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उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर: 24 घंटे में 11 मौतें, आईएमडी ने 80 जिलों के लिए जारी किया हाई अलर्टउत्तर प्रदेश
9 घंटे पहले· 0

उत्तर प्रदेश में मानसून का कहर: 24 घंटे में 11 मौतें, आईएमडी ने 80 जिलों के लिए जारी किया हाई अलर्ट

उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और आंधी का दौर जारी है, जिसके चलते पिछले 24 घंटों में मकान ढहने और बिजली गिरने से 11 लोगों की जान चली गई है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने 24 जुलाई तक राज्य के 80 से ज्यादा जिलों में भारी बारिश और 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी है।

उत्तर प्रदेश इस समय एक सक्रिय मानसून की भयंकर मार झेल रहा है, जहां लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और तेज आंधी ने पूरे राज्य में जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। पिछले 24 घंटों के भीतर, राज्य के अलग-अलग हिस्सों में मकान ढहने और आकाशीय बिजली गिरने जैसी गंभीर मौसम संबंधी घटनाओं में 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो चुकी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने 80 से अधिक जिलों के लिए हाई-लेवल अलर्ट जारी किया है। नोएडा से लेकर ताजनगरी आगरा तक, लोग सुबह से ही लगातार हो रही झमाझम बारिश के बीच उठे। इस बारिश से भले ही तापमान में गिरावट दर्ज की गई हो और मौसम सुहाना हो गया हो, लेकिन कई निचले इलाकों में भारी जलभराव हो गया है, जिससे स्थानीय स्थिति तेजी से बिगड़ने लगी है।

आईएमडी ने जारी किया ऑरेंज और येलो अलर्ट

आने वाले दिनों में और अधिक खराब मौसम की आशंका जताते हुए, मौसम विभाग ने आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा, इटावा, मैनपुरी और महोबा जैसे प्रमुख जिलों सहित कुल 19 स्थानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, इन क्षेत्रों में 70 किलोमीटर प्रति घंटे की खतरनाक रफ्तार से चलने वाली तेज तूफानी हवाओं के साथ भयंकर बारिश होने की प्रबल संभावना है। इसके अतिरिक्त, 60 से अधिक जिलों के लिए येलो अलर्ट की भी घोषणा की गई है, जिनमें गौतमबुद्ध नगर, मेरठ, गाजियाबाद, शामली, सहारनपुर, लखनऊ, जालौन, प्रयागराज और आजमगढ़ मुख्य रूप से शामिल हैं। इन इलाकों के निवासियों को दिन भर रुक-रुक कर बारिश का सामना करना पड़ सकता है, जिससे दैनिक कार्य बाधित होने की संभावना है।

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लखनऊ स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के विज्ञानी अतुल कुमार सिंह ने इस मानसूनी बारिश के पीछे के वायुमंडलीय कारणों को विस्तार से समझाया है। उन्होंने बताया कि बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कमजोर होने की वजह से मानसूनी गतिविधियां अचानक बहुत तेज हो गई हैं। इसके साथ ही, मानसूनी ट्रफ रेखा इस समय श्रीगंगानगर, रोहतक, हरदोई, वाराणसी और रांची से होकर उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है। इसी के परिणामस्वरूप, पूरे प्रदेश में 24 जुलाई तक भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट लागू रहेगा। इस अवधि के समाप्त होने के बाद भी, आने वाले तीन से चार दिनों तक कुछ विशेष स्थानों पर बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसके लिए येलो अलर्ट रहेगा। वहीं, प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान जताया गया है।

विभिन्न जिलों में दर्दनाक हादसे और मौतें

मूसलाधार बारिश और मौसम की अस्थिरता के कारण उत्तर प्रदेश में कई जानलेवा हादसे हुए हैं, जिससे महज एक दिन में राज्य भर में मरने वालों का आंकड़ा 11 तक पहुंच गया है। सबसे हृदय विदारक और दुखद घटना मुजफ्फरनगर जिले में सामने आई, जहां अत्यधिक बारिश के कारण अचानक एक मकान की छत भरभरा कर गिर जाने से एक ही परिवार के पांच सदस्यों की दबकर मौत हो गई। ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों पर भी इस खराब मौसम की भारी मार पड़ी है; बलिया और चंदौली जिलों में काम कर रहे एक-एक किसान की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई।

