उत्तराखंड के ऋषिकेश स्थित तपोवन क्षेत्र में मानसिक शांति, योग और ध्यान से जुड़ी वस्तुओं की खोज करने वालों के लिए कई विशेष केंद्र मौजूद हैं। इस क्षेत्र में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ-साथ विशेष ध्वनि तरंगें पैदा करने वाले साउंड हीलिंग बाउल्स की विस्तृत श्रृंखला देखने को मिलती है। तनाव से राहत पाने और एकाग्रता को गहरा करने के उद्देश्य से लोग इन खास कटोरोनुमा वाद्य यंत्रों का उपयोग कर रहे हैं। तपोवन की विभिन्न दुकानों और अकादमियों में मिलने वाले ये उत्पाद अपने अनूठे आकार, शिल्प और गूंज की वजह से संगीत प्रेमियों के बीच काफी लोकप्रिय हो रहे हैं।
गंधर्व लोक वैदिक एकेडमी में संगीत और ध्वनि तरंगों का अनूठा संग्रह
तपोवन में स्थित गंधर्व लोक वैदिक एकेडमी ऑफ साउंड हीलिंग एक ऐसा स्थान है जहां संगीत और वाद्य यंत्रों की एक बड़ी विविधता मौजूद है। इस केंद्र में रखे गए वाद्य यंत्रों में से कई काफी प्राचीन शैली के हैं, जबकि कई अन्य अपने विशिष्ट डिजाइन और शिल्पकला की वजह से आने वाले लोगों का ध्यान खींचते हैं। जो लोग संगीत और उससे जुड़ी विधाओं में गहरी रुचि रखते हैं, उनके लिए यह संग्रह अत्यंत समृद्ध माना जाता है।
इस एकेडमी के संग्रह में साउंड बाउल्स को एक प्रमुख स्थान प्राप्त है। यहां छोटे आकार से लेकर काफी बड़े आकार तक के अनेक साउंड बाउल रखे गए हैं। प्रत्येक कटोरे की धातु, उसकी बनावट और उसके आकार के आधार पर उससे निकलने वाली ध्वनि तथा कंपन में भिन्नता पाई जाती है। साउंड हीलिंग सत्रों के दौरान वातावरण को पूरी तरह शांत और तनावमुक्त बनाने के लिए इन कटोरो को बजाया जाता है। जब इन्हें हल्के आघात के साथ बजाया जाता है, तो इनसे एक विशेष गूंज उत्पन्न होती है जो पूरे परिवेश में गहरा सुकून घोल देती है।
खरीदारी की दृष्टि से भी यहां विकल्पों की कोई कमी नहीं है। गंधर्व लोक वैदिक एकेडमी ऑफ साउंड हीलिंग में इन साउंड बाउल्स की शुरुआती कीमत 400 रुपये रखी गई है, जो विभिन्न आकारों और गुणवत्ता के अनुसार 2,000 रुपये तक जाती है। खरीदार अपने निजी बजट और आवश्यकता के अनुसार मनपसंद आकार का चुनाव कर सकते हैं। इसके अलावा यहां आने वाले साधकों को ध्वनि विज्ञान और संगीत की दुनिया से जुड़ी कई अन्य दुर्लभ वस्तुएं भी देखने को मिलती हैं।
तिब्बतन साउंड हीलिंग बाउल एंड हैंडीक्राफ्ट में पारंपरिक शिल्प
तिब्बती शैली के साउंड हीलिंग बाउल्स अपनी विशिष्ट बनावट और गहरे स्वर के लिए दुनिया भर में पहचाने जाते हैं। सदियों पुरानी ध्यान परंपराओं और मेडिटेशन पद्धतियों में इन कटोरो का निरंतर उपयोग होता आया है। माना जाता है कि इन बर्तनों से निकलने वाली सुरीली ध्वनि और कंपन मन को स्थिर करने तथा मानसिक एकाग्रता को बढ़ाने में सहायक होते हैं। जब एक छोटी लकड़ी की स्टिक को इनके किनारों पर घुमाया जाता है या हल्के से थपथपाया जाता है, तो उनसे एक निरंतर गूंज पैदा होती है जो मन को आंतरिक शांति प्रदान करती है।
तपोवन में ही स्थित तिब्बतन साउंड हीलिंग बाउल एंड हैंडीक्राफ्ट नामक प्रतिष्ठान पर तिब्बती शैली के कई प्रकार के साउंड बाउल उपलब्ध कराए गए हैं। यहां उपलब्ध उत्पादों की खासियत उनका विशिष्ट डिजाइन, अलग आकार और प्रत्येक पीस से निकलने वाली अनूठी ध्वनि है। इस दुकान पर कुछ ऐसे दुर्लभ तिब्बती साउंड हीलिंग बाउल भी रखे गए हैं जो ऋषिकेश के अन्य सामान्य बाजारों में आसानी से नहीं मिलते। इस प्रतिष्ठान पर साउंड हीलिंग बाउल की शुरुआती कीमत 600 रुपये दर्ज की गई है।
इस स्टोर पर सिर्फ साउंड बाउल ही नहीं, बल्कि कई प्रकार के हस्तनिर्मित उत्पाद भी मिलते हैं। यहां आने वाले पर्यटक पर्यावरण अनुकूल जूट के बने बैग, घर की सजावट से जुड़े खास सामान और स्थानीय कारीगरों द्वारा तैयार की गई खूबसूरत कलाकृतियां भी खरीद सकते हैं। ऋषिकेश की यात्रा पर आने वाले सैलानियों के लिए यह स्थान ध्यान से जुड़ी वस्तुओं के साथ-साथ घरेलू सजावट के अनोखे सामान चुनने का एक मुफीद विकल्प बन चुका है।
गंधर्व म्यूजिक स्टोर पर पारंपरिक वाद्य यंत्रों और हीलिंग बाउल का संगम
तपोवन के प्रमुख केंद्रों में गंधर्व म्यूजिक स्टोर भी शामिल है, जो वाद्य यंत्रों के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र है। इस स्टोर पर पारंपरिक भारतीय शास्त्रीय संगीत से जुड़े वाद्य यंत्र तो मिलते ही हैं, साथ ही ऐसे वाद्य भी प्रदर्शित किए गए हैं जो अपनी बनावट और ध्वनि प्रभाव में सामान्य से काफी अलग नजर आते हैं। इस स्टोर की पहचान भी यहां उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले साउंड हीलिंग बाउल्स से जुड़ी है।
गंधर्व म्यूजिक स्टोर में उपलब्ध साउंड बाउल्स को बजाने के लिए लकड़ी की छोटी छड़ी का उपयोग किया जाता है। छड़ी के हल्के स्पर्श से ही इनमें से अत्यंत मधुर और कर्णप्रिय आवाज निकलती है। योग कक्षाओं, ध्यान सत्रों और दैनिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए साधक इन बर्तनों को खरीदते हैं। विभिन्न आकारों में उपलब्ध इन बाउल्स को जब अलग-अलग गति और दबाव से बजाया जाता है, तो उनसे कई स्तरों की ध्वनियां निकलती हैं। यह विविधता ध्यान के अभ्यासियों और संगीत में रुचि रखने वालों के लिए बेहद उपयोगी साबित होती है।



















