उत्तराखंड के मंच पर उपजे पांच दिन पुराने विवाद पर अब पूरी तरह विराम लग गया है। नई टिहरी में आयोजित एक सांस्कृतिक मेले के दौरान कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल और लोकप्रिय पंजाबी गायक दलेर मेहंदी के बीच सार्वजनिक रूप से तीखी तकरार देखने को मिली थी। इस घटना के बाद जब वीडियो इंटरनेट पर प्रसारित हुआ, तो गायक के छोटे भाई मीका सिंह अपने भाई के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए आगे आए और लगातार कड़े सवाल उठाए। स्थिति को गंभीर होते देख राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने व्यक्तिगत स्तर पर हस्तक्षेप किया, जिसके बाद यह तनाव शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो गया है। मीका सिंह ने सोशल मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री के संवेदनशील रवैये की सराहना करते हुए पूरे मामले के सुलझने की जानकारी साझा की है।
मंच पर क्या हुआ था विवाद
यह पूरा मामला 18 अक्टूबर 2026 की रात का है, जब नई टिहरी में सिद्धपीठ मां कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का आयोजन चल रहा था। इस सांस्कृतिक उत्सव में दलेर मेहंदी मुख्य आकर्षण के रूप में प्रस्तुति देने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान अचानक उत्तराखंड सरकार के कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल मंच पर पहुंच गए। मंत्री ने गायक की प्रस्तुति को बीच में ही रुकवा दिया और सबके सामने उनके व्यवहार पर नाराजगी जताने लगे।
वायरल हुए वीडियो फुटेज में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल बेहद तल्ख तेवरों में गायक से बात करते दिखाई दिए। उन्होंने माइक पर सार्वजनिक रूप से कहा कि इतना भारी भुगतान करके आपको यहां बुलाया गया है, लेकिन आप जनता को बेवकूफ बना रहे हैं। मंत्री ने यह भी टिप्पणी की कि जब उनसे सामान्य रूप से बोला तक नहीं जा रहा, तो वे मंच से गीत क्या गाएंगे। इस अप्रत्याशित अपमान के बाद कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया और दलेर मेहंदी को मंच छोड़ना पड़ा।
मीका सिंह का जोरदार पलटवार
अपने बड़े भाई के साथ सार्वजनिक मंच पर हुए इस दुर्व्यवहार का वीडियो सामने आने के बाद मीका सिंह बेहद आहत और आक्रोशित हुए। उन्होंने तुरंत एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर मंत्री के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मीका सिंह ने स्पष्ट किया कि हाल के दिनों में दलेर मेहंदी का एक बहुत बड़ा मेडिकल ऑपरेशन हुआ था। सर्जरी के कारण उनका स्वास्थ्य पूरी तरह ठीक नहीं था और संभवतः इसी शारीरिक कमजोरी की वजह से उन्हें मंच पर खड़े होने या गाने में असहजता हो रही थी।
मीका सिंह ने मीडिया के सामने दो टूक कहा कि मंत्री को कलात्मक प्रस्तुति पर सवाल उठाने का हक हो सकता है, लेकिन बिना किसी आधार के यह आरोप लगाना पूरी तरह अनुचित है कि गायक नशे की हालत में थे। उन्होंने कहा कि उनके भाई पिछले 30 वर्षों से संगीत जगत में सुपरस्टार रहे हैं और किसी ने भी उनके हाथ में शराब का ग्लास नहीं देखा। मीका ने यहां तक चुनौती दी कि यदि बॉलीवुड या संगीत उद्योग का कोई भी साथी यह साबित कर दे कि उसने दलेर मेहंदी को शराब पीते देखा है, तो वे स्वयं गायकी छोड़ देंगे।
सिख संगठनों का आक्रोश और मुख्यमंत्री की मध्यस्थता
पांच दिनों के भीतर यह विवाद केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें संगीत जगत की कई जानी-मानी हस्तियां दलेर मेहंदी के समर्थन में उतर आईं। साथ ही कई सिख संगठनों ने भी एक वरिष्ठ कलाकार के साथ हुए इस अपमानजनक व्यवहार पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर बढ़ते असंतोष को देखते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कमान संभाली।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री धामी ने पूरी स्थिति को शांत करने की दिशा में सकारात्मक बयान दिया। उन्होंने कहा कि संभव है उस समय कैबिनेट मंत्री पर उपस्थित जनसमूह का अत्यधिक दबाव रहा हो। मुख्यमंत्री ने बताया कि मंत्री को इस बात की पहले से कोई जानकारी नहीं थी कि गायक की तबीयत गंभीर रूप से खराब थी। धामी ने रेखांकित किया कि उत्तराखंड कलाकारों का सम्मान करने वाली पावन भूमि है और यहां किसी भी कलाकार की गरिमा को ठेस नहीं पहुंचाई जाती। उन्होंने दोनों भाइयों को अपना पुराना और अच्छा मित्र बताते हुए स्वयं हस्तक्षेप का आश्वासन दिया।
फोन पर बातचीत और सौहार्दपूर्ण अंत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पहल करते हुए दलेर मेहंदी और मीका सिंह दोनों से फोन पर सीधे संपर्क साधा। मुख्यमंत्री ने फोन पर हुई बातचीत के दौरान दलेर मेहंदी को पूरे मान-सम्मान के साथ पुनः उत्तराखंड आमंत्रित करने की बात कही। राज्य के मुखिया के इस सकारात्मक रुख ने पूरे तनाव को समाप्त कर दिया।
इसके बाद मीका सिंह ने अपने सोशल मीडिया संदेश के जरिए मामले के पटाक्षेप की घोषणा की। मीका ने बताया कि स्वयं दलेर मेहंदी ने उनसे आग्रह किया कि अब इस बात को और अधिक तूल न दिया जाए। मीका सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने एक कलाकार के आत्मसम्मान और उसकी मानवीय संवेदनाओं को समझा। इस तरह प्रशासनिक समझदारी और कलाकारों के बड़प्पन से यह चर्चित विवाद पूरी तरह शांत हो गया।
























