जयपुर में मानसून की सुस्त चाल के बाद अब एक बार फिर से मौसम का मिजाज बदलने लगा है और बारिश का नया दौर शुरू होने के पूरे आसार बन गए हैं। मौसम विभाग के अनुसार आगामी 4 सितंबर से राज्यभर में मानसूनी गतिविधियां दोबारा जोर पकड़ेंगी जिसका सबसे बड़ा असर पूर्वी राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में साफ तौर पर दिखाई देगा। पिछले कुछ दिनों से बारिश के थमने की वजह से प्रदेश के तमाम इलाकों में तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी और लोगों को तेज धूप के साथ उमसभरी गर्मी का सामना करना पड़ रहा था। लेकिन अब इस नए बदलाव से तापमान में गिरावट आने और लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
पूर्वी राजस्थान में 4 से 7 सितंबर तक झमाझम
मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर की भविष्यवाणियों के मुताबिक 4 सितंबर से लेकर 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, जयपुर, कोटा, अजमेर और उदयपुर संभाग के कई इलाकों में हल्की से लेकर मध्यम दर्जे की बारिश होने की प्रबल संभावना है। इस पूरे दौर के दौरान कई स्थानों पर बादलों की गरज के साथ तेज हवाएं चलेंगी और बौछारें पड़ेंगी। विशेष तौर पर 4 और 5 सितंबर को कोटा संभाग तथा उसके आस-पास के जिलों में कुछ स्थानों पर बहुत तेज से लेकर भारी बारिश तक होने की चेतावनी जारी की गई है। इन मौसमी बदलावों से किसानों और आम जनजीवन को राहत मिलने के साथ-साथ जल स्रोतों को भी नया जीवन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
तापमान की स्थिति और पश्चिमी राजस्थान का हाल
बीते 24 घंटों के दौरान जहां पूर्वी राजस्थान के कुछ चुनिंदा स्थानों पर हल्की फुहारें दर्ज की गईं, वहीं पश्चिमी राजस्थान में मौसम पूरी तरह से शुष्क बना रहा। बारिश न होने के कारण तापमान में उछाल आया और श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा जयपुर, अजमेर, बीकानेर और जोधपुर संभाग के अनेक शहरों में दिन का तापमान 34 से 39 डिग्री सेल्सियस के बीच रिकॉर्ड किया गया, जिससे चिलचिलाती धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को बेहाल कर दिया। पश्चिमी राजस्थान में मानसून के कमजोर रहने के आसार हैं, जबकि शेखावाटी क्षेत्र में हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद है।
प्रमुख संभागों में मौसम का विशेष पूर्वानुमान
जयपुर शहर में आज मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आ सकता है जहां आसमान में बादल छाए रहने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। गरज-चमक के साथ चलने वाली तेज हवाएं तापमान को थोड़ा नीचे ला सकती हैं, हालांकि बारिश के थमने के बाद उमस दोबारा परेशान कर सकती है। जोधपुर में मानसून के सुस्त बने रहने की उम्मीद है जहां आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और मौसम मुख्यतः शुष्क रहेगा, हालांकि स्थानीय परिस्थितियों के चलते हल्की बूंदाबांदी से इंकार नहीं किया जा सकता। इसके विपरीत उदयपुर और भरतपुर संभागों में 4 से 7 सितंबर के दौरान गतिविधियां काफी तेज रहने के संकेत हैं, जहां भारी बारिश के साथ वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान जताया गया है।
कोटा और भरतपुर में भारी बारिश की चेतावनी
कोटा और भरतपुर संभागों के लिए मौसम विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है क्योंकि यहां कुछ स्थानों पर मूसलाधार बारिश हो सकती है। इस भारी बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है और साथ ही स्थानीय नदी-नालों का जलस्तर भी अचानक बढ़ सकता है। प्रशासन और मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे लगातार जारी होने वाले अपडेट्स पर नजर बनाए रखें और किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए जलभराव वाले इलाकों या नदी के किनारों के पास जाने से बचें। वाहन चालकों को भी यात्रा के दौरान पूरी सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी गई है ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।


















