उत्तराखंड में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है और लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। पहाड़ी इलाकों में लगातार बरस रहे पानी के कारण सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हो गई हैं और हालात की गंभीरता को भांपते हुए प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। मौसम विभाग की तरफ से जारी चेतावनी के बीच राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा को आगामी आदेशों तक के लिए अस्थाई तौर पर स्थगित कर दिया है।
प्रशासन का आधिकारिक निर्देश और सुरक्षा के इंतजाम
गढ़वाल मंडल, पौड़ी के आयुक्त आनंद स्वरूप ने श्रद्धालुओं की जानमाल की सुरक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता बताया है। इसी को ध्यान में रखते हुए उन्होंने इस संबंध में 26 सितंबर 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी किया है। चारधाम यात्रा प्रबंधन एवं नियंत्रण संगठन की ओर से साझा की गई जानकारी और उत्तराखंड राज्य इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर के खराब मौसम के पूर्वानुमान को आधार बनाते हुए यह निर्णय लिया गया है।
26 और 27 सितंबर के लिए यात्रा पर पूर्ण प्रतिबंध
जारी किए गए निर्देशों के अनुसार, 26 सितंबर की दोपहर से लेकर 27 सितंबर तक चारों धामों की तीर्थयात्रा पूरी तरह से रोकी गई है। गढ़वाल मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के जिलाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाकों में मौजूद सभी तीर्थयात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर रखें। प्रशासन ने इस बात पर जोर दिया है कि आदेश का पूरी सख्ती से पालन कराया जाए ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
मौसम सुधरने के बाद ही होगी बहाली
प्रशासन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा है कि जब तक मौसम पूरी तरह साफ नहीं हो जाता और हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक यात्रा को दोबारा शुरू नहीं किया जाएगा। मौसम के सामान्य होने के बाद ही यात्रा को फिर से आरंभ करने के लिए जरूरी प्रशासनिक कदम उठाए जाएंगे। तब तक सभी यात्रियों से अपील की गई है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित स्थानों पर ही रहें।





















