उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए चुनाव आयोग ने मतदाता सूची को अद्यतन करने का काम तेज कर दिया है। राज्य भर में नए मतदाताओं को जोड़ने और सूची की खामियों को दूर करने के उद्देश्य से हाल ही में आयोजित विशेष अभियानों में जनता की भारी भागीदारी देखने को मिली। दो अलग-अलग तारीखों पर आयोजित इन विशेष शिविरों के दौरान कुल 5 लाख 59 हजार 178 लोगों ने मतदाता बनने के लिए फॉर्म-6 भरकर जमा किया है। आयोग अब प्राप्त सभी आवेदनों की गहन पड़ताल करेगा, जिसके बाद पात्र नागरिकों के नाम आधिकारिक मतदाता सूची में शामिल किए जाएंगे।
दो तारीखों में उमड़ी आवेदकों की भीड़
चुनाव आयोग की ओर से पूरे राज्य में 17 अक्टूबर और 24 अक्टूबर को विशेष शिविरों का आयोजन किया गया था। अभियान के पहले दिन यानी 17 अक्टूबर को 1 लाख 37 हजार 225 लोगों ने नए मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने के लिए फॉर्म-6 भरा। वहीं, दूसरे दिन 24 अक्टूबर को इस अभियान को और भी बड़ा समर्थन मिला, जब अकेले एक दिन में 4 लाख 21 हजार 953 फॉर्म-6 जमा हुए। इन दोनों दिनों में कुल मिलाकर 5,59,178 लोगों ने सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया पूरी की। प्राप्त आवेदनों के सत्यापन के बाद ही सूची को अंतिम रूप दिया जाएगा।
पहली बार वोट डालने वालों पर खास ध्यान
उत्तर प्रदेश में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पूर्व यह पूरी प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है। पिछले साल अक्टूबर में शुरू हुए एसआईआर यानी विशेष सघन पुनरीक्षण के बाद राज्य की मतदाता सूची से दो करोड़ से अधिक नाम कम हो गए थे। इसी पृष्ठभूमि में चुनाव आयोग ने यह विशेष अभियान चलाया, ताकि पहली बार मतदान की उम्र में पहुंचे युवाओं को तुरंत जोड़ा जा सके। इसके अलावा ऐसे नागरिक भी इस अभियान के दायरे में रहे, जो किसी कारणवश पहले अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने से चूक गए थे।
इन जिलों में दर्ज हुआ सबसे अधिक पंजीकरण
चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में इन दो दिवसीय शिविरों को लेकर जबरदस्त उत्साह देखा गया। हाथरस, बाराबंकी, गाजीपुर, संभल, कौशांबी, मथुरा और अमेठी जिलों में सबसे अधिक संख्या में लोगों ने फॉर्म-6 भरा और नए मतदाता बने। इन जिलों में स्थानीय प्रशासन और बीएलओ के जरिए बूथ स्तर पर अभियान चलाया गया था।
एसआईआर के बाद घटा था वोटरों का आंकड़ा
उत्तर प्रदेश में 10 अप्रैल 2026 को एसआईआर की अंतिम मतदाता सूची सार्वजनिक की गई थी। इस प्रक्रिया के पूरा होने के बाद राज्य में 2 करोड़ 5 लाख मतदाताओं के नाम कट गए थे। सघन पुनरीक्षण शुरू होने से पहले उत्तर प्रदेश में कुल 15 करोड़ 44 लाख मतदाता दर्ज थे, जो अंतिम सूची जारी होने पर घटकर लगभग 13 करोड़ 40 लाख रह गए। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जनवरी में जारी की गई मसौदा सूची में 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, जिनमें से कई की मैपिंग नहीं हो पाई थी और कई को नोटिस भी जारी किए गए थे। हालांकि बाद में प्रक्रिया पूरी होने पर जनवरी की मसौदा सूची की तुलना में अंतिम सूची में करीब 84 लाख मतदाताओं की संख्या बढ़ गई थी।
ऑनलाइन ऐसे जांचें मतदाता सूची में अपना नाम
नागरिक घर बैठे डिजिटल माध्यम से भी अपना नाम मतदाता सूची में जांच सकते हैं
- सबसे पहले चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल voters.eci.gov.in या electoralsearch.in पर जाएं।
- पोर्टल पर वोटर लिस्ट या इलेक्ट्रोल रोल वाले विकल्प का चयन करें और राज्य के रूप में उत्तर प्रदेश को चुनें।
- इसके बाद रोल टाइप में जाकर फाइनल रोल 2026 अथवा एसआईआर फाइनल रोल 2026 का चुनाव करें।
- अब अपने जिले का नाम, जैसे लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, मऊ या आगरा का चयन करें।
- संबंधित विधानसभा क्षेत्र और अपने मतदान केंद्र यानी बूथ संख्या को चुनें।
- मांगी गई जानकारी जैसे अपना नाम, पिता अथवा पति का नाम और उम्र दर्ज करके खोजें।
- स्क्रीन पर पीडीएफ प्रारूप में पूरी सूची खुल जाएगी, जिसे डाउनलोड करके अपना नाम देखा जा सकता है।