एटा जिले के कोतवाली देहात इलाके में स्थित नगला पुडीहार गांव में दोपहर के समय हुई तेज बारिश के कारण एक खपरैल का शेड और उससे सटी पुरानी कच्ची दीवार अचानक ढह गई। दोपहर करीब साढ़े तीन बजे हुए इस गंभीर हादसे में शेड के नीचे बैठकर बारिश से बच रही तीन महिलाएं मलबे के नीचे बुरी तरह दब गईं। घटना के तुरंत बाद गांव वालों ने बचाव कार्य शुरू किया और उन्हें मलबे से सुरक्षित बाहर निकालकर वीरांगना अवंती बाई मेडिकल कॉलेज ले गए। हालांकि, अस्पताल पहुंचने पर जांच के बाद डॉक्टरों ने 55 वर्षीय फूलमाला को मृत घोषित कर दिया। इस हादसे में घायल अन्य दो महिलाओं, 40 वर्षीय रीना देवी और 50 वर्षीय कुसुमा देवी, का फिलहाल अस्पताल में सघन इलाज चल रहा है।

ऐसी ही एक अन्य दुखद घटना उन्नाव जिले के बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अहिरन पुरवा गांव में भी घटी। यहां 54 साल के रामप्रकाश अपने घर के बाहर छप्पर के नीचे आराम कर रहे थे, तभी बारिश के कारण कमजोर हो चुका वह छप्पर अचानक उनके ऊपर गिर पड़ा। इस दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल अवस्था में उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इलाज के लिए ले जाया गया, जहां दुर्भाग्यवश इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। इस अचानक हुई घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया है और शोक में डूबे परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया।

प्रयागराज में आकाशीय बिजली का भयानक कहर

इस तूफानी और अस्थिर मौसम ने प्रयागराज में भी अपना भयानक रूप दिखाया है। सोरांव के नवाबगंज क्षेत्र में स्थित रघुवंशपुर उर्फ रेरुआ गांव में सोमवार शाम को आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके आसपास खड़े छह अन्य लोग बुरी तरह से झुलस गए। जान गंवाने वाले लोगों की पहचान रघुवंशपुर निवासी 48 वर्षीय संजीत कुमार और बैरहना सम्हई निवासी 40 वर्षीय नागेश कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ये सभी लोग अपनी बकरियां चराने के लिए गए थे और तेज बारिश से बचने के लिए एक अमरूद के बाग में पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी अचानक उन पर यह कुदरती कहर टूट पड़ा। घटना के बाद सभी घायलों को तुरंत पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां मेडिकल टीम के अनुसार कुछ घायलों की हालत अभी भी बेहद नाजुक बनी हुई है।

बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान और अस्पतालों में भरा पानी

सोमवार को हुई इस लगातार तेज बारिश ने बुनियादी ढांचे को भी नहीं बख्शा है। राजधानी लखनऊ, कानपुर, गोरखपुर, अयोध्या और बरेली जैसे प्रमुख शहरों सहित प्रदेश के 20 जिलों में इसका व्यापक और विनाशकारी असर देखा गया। जल निकासी व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई, जिससे प्रमुख सड़कों में भयंकर जलभराव हो गया। सरकारी अस्पतालों की स्थिति सबसे ज्यादा दयनीय रही; फिरोजाबाद और उन्नाव के सरकारी अस्पतालों के परिसरों में घुटनों तक पानी भर गया, जिससे वहां भर्ती मरीजों और ड्यूटी पर मौजूद मेडिकल स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

शामली जिले में बारिश के भारी पानी के अचानक आए दबाव के कारण एक नहर टूट गई, जिससे भारी तबाही मची। नहर का पानी इतनी तेज गति से बहा कि उसके किनारे बनी पक्की सड़क 10 फीट तक अंदर धंस गई, जिससे यातायात का संपर्क पूरी तरह से टूट गया। इसके बाद बाढ़ का यह बेकाबू पानी तेजी से आसपास के गांवों में घुस गया और कई बीघा खेत पूरी तरह से जलमग्न हो गए, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो गई हैं।

सवाल-जवाब

उत्तर प्रदेश में हालिया बारिश से कितनी मौतें हुई हैं?
पिछले 24 घंटों के भीतर राज्य में मकान ढहने और आकाशीय बिजली गिरने जैसी घटनाओं के कारण कम से कम 11 लोगों की जान जा चुकी है।
किन जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है?
मौसम विभाग (आईएमडी) ने आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा, इटावा, मैनपुरी और महोबा समेत 19 स्थानों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मानसून की गतिविधियों में अचानक तेजी क्यों आई है?
मौसम विज्ञानी अतुल कुमार सिंह के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के कमजोर पड़ने से मानसूनी बारिश में यह तेजी आई है।
बारिश के कारण शामली में क्या हादसा हुआ?
शामली में भारी बारिश की वजह से एक नहर टूट गई, जिससे किनारे की 10 फीट सड़क धंस गई और आसपास के गांवों तथा खेतों में पानी भर गया।
भारी बारिश का अलर्ट कब तक के लिए जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश में 24 जुलाई तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
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