वैश्विक गिरावट और कच्चे तेल में उछाल से सहमे भारतीय बाजार, 20 अगस्त को निफ्टी और सेंसेक्स में देखने को मिल सकता है दबावघर में डेंगू का मरीज होने पर परिवार को सुरक्षित रखने की गाइड: फोर्टिस मानेसर के विशेषज्ञ से जानें जरूरी सावधानियांकर्नाटक के दावणगेरे में पति रघु की हत्या, अवैध संबंध छिपाने के लिए पत्नी श्रुति और प्रेमी उबैदुल्लाह गिरफ्तारपाकिस्तान सुप्रीम कोर्ट के आदेश को चुनौती देने अदालत पहुंची शहबाज सरकार, अडियाला जेल में ही इमरान खान को रखने पर अड़ीपीलीभीत में पुराना बकाया मांगने पर परचून कारोबारी की जान ली, पुलिस ने तीन अभियुक्तों को दबोचाचमोली के नारायणबगड़ में खूंखार कुत्तों का हमला, 10 शिक्षण संस्थान चार दिनों के लिए बंदरिश्वत की मांग साबित न होने पर सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात के ग्राम पंचायत कर्मचारियों को 1996 के केस में बरी कियाअमरीकी ट्रेजरी की बायबैक घोषणा के बाद डॉलर सुस्त, सोना $4,500 के पार निकलने को तैयारचीन की मेट्रो में बैग से फर्श पर फैले दर्जनों सांप, 15 मिनट तक बेखौफ यात्रियों ने की पकड़ने में मददपेपर लीक पर पटना में RJD का राजभवन मार्च, पुलिस की पानी की बौछार के बीच बैरिकेड पर चढ़कर गरजे तेजस्वी यादव
ट्रेन में सवार होते ही हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता के मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाबी हलफनामाउत्तराखंड
21 जुल॰ 2026, 10:04 am (30 दिन पहले)· 0

ट्रेन में सवार होते ही हिरासत में लिए गए कार्यकर्ता के मामले में हाईकोर्ट सख्त, सरकार से मांगा जवाबी हलफनामा

जंतर मंतर पर चल रहे सोनम वांगचुक और CJP के प्रदर्शन में शामिल होने ऋषिकेश से ट्रेन पकड़ने वाले कार्यकर्ता प्रभाग ध्यानी को कथित तौर पर पुलिस उठा ले गई, जिसके बाद उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस से हिरासत के आधार पर जवाब मांगा है।

उत्तराखंड हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस से यह बताने को कहा है कि एक सामाजिक कार्यकर्ता को ट्रेन में बैठते ही हिरासत में क्यों ले लिया गया और उसे दिल्ली में चल रहे एक प्रदर्शन में शामिल होने से क्यों रोका गया। मामला जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन से जुड़ा है, जिसमें भाग लेने के लिए उत्तराखंड का एक कार्यकर्ता निकला था।

कौन हैं प्रभाग ध्यानी और क्या हुआ था

यह कार्यकर्ता उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष प्रभाग ध्यानी हैं। उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट पर पोस्ट डालकर बताया था कि वह सोनम वांगचुक और CJP के समर्थन में जंतर मंतर पर आयोजित प्रदर्शन में हिस्सा लेने दिल्ली रवाना हो रहे हैं। इसके लिए वह अपने दो साथियों के साथ ऋषिकेश से ट्रेन में सवार हुए थे, लेकिन इसके बाद घंटों तक उनका कोई अता-पता नहीं चला।

ये भी पढ़ें

स्टेशन पर उठाया, परिवार को नहीं दी कोई जानकारी

परिवार का कहना है कि रविवार शाम करीब सवा पांच बजे ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर कुछ पुलिसकर्मी प्रभाग ध्यानी को अपने साथ ले गए। इसके बाद न तो यह बताया गया कि उन्हें कहां ले जाया गया है, और न ही हिरासत की कोई वजह स्पष्ट की गई। परिवार का आरोप है कि इस दौरान उनकी कोई खोज खबर नहीं ली जा सकी। इसी के बाद पार्टी के सचिव ने उत्तराखंड हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दाखिल की। याचिका में कहा गया कि पुलिस ने न तो हिरासत का आधार बताया, न स्थान और न ही उनकी सेहत या स्थिति की जानकारी दी, जो संविधान और कानून दोनों के विपरीत है।

अदालत में सरकार का जवाब, और कोर्ट का पलटवार

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि प्रभाग ध्यानी को रिहा किया जा चुका है और फिलहाल वह अपनी मां की कस्टडी में हैं। हाईकोर्ट ने इस जवाब पर तीखी टिप्पणी की और पूछा कि जब वह एक वयस्क व्यक्ति हैं तो उन्हें मां की कस्टडी में क्यों सौंपा गया, उन्हें पूरी तरह स्वतंत्र क्यों नहीं छोड़ा गया। अदालत ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि हिरासत और रिहाई से जुड़े सभी दस्तावेज पेश किए जाएं, साथ ही यह भी स्पष्ट करें कि किस कानूनी प्रावधान के तहत उन्हें रोका गया था।

वारंट का दावा और पत्नी की ईमेल शिकायत

याचिका में एक और अहम दावा किया गया है कि प्रभाग ध्यानी को रामनगर पुलिस ने एक वारंट के आधार पर अपने पास रखा था। उनकी पत्नी उमा रानी ने ईमेल भेजकर पुलिस से हिरासत से जुड़ी जानकारी मांगी थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने न तो उनकी शिकायत को गंभीरता से लिया और न ही हिरासत की कोई पुष्ट जानकारी साझा की। इस मामले की अगली सुनवाई मंगलवार यानी आज तय की गई है, जिसमें राज्य सरकार को अपना पूरा पक्ष दस्तावेजों के साथ रखना होगा।

सवाल-जवाब

प्रभाग ध्यानी कौन हैं?
वह उत्तराखंड परिवर्तन पार्टी के अध्यक्ष हैं और एक सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हैं।
उन्हें कब और कहां हिरासत में लिया गया?
20 जुलाई रविवार शाम करीब सवा पांच बजे ऋषिकेश रेलवे स्टेशन पर पुलिस उन्हें अपने साथ ले गई।
वह कहां जा रहे थे?
वह जंतर मंतर पर सोनम वांगचुक और CJP के समर्थन में हो रहे प्रदर्शन में शामिल होने दिल्ली जा रहे थे।
याचिका किसने और क्यों दायर की?
पार्टी के सचिव ने हाईकोर्ट में हैबियस कॉर्पस याचिका दायर की क्योंकि पुलिस ने हिरासत के आधार, स्थान और स्थिति की कोई जानकारी नहीं दी।
हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से क्या पूछा?
अदालत ने पूछा कि एक वयस्क व्यक्ति को मां की कस्टडी में क्यों दिया गया और उसे पूरी तरह मुक्त क्यों नहीं छोड़ा गया।
वारंट किस पुलिस के पास था?
याचिका के मुताबिक प्रभाग ध्यानी को रामनगर पुलिस ने एक वारंट के आधार पर रखा था।
पत्नी उमा रानी ने क्या कदम उठाया?
उन्होंने ईमेल के जरिए पुलिस से हिरासत की जानकारी मांगी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
अगली सुनवाई कब होगी?
मामले की अगली सुनवाई मंगलवार यानी आज तय है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR