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झारखंड में मानसून का दौर जारी, रांची और देवघर समेत 16 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्टझारखंड
4 सित॰ 2026, 5:15 am (24 मिनट पहले)· 2

झारखंड में मानसून का दौर जारी, रांची और देवघर समेत 16 जिलों में भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट

झारखंड में मानसून पूरी तरह सक्रिय बना हुआ है। मौसम विभाग ने राज्य के 16 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

झारखंड राज्य में मानसून की सक्रियता इन दिनों लगातार बनी हुई है, जिसके चलते मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक राज्य के विभिन्न हिस्सों में बादलों का डेरा रहेगा और कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने के पूरे आसार हैं। बारिश के इस दौर के बीच कई इलाकों में बादलों के गरजने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। आने वाले कुछ दिनों तक राज्य के भीतर मौसम का यह मिलाजुला रूप देखने को मिल सकता है।

सोलह जिलों में आज बारिश की चेतावनी

आज के दिन झारखंड के कुल सोलह जिलों में बारिश होने की संभावना जताई गई है। इन चिन्हित जिलों में देवघर, पूर्वी सिंहभूम यानी जमशेदपुर, बोकारो, राजधानी रांची, रामगढ़, खूंटी, चतरा, पलामू, दुमका, सिमडेगा, हजारीबाग, धनबाद, गिरिडीह, गुमला, पश्चिमी सिंहभूम और लातेहार शामिल हैं। हालांकि मौसम विभाग का यह भी मानना है कि जैसे-जैसे सिस्टम आगे बढ़ेगा, इन प्रभावित जिलों के दायरे में फेरबदल हो सकता है और बारिश वाले क्षेत्रों की संख्या में बढ़ोतरी भी दर्ज की जा सकती है। कुल मिलाकर अधिकांश इलाकों में झमाझम या छिटपुट पानी गिरने के संकेत मिल रहे हैं।

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वज्रपात से बचने के लिए एहतियात

मौसम विभाग ने साफ किया है कि बारिश के दौरान तेज आवाज के साथ आकाशीय बिजली यानी वज्रपात होने का खतरा गंभीर बना हुआ है। जिन जिलों के लिए चेतावनी जारी की गई है, वहां के नागरिकों से अपील की गई है कि वे खराब मौसम के वक्त खुले मैदानों में जाने से बचें। इसके अलावा पेड़ों के नीचे खड़े होने, बिजली के ऊंचे खंभों के पास ठहरने या जलभराव वाले निचले हिस्सों में जाने से पूरी तरह परहेज करने को कहा गया है ताकि किसी भी अनहोनी से बचाव किया जा सके।

पठारी क्षेत्रों में सुहाना रहेगा तापमान

लगातार छाए रहने वाले बादलों और समय-समय पर होने वाली बारिश के कारण राज्य के तापमान में काफी हद तक नियंत्रण देखा जा रहा है। रांची, खूंटी, गुमला, सिमडेगा, हजारीबाग, रामगढ़ और बोकारो जैसे ऊंचे व पठारी इलाकों में ठंडी हवाओं के चलने से मौसम बेहद खुशनुमा और सुहाना महसूस हो रहा है। राजधानी रांची में भी पूरे दिन बादल छाए रहने तथा आसपास के क्षेत्रों में हल्की बौछारें गिरने का अनुमान जताया गया है, जिससे गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।

बीते दिनों इन इलाकों में हुई थी जोरदार मानसूनी बारिश

मानसून के मेहरबान रहने की वजह से पिछले कुछ दिनों के दौरान राज्य के कई हिस्सों में रिकॉर्ड तोड़ पानी बरसा है। मौसम विभाग के पिछले आंकड़ों के अनुसार विशेष रूप से पूर्वी सिंहभूम, गिरिडीह और लातेहार जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई थी। आंकड़ों पर गौर करें तो पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में 217 मिलीमीटर, गिरिडीह के डुमरी में 162.2 मिलीमीटर और लातेहार के महुआडांड़ में 146.2 मिलीमीटर तक बारिश मापी जा चुकी है, जो अच्छी मानसूनी गतिविधि को दर्शाती है।

आने वाले दिनों में ऐसा रहेगा मौसम का हाल

मौसम विभाग के विस्तृत शेड्यूल के अनुसार आने वाले दिनों में बादलों की आवाजाही और बारिश का यह सिलसिला इस प्रकार आगे बढ़ने वाला है

  • 4 सितंबर: आसमान में बादल छाए रहने के साथ अनेक स्थानों पर हल्की वर्षा और वज्रपात की आशंका है।
  • 5 सितंबर: मानसूनी गतिविधियां पूरी तरह सक्रिय रहेंगी और कुछ विशेष स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
  • 6 सितंबर: बारिश के जोर में कुछ कमी आ सकती है, लेकिन छिटपुट बौछारों और गर्जना का दौर बना रहेगा।
  • 7 सितंबर: राज्य के छिटपुट इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
  • 8 सितंबर: मौसम एक बार फिर जोर पकड़ सकता है और अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की वापसी हो सकती है।
  • 9 सितंबर: बारिश का यह दौर आगे भी जारी रहने के संकेत हैं, जिसमें रांची समेत कई हिस्से शामिल हैं।

संतोषजनक श्रेणी में रहेगा वायु गुणवत्ता सूचकांक

बारिश के इस दौर के बीच राहत की बात यह है कि राज्य के प्रमुख शहरों में वायु गुणवत्ता यानी AQI बेहद सामान्य स्थिति में रहने वाला है। रांची, जमशेदपुर, धनबाद, हजारीबाग, चाईबासा, गिरिडीह, दुमका, बोकारो और देवघर जैसे इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक लगभग 61 के आसपास रिकॉर्ड किया गया है। हवा में प्रदूषण के स्तर का यह पैमाना संतोषजनक श्रेणी के अंतर्गत माना जाता है। लगातार हो रही बारिश और चल रही हवाओं की वजह से हवा में तैरने वाले हानिकारक प्रदूषक कणों की मात्रा में भी काफी कमी दर्ज की जा रही है, जिससे पर्यावरण साफ-सुथरा बना हुआ है।

सवाल-जवाब

झारखंड के कितने जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने झारखंड के 16 जिलों में बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है।
किन प्रमुख जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है?
रांची, देवघर, हजारीबाग, बोकारो और पूर्वी सिंहभूम समेत 16 जिलों में बारिश की संभावना है।
हाल ही में सबसे अधिक बारिश कहां दर्ज की गई थी?
पूर्वी सिंहभूम के डुमरिया में 217 मिमी और गिरिडीह के डुमरी में 162.2 मिमी बारिश दर्ज हुई थी।
झारखंड के शहरों में वायु गुणवत्ता कैसी है?
प्रमुख शहरों का वायु गुणवत्ता सूचकांक करीब 61 के आसपास है जो संतोषजनक श्रेणी में आता है।
खराब मौसम के दौरान लोगों को क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
लोगों को खुले मैदानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·4 मिनट पहले

झारखंड में मानसून की यह सक्रियता और 16 जिलों में वज्रपात का अलर्ट केवल एक मौसमी बदलाव नहीं, बल्कि आपदा प्रबंधन और जन-सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। पठारी इलाकों में तापमान भले ही सुहाना हुआ हो, लेकिन खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे बिजली गिरने का खतरा ग्रामीण आबादी के लिए सीधा जीवन संकट है। प्रशासन को जमीनी स्तर पर चेतावनी का प्रसार तेज करना होगा ताकि किसी अनहोनी को टाला जा सके।

Karan Malhotra@karan-malhotra·3 मिनट पहले

वज्रपात की ये चेतावनियाँ केवल मौसम की जानकारी नहीं हैं, बल्कि यह सीधी जान-माल की सुरक्षा का मामला है। ग्रामीण और खुले इलाकों में रहने वाले नागरिकों को मोबाइल अलर्ट और स्थानीय माध्यमों से तुरंत सचेत करना आवश्यक है। पूर्व में हुई भारी बारिश के आंकड़ों को देखते हुए, जलभराव और कमजोर ढांचों वाले क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी और आपदा प्रबंधन की त्वरित तैनाती ही किसी भी संभावित जनहानि को रोक सकती है।

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