उत्तर प्रदेश के प्रमुख रेलवे जंक्शनों में शामिल कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाई जा रही सतर्कता मुहिम को बड़ी कामयाबी मिली है। रेलवे पुलिस बल (आरपीएफ) और सरकारी रेलवे पुलिस (जीआरपी) की एक संयुक्त गश्ती टीम ने स्टेशन परिसर के कैंट साइड में संदिग्ध अवस्था में घूम रहे एक व्यक्ति को दबोचा। आरोपी के पास मौजूद एक भारी ट्रॉली बैग की तलाशी लेने पर 13 किलो 650 ग्राम उच्च गुणवत्ता का गांजा बरामद किया गया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में जप्त किए गए इस मादक पदार्थ का अनुमानित मूल्य 15 लाख रुपये से अधिक आंका गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
सुलभ शौचालय के पीछे पीपल के पेड़ के नीचे पकड़ा गया आरोपी
यह पूरी कार्रवाई 20 अगस्त 2026 की देर रात करीब 12 बजकर 40 मिनट पर अंजाम दी गई। उस समय रेलवे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जीआरपी और आरपीएफ का संयुक्त दल नियमित जांच पर निकला हुआ था। स्टेशन के कैंट साइड स्थित सर्कुलेटिंग एरिया में सुलभ शौचालय के ठीक पीछे पीपल के पेड़ की छांव में एक व्यक्ति ट्रॉली बैग संभालते हुए खड़ा था। देर रात सुनसान कोने में आरोपी की घबराई हुई शारीरिक भाषा और संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए जांच दल के सदस्यों को उस पर शक हुआ।
जब पुलिस कर्मियों ने आगे बढ़कर उस व्यक्ति से पूछताछ शुरू की, तो वह हक्का-बक्का रह गया। प्रश्नों का उत्तर देने के बजाय उसने अचानक बैग छोड़कर मौके से भागने का प्रयास किया। हालांकि, परिसर में मुस्तैद सुरक्षाकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे घेराबंदी कर तुरंत काबू में कर लिया। इसके पश्चात सुरक्षा टीम ने प्रत्यक्षदर्शियों की मौजूदगी में आरोपी के ट्रॉली बैग की ज़िप खोलकर गहन तलाशी ली। बैग खोलते ही उसमें से पैकेटों में बंद मादक पदार्थ मिला, जिसका वजन कराने पर कुल मात्रा 13 किलो 650 ग्राम दर्ज की गई।
ओडिशा से दिल्ली के आनंद विहार तक जुड़ा था तस्करी का मार्ग
प्रारंभिक पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह बरामद गांजे की यह बड़ी खेप ओडिशा राज्य के एक तस्कर से प्राप्त कर लाया था। उसकी योजना इस अवैध सामग्री को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आनंद विहार इलाके में स्थित अपने संपर्क सूत्र तक पहुंचाने की थी। ओडिशा से यात्रा शुरू करने के बाद वह कानपुर सेंट्रल स्टेशन पहुंचा था और कैंट साइड में पीपल के पेड़ के नीचे बैठकर आनंद विहार की तरफ जाने वाली अगली ट्रेन की प्रतीक्षा कर रहा था।
पकड़े गए आरोपी की पहचान 36 वर्षीय विनय कुमार शर्मा के रूप में हुई है। आरोपी के पिता का नाम ध्रुव शंकर शर्मा है। वह मूल रूप से बिहार राज्य के सिवान जिले के अंतर्गत दुरौंधा पुलिस स्टेशन क्षेत्र के ग्राम रामा छपरा का स्थायी निवासी है। पुलिस इस बात का ब्योरा जुटा रही है कि आरोपी इससे पहले भी अंतरराज्यीय तस्करी के इस धंधे में शामिल रहा है या फिर वह किसी बड़े गिरोह के लिए केवल एक कूरियर के रूप में काम कर रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में विशेष चेकिंग अभियान
रेलवे स्टेशनों के माध्यम से नशीले पदार्थों की अवैध आवाजाही पर नकेल कसने के लिए यह विशेष अभियान एसपी रेलवे प्रयागराज अनुभाग प्रशांत वर्मा के सीधे पर्यवेक्षण में चलाया जा रहा है। इसके साथ ही सीओ रेलवे कानपुर शेषमणि उपाध्याय के मार्गदर्शन में जमीनी स्तर पर रणनीतिक नाकेबंदी और जांच तेज की गई है। कार्रवाई की रात जीआरपी कानपुर सेंट्रल के प्रभारी निरीक्षक ओम नारायण सिंह तथा आरपीएफ पोस्ट प्रभारी सिद्धनाथ पाटीदार के नेतृत्व में संयुक्त दल ने पूरी सजगता के साथ छापेमारी को अंजाम दिया।
रेलवे पुलिस अधिकारियों के अनुसार, त्योहारों और सामान्य दिनों में स्टेशनों पर यात्रियों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर तस्कर अक्सर ट्रेनों के जरिए नशीली वस्तुओं को एक राज्य से दूसरे राज्य में स्थानांतरित करने की कोशिश करते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कानपुर सेंट्रल जैसे संवेदनशील और व्यस्ततम जंक्शनों पर चौबीसों घंटे रैंडम चेकिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है, जिससे संदिग्ध तत्वों को समय रहते पकड़ा जा सके।
नेटवर्क की पड़ताल और बैकवर्ड-फॉरवर्ड लिंकेज पर पुलिस की नजर
आरोपी की गिरफ्तारी के बाद अब रेलवे पुलिस का मुख्य ध्यान तस्करी के संपूर्ण नेटवर्क का पर्दाफाश करने पर केंद्रित है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि ओडिशा में किस विशिष्ट गिरोह या व्यक्ति ने विनय कुमार शर्मा को यह 13.65 किलो गांजा सौंपा था। इसके साथ ही दिल्ली के आनंद विहार में कौन सा नशा तस्कर इस डिलीवरी को प्राप्त करने वाला था, उसके फोन नंबर और संपर्कों को भी खंगाला जा रहा है।
पुलिस आरोपी के पिछले आपराधिक इतिहास का भी रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके लिए बिहार के सिवान जिले की स्थानीय पुलिस से भी संपर्क स्थापित किया गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ट्रेनों और रेलवे परिसरों का उपयोग करने वाले मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ आगे भी ऐसा ही सख्त रुख अपनाया जाएगा और यह सघन अभियान बिना किसी ढील के जारी रहेगा।



















