उत्तर प्रदेश पुलिस ने पुलिस स्मृति दिवस-2026 के पवित्र अवसर पर अपने उन वीर जवानों के अदम्य साहस, अद्वितीय समर्पण और सर्वोच्च बलिदान को गहरा नमन किया है जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए अपनी जान कुर्बान कर दी। इस मौके पर विभाग की ओर से एक विशेष और भावनात्मक शॉर्ट फिल्म ‘वर्दी’ को आधिकारिक रूप से रिलीज किया गया है। यह दृश्यात्मक प्रस्तुति मात्र एक चलचित्र नहीं है, बल्कि उन तमाम अमर शहीदों के प्रति एक सच्ची और भावभीनी श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश और समाज की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी।
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के मार्गदर्शन में हुआ निर्माण
इस पूरी परियोजना को उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण के कुशल मार्गदर्शन और संरक्षण में तैयार किया गया है। फिल्म का मुख्य उद्देश्य आम जनता तक खाकी पहनने वाले उन वीरों के शौर्य की गाथा को पहुंचाना है, जो पर्दे के पीछे रहकर हर पल अपनी जान जोखिम में डालते हैं। इसके साथ ही, यह प्रोजेक्ट उन परिवारों की अदृश्य और गंभीर भावनात्मक पीड़ा को भी उजागर करने का एक संवेदनशील प्रयास करता है, जिन्हें अपने किसी अपने के बलिदान के बाद जिंदगी में भारी बदलावों और संघर्षों का सामना करना पड़ता है।
शहीद इंस्पेक्टर सुनील कुमार की वीरता को किया गया समर्पित
डीजीपी राजीव कृष्ण ने अपने जारी संदेश में स्पष्ट किया कि यह शॉर्ट फिल्म विशेष रूप से शहीद एसटीएफ इंस्पेक्टर सुनील कुमार की असाधारण वीरता, उनकी कर्तव्यनिष्ठा और उनके द्वारा दिए गए सर्वोच्च बलिदान को समर्पित है। सुनील कुमार को मरणोपरांत देश के प्रतिष्ठित वीरता पदक कीर्ति चक्र से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी शहादत को केंद्र में रखकर बनाई गई यह फिल्म उन सभी अनगिनत पुलिसकर्मियों को आदरांजलि देती है जो ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए।
विभाग के भीतर की रचनात्मक प्रतिभा का अनूठा संगम
मुंबई की खूबसूरत वादियों और लोकेशन पर शूट की गई इस फिल्म की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके निर्माण में किसी बाहरी पेशेवर राइटर की जगह उत्तर प्रदेश पुलिस के ही एक अपने जवान ने अपनी कला का जौहर दिखाया है। पुलिस मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर में तैनात कांस्टेबल कपिल दिनकर ने इस फिल्म की पटकथा लिखने की जिम्मेदारी बखूबी निभाई है और साथ ही अपनी दमदार आवाज में इसका वॉयसओवर भी दिया है। इसके अलावा, फिल्म का पूरा क्रिएटिव डायरेक्शन भी पुलिस विभाग की आंतरिक टीम ने ही मिलकर संभाला है, जो विभाग के भीतर छिपी रचनात्मक प्रतिभा को उजागर करता है।
बॉलीवुड इंडस्ट्री के सहयोग के लिए जताया गया आभार
इस शॉर्ट फिल्म के माध्यम से यह बात भी सामने आई है कि किस प्रकार पुलिस महकमे के भीतर तकनीकी और कलात्मक क्षमताएं मौजूद हैं। डीजीपी राजीव कृष्ण ने उन तमाम पहलुओं और विषयों पर खुलकर बात की जो सामाजिक सरोकारों से जुड़े होते हैं। उन्होंने ऐसी सामाजिक और प्रेरणादायक फिल्मों के निर्माण में सहयोग प्रदान करने के लिए पूरी बॉलीवुड इंडस्ट्री का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
जन-जन तक पहुंचेगी बलिदान की कहानी
पुलिस महानिदेशक का यह मानना है कि उत्तर प्रदेश पुलिस की यह निरंतर कोशिश है कि खाकी वर्दी पहने उन जांबाज वीरों का इतिहास, उनका पराक्रम और उनके परिवारों की भावनाएं समाज के हर वर्ग तक पहुंचनी चाहिए। उन्होंने उत्तर प्रदेश पुलिस बल की तरफ से देश की हिफाजत में अपना सबकुछ न्यौछावर कर देने वाले सभी अमर बलिदानियों को फिर से नमन किया है।
दर्शकों से जुड़ने की उम्मीद
विभाग को पूरी उम्मीद है कि ‘वर्दी’ नाम की यह शॉर्ट फिल्म दर्शकों के दिलों को छू जाएगी और उन्हें अपनी ओर आकर्षित करेगी। इस फिल्म के जरिए लोग उन पुलिसकर्मियों के भारी त्याग और बलिदान को बहुत करीब से समझ सकेंगे जो अपने फर्ज को सबसे ऊपर रखते हैं। पुलिस स्मृति दिवस-2026 के खास अवसर पर शहीद कर्मियों की याद में और उनके परिजनों के प्रति समाज में संवेदनशीलता जगाने के उद्देश्य से उठाया गया यह एक बेहद अनूठा और सराहनीय कदम है।



















