उत्तराखंड में मानसून की विदाई और बारिश का दौर थमने के बाद अब मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल रहा है। सुबह और शाम के समय तापमान में गिरावट आने से ठंड का असर साफ महसूस होने लगा है, जबकि दिन के वक्त तेज धूप खिलने से मौसम सुहाना बना हुआ है। मैदानी इलाकों से लेकर पहाड़ी क्षेत्रों तक दिन के समय गर्मी का अहसास हो रहा है, लेकिन रात और सुबह के पारे में आ रही गिरावट ने ठिठुरन बढ़ा दी है। इस बीच मौसम विभाग ने आने वाले दिनों के लिए नया पूर्वानुमान जारी किया है, जिसके तहत अगले कुछ दिनों तक धूप खिली रहने की बात कही गई है।
22 अक्टूबर तक प्रदेशभर में रहेगा साफ मौसम
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के सभी जिलों में 20 अक्टूबर से लेकर 22 अक्टूबर तक मौसम पूरी तरह शुष्क बना रहेगा। इस अवधि के दौरान प्रदेश के किसी भी हिस्से में बारिश की कोई संभावना नहीं जताई गई है। पिछले 24 घंटों की बात करें तो मैदानी क्षेत्रों में अधिकतम तापमान सामान्य के आसपास दर्ज किया गया है, जबकि पर्वतीय इलाकों में यह सामान्य से अधिक रहा है। धूप की वजह से दिन में राहत जरूर मिल रही है, लेकिन पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के संकेत भी मिलने लगे हैं, जिसका असर जल्द ही पर्वतीय क्षेत्रों के मौसम पर दिखाई देगा।
23 अक्टूबर से पर्वतीय जिलों में बदलेगा मौसम का रुख
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 23 अक्टूबर से पहाड़ों में मौसम करवट लेगा और कुछ चुनिंदा जिलों में मिजाज बदल जाएगा। इस दिन उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जैसे पर्वतीय जिलों में छिटपुट जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश होने के आसार हैं। इसके अलावा, 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर बादलों की गर्ज के साथ बौछारें भी पड़ सकती हैं, जबकि राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।
24 और 25 अक्टूबर को बारिश और बर्फबारी का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार, 24 अक्टूबर और 25 अक्टूबर को उत्तराखंड के पांच प्रमुख पर्वतीय जिलों में बारिश और बर्फबारी का नया दौर देखने को मिल सकता है। इन जिलों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ शामिल हैं, जहां कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना है। इन इलाकों में भी 3500 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाले ऊंचे शिखरों पर बर्फबारी हो सकती है और कुछ जगहों पर गरज के साथ बौछारें पड़ने की उम्मीद है। इन दो दिनों के दौरान भी शेष मैदानी और अन्य जिलों में मौसम के शुष्क रहने के ही आसार हैं।
























