उत्तराखंड के हरिद्वार में रानीपुर कोतवाली इलाके के शिवालिक नगर में एक युवक के मोबाइल टावर पर चढ़ जाने से भारी अफरा-तफरी मच गई। उत्तर प्रदेश का रहने वाला यह शख्स अपनी पत्नी के किसी दूसरे व्यक्ति के साथ चले जाने से बेहद परेशान था। उसी तनाव और मानसिक आघात के बीच उसने सार्वजनिक रूप से यह खतरनाक कदम उठा लिया, जिससे आसपास के रिहायशी क्षेत्र में सनसनी फैल गई।
धोखे से आहत होकर उठाया आत्मघाती कदम
घटना के पीछे का मुख्य कारण पारिवारिक विवाद और वैवाहिक रिश्ते में आया बिखराव बताया जा रहा है। जानकारी के अनुसार, युवक की पत्नी उत्तर प्रदेश से किसी अन्य व्यक्ति के साथ भागकर धर्मनगरी हरिद्वार पहुंच गई थी। जब युवक को इस बात का पता चला, तो वह अंदर से पूरी तरह टूट गया। पत्नी के इस फैसले को वह बर्दाश्त नहीं कर पाया और गहरे मानसिक तनाव में आ गया। हरिद्वार पहुंचकर उसने विरोध जताने और अपनी बात मनवाने के लिए शिवालिक नगर में लगे एक ऊंचे मोबाइल टावर को चुन लिया और तेजी से उसके ऊपरी हिस्से पर चढ़ गया।
पत्नी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ा
मोबाइल टावर के ऊपरी हिस्से पर पहुंचे युवक ने जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया और नीचे मौजूद लोगों से साफ कह दिया कि जब तक उसकी पत्नी को उसके सामने नहीं लाया जाएगा, वह नीचे नहीं उतरेगा। ऊंचाई पर खड़े होकर युवक द्वारा किए जा रहे इस खतरनाक प्रदर्शन को देखकर नीचे जमा लोगों की सांसें अटक गईं। देखते ही देखते मौके पर भारी संख्या में स्थानीय निवासियों का हुजूम जमा हो गया। लोग लगातार उससे नीचे उतरने की अपील करते रहे, लेकिन उसने किसी की बात सुनने से साफ इनकार कर दिया और अपनी जिद पर टिका रहा।
पुलिस और प्रशासन का घंटों चला मान-मनौव्वल
सूचना मिलते ही रानीपुर कोतवाली पुलिस और प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आया और शिवालिक नगर स्थित घटनास्थल पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने माइक और इशारों के जरिए युवक से बातचीत साधने की कोशिश की। प्रशासनिक टीम ने उसे सुरक्षा का भरोसा दिलाया और समझाने की पूरी कोशिश की कि इस तरह जान जोखिम में डालना किसी समस्या का समाधान नहीं है। हालांकि, युवक किसी भी सूरत में अपनी मांग से पीछे हटने को तैयार नहीं दिखा, जिससे राहत कार्य में जुटे कर्मियों की मुश्किलें काफी बढ़ गईं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और बचाव की तैयारी
घटनास्थल पर लोगों की अनियंत्रित भीड़ को देखते हुए पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी। टावर के इर्द-गिर्द घेरा बनाकर आम लोगों को सुरक्षित दूरी पर रहने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। एहतियात के तौर पर बचाव दल को भी अलर्ट मोड पर रखा गया, जिससे यदि युवक कोई अप्रत्याशित कदम उठाए तो उसे फौरन सुरक्षित बचाया जा सके। प्रेम प्रसंग और वैवाहिक कलह से जुड़ा यह हाई-वोल्टेज वाकया पूरे हरिद्वार शहर में चर्चा का मुख्य विषय बना हुआ है।
















