उत्तराखंड में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदलने जा रहा है। देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आज यानी 18 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के तीन पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में छिटपुट जगहों पर बहुत हल्की से हल्की बारिश और बर्फबारी होने के आसार जताए गए हैं। इसके साथ ही करीब 3800 मीटर या उससे अधिक ऊंचाई वाली चोटियों पर हल्की बर्फबारी दर्ज किए जाने की उम्मीद है। हालांकि, राहत की बात यह है कि मौसम विभाग ने राज्य के किसी भी हिस्से के लिए कोई गंभीर चेतावनी जारी नहीं की है।
मैदानी और अन्य जिलों में मौसम का हाल
उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ को छोड़कर उत्तराखंड के बाकी सभी जिलों में आज यानी 18 अक्टूबर को मौसम पूरी तरह साफ और शुष्क रहने की उम्मीद है। इसके अलावा, आने वाले चार दिनों यानी 19, 20, 21 और 22 अक्टूबर 2026 तक पूरे राज्य में मौसम के शुष्क बने रहने की संभावना जताई गई है। इस दौरान किसी भी प्रकार की बारिश या हिमपात का अनुमान नहीं है और न ही कोई नया अलर्ट जारी किया गया है।
देहरादून और हरिद्वार में तापमान की स्थिति
देहरादून और आसपास के मैदानी इलाकों में धूप खिली रहने की संभावना है। पिछले आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार 16 अक्टूबर को दून का अधिकतम तापमान सामान्य से एक डिग्री बढ़कर 29.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जबकि न्यूनतम तापमान सामान्य से दो डिग्री गिरकर 14.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। इसी तरह हरिद्वार और ऋषिकेश में भी दिन के समय मौसम सुहावना बना रहेगा, लेकिन रात और सुबह के वक्त पारे में गिरावट के कारण ठंडक महसूस की जाएगी।
नैनीताल, अल्मोड़ा और उधम सिंह नगर का परिदृश्य
नैनीताल और अल्मोड़ा जैसे पहाड़ी जिलों में आज मौसम पूरी तरह साफ रहने का अनुमान है। दिन में अच्छी धूप खिलने से स्थानीय लोगों और पर्यटकों को राहत मिलेगी, लेकिन शाम ढलते ही ठंडी हवाओं के प्रभाव से तापमान में तेजी से गिरावट आएगी। वहीं, उधम सिंह नगर और रुड़की जैसे मैदानी जिलों में भी मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने के आसार हैं।
पर्वतीय चोटियों पर हिमपात का अनुमान
उत्तरकाशी की गंगोत्री और यमुनोत्री घाटियों, चमोली के बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब क्षेत्रों तथा पिथौरागढ़ के मुनस्यारी एवं धारचूला में 3800 मीटर से ऊंचे शिखरों पर हल्की बर्फबारी हो सकती है। इन जिलों की निचली घाटियों में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी और बादलों की गर्जन की स्थिति बन सकती है, जिससे तापमान में मामूली कमी दर्ज की जाएगी।



















