त्योहारी मौसम में बदबूदार फ्रिज को बेकिंग सोडा और आसान घरेलू नुस्खों से ऐसे बनाएं चमकदारप्रख्यात न्यूरोसर्जन पद्मश्री डॉ. अशोक कुमार महापात्र का 74 वर्ष की आयु में निधन, एम्स दिल्ली में ली अंतिम सांसऐप्पल के कमजोर मार्जिन अनुमान से डाउ जोन्स में गिरावट, चिप शेयरों के सहारे नैस्डैक संभलाबंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवात मुरासू से राजस्थान सुरक्षित, रात के तापमान में गिरावट के साथ बढ़ेगी सर्दीयूक्रेन में सहायता केंद्र और अस्पताल पर भीषण बमबारी, कम से कम 38 नागरिकों की मौतसेना की नौकरी छोड़ मुंबई पहुंचे थे प्रेमनाथ, संन्यास के बाद नेगेटिव रोल से चमका था करियरमकर राशिफल 4 नवंबर 2026: अनचाहा तनाव और जल्दबाजी में निवेश से बचें, रोजमर्रा के काम पर रखें ध्यानराजस्थान में भारत-पाक सीमा के पास रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, यात्री ट्रेन निकलने के तुरंत बाद क्षतिग्रस्त हुए दो पिलरचीन के केंद्रीय बैंक ने विदेशी मुद्रा भंडार नियमों में किया बदलाव, डॉलर के मुकाबले युआन में नरमी के आसारग्लासगो से आयरनमैन तक, मिलिंद सोमन के 61 साल के जीवन और फिटनेस का शानदार सफर
प्रख्यात न्यूरोसर्जन पद्मश्री डॉ. अशोक कुमार महापात्र का 74 वर्ष की आयु में निधन, एम्स दिल्ली में ली अंतिम सांसभारत
4 नव॰ 2026, 6:23 am (1 मिनट पहले)· 0

प्रख्यात न्यूरोसर्जन पद्मश्री डॉ. अशोक कुमार महापात्र का 74 वर्ष की आयु में निधन, एम्स दिल्ली में ली अंतिम सांस

सिर से जुड़े जुड़वां बच्चों जग्गा और कालिया को ऐतिहासिक सर्जरी से अलग करने वाले प्रख्यात न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक कुमार महापात्र का दिल्ली एम्स में निधन हो गया। 74 वर्षीय पद्मश्री से सम्मानित डॉ. महापात्र एम्स भुवनेश्वर के पहले निदेशक भी रहे थे।

भारतीय चिकित्सा जगत के जाने-माने न्यूरोसर्जन और पद्मश्री से विभूषित प्रोफेसर डॉ. अशोक कुमार महापात्र का सोमवार रात अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे और संस्थान में तंत्रिका तंत्र से जुड़ी गंभीर बीमारियों के लिए उपचाराधीन थे। उनके परिवार में उनकी धर्मपत्नी और एक पुत्री हैं। डॉ. महापात्र के निधन के समाचार के बाद समूचे चिकित्सा जगत और देशभर में व्यापक शोक व्यक्त किया जा रहा है।

स्वास्थ्य समस्याएं और दिल्ली में उपचार

डॉ. महापात्र लंबे समय से मस्तिष्क कैंसर के अत्यंत गंभीर रूप ग्लियोब्लास्टोमा से जूझ रहे थे। स्वास्थ्य बिगड़ने के पश्चात बीते महीने दो अक्टूबर को उन्हें विशेष विमान से भुवनेश्वर से नई दिल्ली स्थित एम्स लाया गया था। यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में उनके ब्रेन स्ट्रोक का उपचार चल रहा था। सोमवार रात चिकित्सा प्रक्रिया के दौरान ही उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर मंगलवार को अंतिम संस्कार संपन्न कराने के लिए भुवनेश्वर ले जाया जाएगा।

ये भी पढ़ें

जग्गा और कालिया का ऐतिहासिक ऑपरेशन

डॉ. अशोक कुमार महापात्र के चिकित्सकीय जीवन की सबसे प्रमुख सफलताओं में वर्ष 2017 की वह जटिल सर्जरी शामिल है, जब उन्होंने सिर से जुड़े जुड़वां बालकों जग्गा और कालिया को सफलतापूर्वक अलग किया था। ओडिशा के मूल निवासी इन दोनों बच्चों को अलग करने के लिए नई दिल्ली एम्स में 16 घंटे लंबा विस्तृत ऑपरेशन संचालित किया गया था। भारत में अपने स्वरूप की यह पहली ऐतिहासिक सर्जरी मानी गई, जिसने देश-विदेश में व्यापक ध्यान आकर्षित किया और चिकित्सा विज्ञान में नए प्रतिमान स्थापित किए।

एम्स भुवनेश्वर की स्थापना और पद्म सम्मान

चिकित्सा क्षेत्र में असाधारण शोध और असाधारण सेवाओं को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने वर्ष 2024 में डॉ. महापात्र को देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान पद्मश्री से अलंकृत किया था। इसके अतिरिक्त, ओडिशा में शीर्ष स्वास्थ्य अवसंरचना के विकास में भी उनकी केंद्रीय भूमिका रही। उन्होंने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, भुवनेश्वर की स्थापना में महत्वपूर्ण दायित्व निभाया और संस्थान के प्रथम निदेशक के पद पर अपनी सेवाएं प्रदान की थीं।

राजनेताओं और प्रख्यात हस्तियों ने दी श्रद्धांजलि

डॉ. महापात्र के निधन पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों से व्यापक संवेदनाएं व्यक्त की गई हैं। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि देश के प्रतिष्ठित न्यूरोसर्जन के रूप में उन्होंने ओडिशा और पूरे देश का गौरव बढ़ाया। उन्होंने चिकित्सा सेवाओं और शोध में डॉ. महापात्र के अतुलनीय योगदान का स्मरण किया।

इसी प्रकार, बीजू जनता दल के अध्यक्ष तथा पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने भी अपनी शोक संवेदनाएं प्रकट कीं। नवीन पटनायक ने उल्लेख किया कि डॉ. महापात्र ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में गहरी छाप छोड़ी है और उनका जाना राज्य तथा पूरे राष्ट्र के लिए अपूरणीय क्षति है।

सवाल-जवाब

डॉ. अशोक कुमार महापात्र का निधन किस कारण हुआ?
वह लंबे समय से ब्रेन कैंसर के रूप ग्लियोब्लास्टोमा से पीड़ित थे और ब्रेन स्ट्रोक के उपचार के दौरान दिल्ली एम्स में उनका निधन हुआ।
निधन के समय डॉ. महापात्र की उम्र कितनी थी?
निधन के समय उनकी आयु 74 वर्ष थी।
जग्गा और कालिया का ऑपरेशन कब और कहां हुआ था?
यह 16 घंटे लंबा ऐतिहासिक ऑपरेशन 2017 में नई दिल्ली स्थित एम्स में संपन्न हुआ था।
डॉ. अशोक कुमार महापात्र को पद्मश्री पुरस्कार कब प्रदान किया गया था?
उन्हें चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए वर्ष 2024 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया था।
एम्स भुवनेश्वर में उनकी क्या भूमिका थी?
उन्होंने एम्स भुवनेश्वर की स्थापना में महत्वपूर्ण योगदान दिया था और वह इस संस्थान के पहले निदेशक नियुक्त हुए थे।
डॉ. महापात्र के परिवार में कौन-कौन हैं?
उनके परिवार में उनकी पत्नी और एक बेटी हैं।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp