छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में गणेश उत्सव के दौरान एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि पर हमले की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। रायपुर नगर निगम के वार्ड क्रमांक 19 से भारतीय जनता पार्टी के पार्षद प्रीतम ठाकुर पर दो अज्ञात बाइक सवार लड़कों ने हमला कर दिया। मामूली कहासुनी के बाद शुरू हुआ विवाद इस कदर बढ़ गया कि हमलावरों ने पार्षद के साथ हाथापाई की और उनकी कार पर ताबड़तोड़ पत्थर बरसा दिए। घटना के तुरंत बाद पार्षद ने कोतवाली थाने पहुंचकर पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
गणेश दर्शन के लिए निकलते ही किया गया पीछा
पार्षद प्रीतम ठाकुर ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि वे गणेश उत्सव के पावन अवसर पर पंडालों में दर्शन के लिए निकले थे। इसी दौरान दो अज्ञात युवक मोटरसाइकिल पर सवार होकर लगातार उनकी गाड़ी का पीछा कर रहे थे। बैरनबाजार स्थित बाठिया नर्सिंग होम के करीब पहुंचते ही इन युवकों ने अचानक उनकी कार को जबरन रुकवा लिया। कार रुकते ही दोनों लड़कों ने पार्षद के साथ गाली-गलौज और अभद्रता शुरू कर दी, जिसके बाद मामला मारपीट में तब्दील हो गया।
नशे में धुत थे हमलावर, गाड़ी पर किया पथराव
पार्षद ने आरोप लगाया कि उन पर हमला करने वाले दोनों लड़के गंभीर रूप से नशे की हालत में थे। उनके पास धारदार हथियार जैसी संदिग्ध वस्तुएं भी मौजूद थीं। जब स्थिति बिगड़ने लगी तो हमलावरों ने सड़क किनारे से पत्थर उठाकर पार्षद की कार पर जोरदार हमला कर दिया, जिससे वाहन को नुकसान पहुंचा। शोरगुल सुनकर आसपास के स्थानीय लोग मौके पर एकत्र होने लगे और मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस को सूचित किया। लोगों का हुजूम जुटता देख दोनों आरोपी मौके का फायदा उठाकर अपनी बाइक से फरार हो गए।
कोतवाली थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर
वारदात के फौरन बाद पार्षद प्रीतम ठाकुर कोतवाली थाने पहुंचे और घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कराई। उन्होंने दावा किया कि पूरी घटना थाने के ठीक सामने के इलाके में घटित हुई, जो सुरक्षा व्यवस्था की हकीकत बयां करती है। पार्षद ने पुलिस प्रशासन को घटना की पूरी जानकारी सौंपते हुए दोनों फरार हमलावरों की पहचान कर उन्हें तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है।
कानून व्यवस्था और बढ़ते नशे पर पार्षद ने उठाए सवाल
इस पूरे मामले को लेकर पार्षद प्रीतम ठाकुर ने शहर में तेजी से पैर पसार रहे नशे के कारोबार और बिगड़ती कानून व्यवस्था पर गंभीर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि जब एक चुने हुए जनप्रतिनिधि के साथ थाने के इतने नजदीक ऐसी वारदात हो सकती है, तो आम नागरिकों की सुरक्षा का क्या हाल होगा। पार्षद ने आरोप लगाया कि नशेड़ी युवक शहर में बेखौफ होकर घूम रहे हैं और शहर में कानून की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ऐसे असामाजिक तत्वों को संरक्षण मिल रहा है। इस पूरे मामले में अब तक स्थानीय पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।





















