लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और उनके ड्राइवर दानिश को लेकर उत्तर प्रदेश विशेष कार्य बल यानी एसटीएफ नागपुर से लखनऊ पहुंच चुकी है। आरोपियों को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन लाया गया है, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। दोपहर 12 बजे के बाद इन सभी को लखनऊ की अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके लिए पुलिस ने पुख्ता इंतजाम किए हैं।
नागपुर अदालत से मिली थी ट्रांजिट रिमांड
इससे पहले नागपुर की एक अदालत ने बुधवार को सुनवाई के दौरान शिवा शर्मा हत्याकांड से जुड़े इन तीनों आरोपियों को उत्तर प्रदेश पुलिस की हिरासत में सौंप दिया था। अदालत ने उत्तर प्रदेश पुलिस को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मंजूर की थी, जिसके आधार पर पुलिस टीम इन तीनों को विमान या सड़क मार्ग के जरिए नागपुर से सीधे लखनऊ लेकर पहुंची है।
मंगलवार को हुई थी तीनों की गिरफ्तारी
उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स और लखनऊ पुलिस द्वारा चलाए गए एक संयुक्त अभियान के तहत मंगलवार को श्रद्धा दुबे, उनकी बहन रश्मि दुबे और ड्राइवर दानिश को धर दबोचा गया था। ये तीनों आरोपी घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे और कानून की पकड़ से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहे थे। कानून की नजरों से बचकर भाग रहे इन तीनों आरोपियों में से प्रत्येक पर उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। पुलिस टीमों ने कई स्थानों पर लगातार छापेमारी कर आखिरकार इन्हें दबोच लिया।
हजरतगंज थाने में दर्ज है हत्या का मामला
यह पूरा मामला शिवा शर्मा की हत्या से जुड़ा है। पीड़ित की मां रंजना शर्मा की तरफ से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर 9 अक्टूबर को लखनऊ के हजरतगंज पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के शुरुआती दौर में लखनऊ पुलिस ने इन आरोपियों की पुख्ता जानकारी देने वाले शख्स के लिए 25,000 रुपये के इनाम की घोषणा की थी, जिसे बाद में बढ़ाकर 50,000 रुपये कर दिया गया था।
पुलिस की कई विशेष टीमों ने की थी तलाश
आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए पुलिस महकमे ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। इन्हें खोजने के लिए सर्विलांस यूनिट, स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप और स्थानीय पुलिस थानों की कई विशेष टीमों को मैदान में उतारा गया था। लगातार तकनीकी और जमीनी सुरागकशी के बाद पुलिस इन तक पहुंचने में कामयाब रही।
बुर्का पहनकर और नेपाल में छिपकर काट रही थी वक्त
उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक कानून-व्यवस्था अमिताभ यश ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि मुख्य आरोपी श्रद्धा दुबे पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए लगातार बुर्का पहनकर रहती थी। वह लोगों से बातचीत बहुत सीमित रखती थी और कम निगरानी वाले सस्ते होटलों में छिपकर अपना वक्त काटती थी ताकि किसी को शक न हो। अमिताभ यश ने यह भी जानकारी दी कि पुलिस जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि वापस नागपुर या अन्य जगहों पर पकड़े जाने से पहले श्रद्धा दुबे नेपाल भी गई थी। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह सब सुरक्षा एजेंसियों को भ्रमित करने और उनके रूट से भटकाने के लिए चली गई चाल थी।



















