नवंबर के आगमन के साथ ही राजस्थान भर में मौसमी चक्र में क्रमिक बदलाव साफ दिखाई देने लगा है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर केंद्रित गंभीर चक्रवाती तूफान मुरासू दक्षिण-पूर्वी आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों की दिशा में अग्रसर है, किंतु इस विशाल समुद्री मौसमी तंत्र का राजस्थान के वायुमंडलीय तंत्र पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आकलन के अनुसार, पूरे राज्य में आगामी एक सप्ताह तक परिस्थितियां पूरी तरह सूखी और आकाश स्वच्छ बना रहेगा। हवा के प्रवाह की दिशा में आने वाले क्रमिक फेरबदल के चलते रात्रि के तापमान में गिरावट दर्ज की जाएगी, जिससे राज्य के नागरिकों को हल्की गुलाबी ठंड की अनुभूति और अधिक तीव्रता से होने लगेगी।
राज्य भर में शुष्क मौसम और पारे में उतार-चढ़ाव
मौसम विभाग (IMD) के ताज़ा विश्लेषण के मुताबिक, राजस्थान के अधिकांश भूभाग में दोपहर के दौरान चमकीली धूप खिली रहेगी। इसके विपरीत, देर रात और प्रातःकाल के पहर में हल्की धुंध के साथ ठंडी हवाएं वातावरण को शीतलता प्रदान करेंगी। राजधानी जयपुर के साथ-साथ भरतपुर, कोटा और उदयपुर प्रशासनिक संभागों में आने वाले समय में न्यूनतम पारे में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज होने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। राज्य की सीमा के भीतर वर्षा या धूल भरी आंधी चलने की कोई संभावना मौजूद नहीं है। लोग दोपहर के समय सामान्य गर्माहट का अनुभव कर रहे हैं, परंतु देर शाम ढलने और सुबह के समय हल्के ऊनी कपड़ों की आवश्यकता महसूस की जाने लगी है।
राजधानी जयपुर और पड़ोसी इलाकों का हाल
राजधानी जयपुर में आज दिन भर खुला और साफ आसमान बना रहेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुमानों के आधार पर, जयपुर में दिन का अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस तथा रात्रि का न्यूनतम स्तर लगभग 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने की संभावना है। सुबह के शुरुआती घंटों में वातावरण में हल्की नमी तथा ठंडक घुली रहेगी, जबकि सूरज चढ़ने पर धूप थोड़ी तीखी हो सकती है। जयपुर जिले के साथ लगते दौसा और अलवर जैसे निकटवर्ती इलाकों में अगले दो से तीन दिनों की अवधि में रात का तापमान और नीचे लुढ़कने की संभावना जताई गई है।
हाड़ौती क्षेत्र में मौसम का मिजाज
कोटा संभाग के प्रमुख जिलों कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ में भी शुष्क परिस्थितियां निरंतर बनी रहेंगी। इस समूचे अंचल में चक्रवाती तूफान मुरासू के कारण किसी भी प्रकार का मौसमी व्यवधान उत्पन्न नहीं होगा। दिन के समय तापमान सामान्य औसत के इर्द-गिर्द टिका रहेगा, जबकि रात गहराने पर हल्की ठंडी हवाएं सिहरन पैदा करेंगी। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पूर्वानुमान के अनुसार, हाड़ौती अंचल में न्यूनतम तापमान 17 से 19 डिग्री सेल्सियस के दायरे में रहने का अनुमान लगाया गया है, जिससे वहां की रातें पहले से अधिक सर्द होने लगेंगी।
मेवाड़ और पर्वतीय अंचल में सर्दी का विस्तार
मेवाड़ पट्टी के उदयपुर, चित्तौड़गढ़ और राजसमंद जनपदों में भी ठंडी हवाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से उभरने लगा है। अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं से घिरे होने की भौगोलिक स्थिति के चलते उदयपुर में रात्रि का तापमान तेजी से नीचे आ रहा है। मौसम विभाग का आकलन है कि आगामी दिनों में उदयपुर और पर्वतीय पर्यटन स्थल माउंट आबू जैसे स्थानों पर पारा और गिरेगा। इस तापमान गिरावट के फलस्वरूप सुबह-सुबह सैर अथवा भ्रमण के लिए निकलने वाले निवासियों और पर्यटकों को सर्दी का असर अधिक स्पष्ट रूप से महसूस होगा।
शेखावाटी और भरतपुर संभाग में तापमान की स्थिति
शेखावाटी क्षेत्र के जिलों सीकर, झुंझुनूं और चुरू के अलावा भरतपुर संभाग में भी न्यूनतम तापमान में गिरावट का क्रम जारी है। शेखावाटी के रेतीले इलाकों में रात का न्यूनतम तापमान राज्य के अन्य जिलों की तुलना में उल्लेखनीय रूप से कम दर्ज किया जा रहा है। मौसम विज्ञानियों का आकलन है कि नवंबर के दूसरे सप्ताह के आरंभ से राज्य के विस्तृत भूभाग में ठंड की तीव्रता और अधिक बढ़ जाएगी।



















