उत्तर प्रदेश में मानसून की एंट्री तो हो चुकी है, लेकिन बारिश की रफ्तार फिलहाल थम गई है। मौसम विभाग के मुताबिक पिछले तीन दिनों से राज्य में मानसूनी गतिविधियां काफी कम देखने को मिल रही हैं। हालांकि मध्य प्रदेश से सटे जिलों में बारिश की संभावना बनी हुई है, जबकि बाकी जिलों में बादल छाए रहेंगे और कहीं कहीं हल्की बूंदाबांदी भी होती रहेगी।
30 जून को हुई थी मानसून की एंट्री, फिर अचानक सुस्त पड़ा सिस्टम
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार उत्तर प्रदेश में 30 जून को मानसून ने दस्तक दी थी। इसके बाद मानसून ने तेजी पकड़ी और इसका नतीजा यह रहा कि 2 जुलाई को राज्य के ज्यादातर जिलों में जमकर बारिश हुई। लेकिन उत्तरी ओडिशा तट के पास उत्तर पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में एक निम्न दाब क्षेत्र बन गया, जिसके प्रभाव से मौसम अपनी मौजूदा स्थिति से दक्षिण की ओर खिसक गया। यही वजह है कि अब राज्य में कोई सक्रिय मौसमी सिस्टम नहीं बचा है।
वैज्ञानिक बोले, सोमवार तक कमजोर रहेगा मानसून, मंगलवार से पकड़ेगा रफ्तार
वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक सोमवार तक प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां कमजोर बनी रहेंगी। उन्होंने बताया कि मंगलवार से मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ सकता है। फिलहाल राज्य के दक्षिणी हिस्से और उससे सटे जिलों में ही बारिश दर्ज हो रही है, जबकि बाकी इलाकों में मानसूनी गतिविधियां सीमित रहेंगी। साथ ही तापमान में आंशिक बढ़ोतरी भी दर्ज हो सकती है।
प्रयागराज, अयोध्या, वाराणसी समेत कई जिलों में गर्म दिन का यलो अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी ने अपने पूर्वानुमान में प्रयागराज, मिर्जापुर, लखनऊ, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, गोंडा, अयोध्या, सुल्तानपुर, अमेठी, बहराइच और श्रावस्ती में गर्म दिन को लेकर यलो अलर्ट जारी किया है।
पश्चिमी और बुंदेलखंड के जिलों में आंधी-बारिश का यलो अलर्ट
वहीं दूसरी तरफ सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बिजनौर, मेरठ, ज्योतिबाफुले नगर, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, पीलीभीत, रामपुर, झांसी, महोबा और ललितपुर जिलों में आंधी-तूफान और बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। यानी राज्य के एक हिस्से में जहां गर्मी परेशान करेगी, वहीं दूसरे हिस्से में आंधी और बारिश का खतरा बना रहेगा।













