लगा। पानी का भार इतना अधिक बढ़ गया कि तीसरी मंजिल की रेलिंग उस भारी खिंचाव को झेल नहीं पाई। नतीजतन, रेलिंग तिरपाल के साथ टूट गई और नीचे पूजा कर रहे लोगों के ऊपर आ गिरी।
स्थानीय लोगों का बचाव अभियान और दो महिलाओं की मौत
दुर्घटना होते ही पंजाबी धर्मशाला के आसपास रहने वाले स्थानीय नागरिक बिना समय गंवाए मौके पर पहुंचे और तुरंत बचाव कार्य शुरू किया। लोगों ने मलबे के नीचे दबे घायलों को बाहर निकाला और वाहनों के जरिए आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने 60 वर्षीय उमा कपूर को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से जख्मी कई अन्य श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए लखनऊ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान एक और महिला श्रद्धालु नीति मेहरोत्रा ने दम तोड़ दिया। मलबे से निकाले गए अन्य घायलों का उपचार विभिन्न चिकित्सा केंद्रों में चल रहा है।
प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा, जांच के आदेश
घटना की जानकारी मिलते ही जिले के प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। डीएम राजा गणपति आर, एसपी अंकुर अग्रवाल और एडीएम आयुष चौधरी सहित वरिष्ठ अधिकारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद अधिकारियों ने जिला अस्पताल पहुंचकर उपचाराधीन श्रद्धालुओं की स्थिति का जायजा लिया और चिकित्सकों को उचित निर्देश दिए। डीएम राजा गणपति आर ने बताया कि इस घटना में आठ लोग गंभीर रूप से जख्मी हुए हैं, जिनमें से एक अत्यंत नाजुक स्थिति वाले मरीज को लखनऊ भेजा गया है। पुलिस और प्रशासनिक टीम पूरे मामले के तकनीकी व सुरक्षा कारणों की विस्तृत जांच कर रही है।



















