उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर तेजी से करवट ली है और पहाड़ से लेकर मैदान तक इसका असर साफ दिख रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के देहरादून केंद्र के मुताबिक, बुधवार 25 जून को राज्य के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाओं और आकाशीय बिजली का खतरा बना हुआ है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल, देहरादून, टिहरी और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं बौछारें पड़ने का अनुमान है।
सबसे बड़ी चिंता तेज झोंकेदार हवाओं को लेकर है। मौसम विभाग ने बताया है कि इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, इसलिए आम लोगों और पर्यटकों दोनों को खास सतर्कता बरतने की अपील की गई है। एक तरफ पहाड़ी जिलों में हल्की बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया है, तो दूसरी तरफ मैदानी इलाकों में तेज धूप और सामान्य से ज्यादा तापमान लोगों को परेशान कर रहा है।
मैदान में उमस, पहाड़ों पर ठंड का अहसास
बीते 24 घंटों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में जहां जमकर बारिश हुई, वहीं कुछ जगहों पर धूल भरी तेज हवाएं भी चलीं। मैदानी इलाकों में अधिकतम तापमान सामान्य से काफी ऊपर पहुंच गया है, जबकि पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार छिटपुट बारिश और बादलों की आवाजाही के चलते दिन का पारा सामान्य से नीचे बना हुआ है। राज्य में सबसे ज्यादा तापमान ऊधमसिंह नगर जिले के पंतनगर में 37.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने मैदान में उमस और बढ़ा दी है। इसके उलट रुद्रप्रयाग जिले के केदारनाथ धाम में न्यूनतम तापमान लुढ़ककर 6.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जहां इस वक्त कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है।
इन 8 जिलों के लिए येलो अलर्ट
मौसम विभाग ने 25 जून के लिए राज्य के आठ प्रमुख जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, नैनीताल और पिथौरागढ़ में कहीं-कहीं गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इन जिलों के स्थानीय लोगों के साथ-साथ चारधाम यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं को भी सावधान रहने को कहा गया है। खासकर सलाह दी गई है कि आंधी के समय पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें।
देहरादून, मसूरी और टिहरी में खुशनुमा हुआ मौसम
राजधानी देहरादून और इसके आसपास के पर्यटन स्थल मसूरी, धनोल्टी और चक्राता में बीते दिन हुई बारिश के बाद मौसम बेहद सुहावना हो गया है। आंकड़ों के मुताबिक मसूरी में 46 मिमी, चक्राता में 34.2 मिमी और धनोल्टी में 36 मिमी बारिश दर्ज हुई, जिससे यहां पहुंचे सैलानियों के चेहरे खिल उठे। आज भी देहरादून और टिहरी के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है, जिससे तापमान में और गिरावट आ सकती है। हालांकि मालदेवता में 56 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने थोड़ी चिंता जरूर बढ़ा दी है।
केदारनाथ, बद्रीनाथ और उत्तरकाशी का हाल
चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए राहत की बात यह है कि पहाड़ों में भारी बर्फबारी की कोई चेतावनी नहीं है, हालांकि बारिश का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। उत्तरकाशी के बड़कोट में 44 मिमी और जानकीचट्टी में 40 मिमी, जबकि चमोली के बद्रीनाथ में 5.4 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई है। केदारनाथ में भी 1.5 मिमी हल्की बूंदाबांदी हुई। उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में आज कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश और बिजली चमकने की आशंका है, इसलिए यात्रियों को मौसम का अपडेट देखकर ही आगे बढ़ने की हिदायत दी गई है।
नैनीताल, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में छाए रहेंगे बादल
कुमाऊं के पहाड़ी जिलों में भी अच्छी बारिश हुई है। पिथौरागढ़ में 35.6 मिमी, चंपावत में 21.5 मिमी और बागेश्वर में 13 मिमी बारिश दर्ज की गई है। आज 25 जून को नैनीताल, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश का एक और दौर आ सकता है। पहाड़ों में हो रही इस बारिश से नदियों का जलस्तर भी सामान्य रूप से बढ़ रहा है। बागेश्वर और पिथौरागढ़ के सुदूर पर्वतीय इलाकों में रहने वाले लोगों को खास तौर पर सतर्क रहने की जरूरत है।
हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में सूखी गर्मी, आगे का हाल
जहां पहाड़ों में बारिश का दौर चल रहा है, वहीं मैदानी जिले हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर (पंतनगर) में फिलहाल मौसम शुष्क ही रहेगा। 26 और 27 जून को इन दोनों जिलों में बारिश के आसार नहीं हैं और आसमान साफ रहेगा, जिससे गर्मी और उमस और बढ़ सकती है। हालांकि 28 जून से मौसम का रुख बदलेगा। 29 जून को राज्य के लगभग सभी पर्वतीय जिलों में कई जगहों पर और मैदानी इलाकों में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार 30 जून को पूरे उत्तराखंड में व्यापक रूप से झमाझम बारिश होने की प्रबल संभावना है, जिससे राज्यभर को गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।













