उत्तराखंड के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल नैनीताल की यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए आने वाले दिनों में सफर काफी ज्यादा सुगम और सुविधाजनक होने जा रहा है। काठगोदाम से नैनीताल के बीच सड़क मार्ग पर लगने वाले लंबे और थकान भरे ट्रैफिक जाम से जूझने वाले सैलानियों को जल्द ही आधुनिक रोप-वे सेवा का लाभ मिल सकेगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के निर्माण का रास्ता पूरी तरह से साफ हो चुका है और इस सिलसिले में तैयारियां तेजी से आगे बढ़ाई जा रही हैं। इस बड़े प्रोजेक्ट की रूपरेखा और तैयारियों को अमलीजामा पहनाने के लिए आगामी ७ सितंबर को एक संयुक्त निरीक्षण भी आयोजित किया जाएगा, जिससे योजना की जमीनी स्थिति का जायजा लिया जा सके।
यह रोप-वे प्रोजेक्ट उत्तराखंड राज्य के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण पर्यटन विकास कार्यों में शुमार किया जा रहा है। नेशनल हाईवे लॉजिस्टिक्स मैनेजमेंट लिमिटेड और स्थानीय जिला प्रशासन की संयुक्त देखरेख में इस परियोजना से जुड़ी तमाम प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। इस रोप-वे के तैयार हो जाने के बाद सैलानी सड़क मार्ग के भारी ट्रैफिक और जाम की समस्याओं से पूरी तरह निजात पा सकेंगे। वे सीधे काठगोदाम से नैनीताल तक का सफर तय कर पाएंगे और इस दौरान ऊंचाई से पहाड़ों की प्राकृतिक छटा और खूबसूरत वादियों के विहंगम दृश्यों का आनंद भी ले सकेंगे।
चौदह किलोमीटर लंबे मार्ग पर बनाए जाएंगे चार प्रमुख स्टेशन
इस वृहद रोप-वे परियोजना की कुल लंबाई लगभग १४ किलोमीटर निर्धारित की गई है और इसके निर्माण पर करीब १६०० करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च की जाएगी। सफर को सुचारू रूप से चलाने और यात्रियों की सुविधा के लिए इस पूरे मार्ग पर कुल चार प्रमुख टर्मिनल और स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। इस योजना के तहत एचएमटी रानीबाग में शुरुआती यानी लोअर टर्मिनल बनाया जाएगा। इसके पश्चात मार्ग में डोलमार के स्थान पर टर्न स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। इसके आगे बढ़ते हुए ज्योलीकोट में मिड टर्म स्टेशन स्थापित होगा और अंत में नैनीताल के हनुमानगढ़ी क्षेत्र में अपर टर्मिनल स्टेशन बनाया जाएगा। इन अलग-अलग स्टेशनों के बन जाने से यात्रियों को काठगोदाम और नैनीताल के बीच आने-जाने के लिए सड़क मार्ग के अलावा एक शानदार और आधुनिक विकल्प मिल जाएगा।
रानीबाग क्षेत्र में होटल और मनोरंजन जोन का होगा विकास
अपर जिलाधिकारी सौरब असवाल ने इस परियोजना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस रोप-वे प्रोजेक्ट के साथ-साथ विभिन्न निर्धारित स्थलों पर पर्यटकों के लिए कई प्रकार की आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी। विशेष रूप से रानीबाग में लगभग ३५.४० करोड़ रुपये की लागत से एक आधुनिक थ्री स्टार होटल का निर्माण किया जाएगा। इसके अतिरिक्त वहां करीब ५० करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से एक विशाल मल्टी स्टोरेज कार पार्किंग भी तैयार की जाएगी। इस परिसर में पर्यटकों के लिए विभिन्न प्रकार के फूड आउटलेट्स, परिवार के साथ मनोरंजन के लिए फैमिली एंटरटेनमेंट जोन, रिटेल शॉप और कई बेहतरीन रेस्टोरेंट भी बनाए जाएंगे। इसका मतलब यह है कि रोप-वे के जरिए यात्रा करने वाले लोगों को केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक आने-जाने की सुविधा ही नहीं मिलेगी, बल्कि मार्ग में उन्हें खानपान, खरीदारी और मनोरंजन के तमाम बेहतरीन विकल्प भी एक ही जगह पर उपलब्ध हो जाएंगे।
ज्योलीकोट में बनेगा आकर्षक ईकोटूरिज्म रिजॉर्ट
इस पूरी परियोजना के दायरे में केवल रानीबाग ही नहीं, बल्कि अन्य स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों का भी विकास किया जाना तय किया गया है। तय योजना के अनुसार ज्योलीकोट रोप-वे स्टेशन के नजदीक भी सैलानियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई नई संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इस विशेष स्थान पर लगभग २०.२५ करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक ईकोटूरिज्म रिजॉर्ट का निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही पर्यटकों की जरूरत को पूरा करने के लिए विभिन्न प्रकार की रिटेल दुकानें और फूड एंड बेवरेज आउटलेट्स भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे स्थानीय पर्यटन को और अधिक बढ़ावा मिल सके।
यातायात जाम से राहत और वादियों का अनूठा अनुभव
काठगोदाम से नैनीताल के बीच इस रोप-वे के संचालन के बाद पर्यटकों को सड़क मार्ग पर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम से बहुत बड़ी राहत मिलने की पूरी उम्मीद जताई जा रही है। विशेषकर पर्यटन सीजन के व्यस्त समय में जब सड़कों पर वाहनों का भारी दबाव होता है, तब यह रोप-वे पर्यटकों के लिए आवागमन का एक बेहतरीन और समय बचाने वाला विकल्प साबित होगा। यात्री बिना किसी ट्रैफिक बाधा के हवा में सफर करते हुए पहाड़ों की हसीन और प्राकृतिक वादियों को ऊपर से निहारते हुए सीधे नैनीताल पहुंच सकेंगे। निश्चित रूप से इस अनोखी व्यवस्था के शुरू होने के बाद नैनीताल आने वाले हर सैलानी के लिए यात्रा का यह पूरा अनुभव पहले से कहीं अधिक रोमांचक और यादगार बन जाएगा।



















