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उत्तराखंड में कुदरत का कहर: 7 जिलों में रेड अलर्ट, 173 रास्ते बंद और ढह गए मकानउत्तराखंड
11 जुल॰ 2026, 6:57 am (45 दिन पहले)· 2

उत्तराखंड में कुदरत का कहर: 7 जिलों में रेड अलर्ट, 173 रास्ते बंद और ढह गए मकान

उत्तराखंड में मानसून की भीषण मार जारी है। IMD ने देहरादून और नैनीताल समेत सात जिलों में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि राज्य भर में 173 सड़कें मलबे के कारण बंद हैं।

11 जुलाई 2026 को उत्तराखंड में मानसून पूरी तरह से रौद्र रूप दिखा रहा है। राज्य के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह से ठप कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के देहरादून केंद्र ने राज्य के सात महत्वपूर्ण जनपदों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन प्रभावित जिलों में देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर शामिल हैं। विभाग की चेतावनी के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ अत्यंत तीव्र बारिश की प्रबल संभावना है। पहाड़ी और संवेदनशील इलाकों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी काफी अधिक बना हुआ है, जिसके चलते प्रशासन ने लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।

तापमान में गिरावट और पिछले 24 घंटों का हाल

बीते एक दिन में राज्य भर में मौसम का मिजाज काफी बिगड़ा हुआ रहा है। कई स्थानों पर हल्की तो कुछ दुर्गम क्षेत्रों में रिकॉर्ड तोड़ भारी बरसात दर्ज की गई है। इस निरंतर हो रही बारिश के कारण राज्य के अधिकतम तापमान में सामान्य से काफी गिरावट देखी गई है, जिससे मैदानी इलाकों के निवासियों को उमस से तो मुक्ति मिली है, लेकिन बाढ़ और भूस्खलन का खतरा तेजी से बढ़ गया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, उधम सिंह नगर के पंतनगर में राज्य का अधिकतम तापमान 30.2°C रहा, जबकि टिहरी गढ़वाल सबसे ठंडा इलाका रहा जहां पारा 14.4°C पर सिमट गया। बदरीनाथ, केदारनाथ, यमुनोत्री और गंगोत्री जैसे धार्मिक केंद्रों पर भी तेज हवाओं के साथ बारिश जारी है, जिसके कारण तीर्थयात्री और स्थानीय नागरिक विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए हैं।

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सड़कों का हाल और देहरादून-पौड़ी में नुकसान

राजधानी देहरादून और पौड़ी गढ़वाल में हालात चिंताजनक हैं। लोक निर्माण विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य में कुल 173 सड़कें मलबे और लैंडस्लाइड के कारण बंद पड़ी हैं। इनमें से पौड़ी गढ़वाल में 27 और देहरादून जिले में 23 प्रमुख सड़कों का संपर्क कट गया है। विकासनगर के कुंजा ग्रांट क्षेत्र से सामने आई तस्वीरों में इकराम नाम के एक व्यक्ति का कच्चा मकान मूसलाधार बारिश के चलते पूरी तरह ढह गया। गनीमत यह रही कि जान-माल की कोई हानि नहीं हुई, लेकिन घर में रखा राशन और अन्य जरूरी सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया।

नैनीताल, हल्द्वानी और कुमाऊं का दृश्य

नैनीताल, बागेश्वर और चम्पावत में भी मौसम का भारी प्रभाव देखने को मिल रहा है। हल्द्वानी शहर में हुई झमाझम बारिश के बाद रिहायशी इलाकों और सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई है, जिसने व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिथौरागढ़ में लैंडस्लाइड की वजह से 11 महत्वपूर्ण मार्ग बंद हो गए हैं, और अल्मोड़ा के 6 ग्रामीण संपर्क मार्ग भी पूरी तरह से अवरुद्ध हैं, जिससे दूर-दराज के इलाकों का शहरों से संपर्क टूट गया है।

चारधाम यात्रा पर असर और नदियों का जलस्तर

उत्तरकाशी और चमोली जिलों में हाईवे की स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई है। उत्तरकाशी में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग स्यानाचट्टी के पास पिछले 28 घंटों से मलबे और भारी पत्थरों के कारण पूरी तरह से बंद है। गंगोत्री हाईवे पर नालूपानी के पास से भी लगातार मलबा गिर रहा है। हालांकि एनएच और बीआरओ की टीमें मशीनों के साथ राहत कार्य में जुटी हैं, लेकिन बारिश की रफ्तार बाधा बनी हुई है। चमोली में अलकनंदा और धौलीगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। ऋषिकेश और हरिद्वार में गंगा नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई है, जिससे तटीय बस्तियों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। उत्तरकाशी के हर्षिल क्षेत्र में भागीरथी नदी के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है, जहां सुरक्षात्मक दीवारों को बनाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।

सवाल-जवाब

उत्तराखंड में रेड अलर्ट किन जिलों में जारी किया गया है?
मौसम विभाग ने देहरादून, नैनीताल, पौड़ी गढ़वाल, उधम सिंह नगर, चम्पावत, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में रेड अलर्ट जारी किया है।
वर्तमान में कितनी सड़कें बंद हैं?
पूरे राज्य में कुल 173 सड़कें मलबे और भूस्खलन के कारण बंद पड़ी हैं।
उत्तरकाशी में हाईवे क्यों बंद हैं?
उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री नेशनल हाईवे पर लगातार बोल्डर गिरने और मलबा आने के कारण यातायात ठप है।
नदियों के जलस्तर पर क्या असर पड़ा है?
गंगा और उसकी सहायक नदियां जैसे अलकनंदा, धौलीगंगा और भागीरथी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है और वे खतरे के निशान के करीब हैं।
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