उत्तराखंड के निवासियों के लिए 09 जुलाई और 10 जुलाई का समय अत्यधिक सावधानी बरतने का है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के ऊपर एक शक्तिशाली कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जो चक्रवाती हवाओं के साथ मिलकर उत्तराखंड में मानसून की गतिविधियों को अत्यंत प्रभावी बना रहा है। इस मौसमी तंत्र का पश्चिमी विक्षोभ के साथ मिलन होने के कारण राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम की इस विकट स्थिति को देखते हुए, विभाग ने संवेदनशील जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट घोषित किया है। अगले कुछ घंटों में अत्यधिक तेज बारिश और आकाशीय बिजली गिरने की प्रबल संभावना है, जिससे प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही वर्षा के कारण भूस्खलन का जोखिम काफी बढ़ गया है, जिसका सीधा असर चारधाम यात्रा सहित अन्य सड़क मार्गों पर पड़ रहा है। मौसम केंद्र के अनुसार, कुमाऊं मंडल के लगभग सभी जिलों और गढ़वाल मंडल के अनेक हिस्सों में गर्जना के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जाएगी। यह प्रतिकूल मौसमी स्थिति केवल आज तक सीमित नहीं है, बल्कि 11 से 14 जुलाई तक राज्य के विभिन्न भागों में बनी रहेगी।
ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले जिले
विभाग ने राज्य के 7 प्रमुख जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जहां भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। इन जिलों में देहरादून, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, उधमसिंह नगर और चम्पावत शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ ही घंटों के भीतर तीव्र वर्षा की बौछारें पड़ने की आशंका है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की गंभीर समस्या पैदा हो सकती है। इसके अतिरिक्त, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, अल्मोड़ा, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। हालांकि यहां ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों की तुलना में स्थिति थोड़ी कम भयावह है, फिर भी इन पर्वतीय क्षेत्रों में भारी बारिश, बिजली कड़कने और पहाड़ी से पत्थर गिरने जैसी घटनाएं होने की पूरी संभावना है।
राजधानी और प्रमुख केंद्रों का हाल
देहरादून और मसूरी सहित जॉलीग्रांट के क्षेत्रों में मौसम पूरी तरह आक्रामक हो चुका है। देहरादून के लिए अगले 3 घंटों का विशेष ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। गौर करने वाली बात है कि बीते दिन मोहकमपुर में अधिकतम तापमान 33.1°C दर्ज किया गया था, लेकिन मौजूदा बारिश के कारण तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। जॉलीग्रांट में 35 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल रही हैं। रुद्रप्रयाग जिले में कल रात से जारी मूसलाधार बारिश ने अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों को खतरे के निशान के पास पहुंचा दिया है। प्रशासन ने नदी के किनारे रहने वाले निवासियों को सुरक्षित स्थानों पर जाने या अत्यधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। केदारनाथ हाईवे पर सक्रिय स्लाइडिंग जोन के कारण यातायात की गति धीमी पड़ गई है और आधा दर्जन से अधिक संपर्क मार्ग बंद कर दिए गए हैं।
भूस्खलन से यातायात और जनजीवन पर असर
चमोली में घने बादलों की आवाजाही के बीच रुक-रुक कर तेज बारिश हो रही है, जिससे बद्रीनाथ हाईवे पर मलबा आने की घटनाएं सामने आई हैं। अधिकारियों ने यात्रियों को केवल अत्यंत आवश्यक होने पर ही यात्रा करने और मौसम के स्थिर होने का इंतजार करने की सलाह दी है। पिथौरागढ़ जिले में हालात सबसे नाजुक हैं, जहां भारी लैंडस्लाइड के कारण 18 मुख्य और ग्रामीण सड़कें बंद हो गई हैं, जिससे गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह टूट गया है। बागेश्वर में भी नदियां और नाले उफान पर हैं। नैनीताल के मुक्तेश्वर में तापमान 16.0°C तक पहुंच गया है और वहां 44 किमी प्रति घंटे की तेज गति से हवाएं चल रही हैं।
आगामी दिनों की मौसम स्थिति
बारिश का यह सिलसिला आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा। 10 जुलाई को पौड़ी, नैनीताल, उधमसिंह नगर, चम्पावत और बागेश्वर में बहुत भारी बारिश का अनुमान है, जबकि देहरादून, टिहरी और हरिद्वार में भी भारी बारिश जारी रहेगी। 11 जुलाई को गढ़वाल और कुमाऊं के अनेक हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होगी, जिसमें देहरादून, नैनीताल, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर के लिए येलो अलर्ट रहेगा। 12 से 14 जुलाई तक पूरे राज्य में गर्जन के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।











