उत्तराखंड के विकासनगर इलाके के बैरागीवाला में विनोद कश्यप की निर्मम हत्या के बाद उनके परिवार की आंखों में आंसू और आवाज़ में गुस्सा, दोनों एक साथ झलक रहे हैं। मृतक की पत्नी ने पति को याद करते हुए TrendKia से खास बातचीत में दो टूक कहा कि उन्हें न कोई सहायता चाहिए और न ही मुआवजा — उनकी मांग बस एक है, इंसाफ।
पत्नी की दो टूक मांग — पहले सजा, फिर पोस्टमार्टम
नम आंखों के साथ बात करते हुए विनोद कश्यप की पत्नी ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग रखी। उनका कहना है कि जिन लोगों ने उनके पति की जान ली है, उन्हें भी ठीक वैसी ही सजा भुगतनी चाहिए। उन्होंने एक कदम और आगे बढ़ते हुए साफ कर दिया कि जब तक आरोपियों को कड़ी सजा नहीं मिल जाती, तब तक उनके पति का पोस्टमार्टम भी न कराया जाए। परिवार का संकल्प है कि न्याय मिलने तक उनका संघर्ष रुकेगा नहीं।
दो दिन बाद भी अटका पोस्टमार्टम
हत्या को दो दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई है। इसकी बड़ी वजह यह है कि नाराज़ परिजनों ने पंचनामा भरने से ही इनकार कर दिया है, और पंचनामा अधूरा रहने के कारण पोस्टमार्टम भी अटक गया है। फिलहाल विनोद का शव विकासनगर की मोर्चरी में रखा गया है। पुलिस और प्रशासन परिजनों को मनाने में लगातार जुटे हुए हैं, मगर परिवार अपनी मांग पर अड़ा है। TrendKia से बातचीत में मृतक के पिता और छोटे भाई ने कहा कि उन्होंने अपना बेटा खोया है और जिस बेरहमी से उसे पीट-पीटकर मारा गया, वे भी उतनी ही सख्त कार्रवाई चाहते हैं। समय बीतने के साथ यह प्रशासन के लिए भी एक चुनौती बनती जा रही है।
क्यों हुई थी हत्या
यह पूरा मामला खेत में पानी लगाने के विवाद से शुरू हुआ। दो पक्षों के बीच मामूली कहासुनी ने इतना भयावह रूप ले लिया कि दूसरे पक्ष के कुछ युवक गांव में इकट्ठा हुए और विनोद कश्यप पर लाठी-डंडों से टूट पड़े। उन्हें पीट-पीटकर मार डाला गया — यानी मॉब लिंचिंग की वारदात को अंजाम दिया गया।
आक्रोश, आगजनी और हाईवे जाम
रविवार को हुई इस हत्या के बाद पूरे इलाके में आक्रोश फूट पड़ा। प्रदर्शन, आगजनी और पथराव की घटनाओं ने माहौल को बेहद तनावपूर्ण बना दिया। हिंदू युवक विनोद कश्यप की हत्या के विरोध में हिंदू संगठनों ने 14 जून की सुबह आरोपियों के घरों पर आगजनी और पथराव किया तथा बुलडोजर एक्शन और एनकाउंटर की मांग उठाई। उसी दिन शाम को प्रदर्शनकारियों ने देहरादून-यमुनोत्री हाईवे को जाम कर दिया और इंसाफ की मांग के साथ हनुमान चालीसा का पाठ किया।
अब क्या है हालात
सोमवार को बैरागीवाला में स्थिति पहले के मुकाबले काफी शांत नजर आई। पुलिस और प्रशासन की लगातार निगरानी के चलते हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। पूरे क्षेत्र में पुलिस, पीएसी और आईटीबीपी के जवान तैनात हैं और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखी जा रही है। प्रशासन एक ओर लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील कर रहा है, तो दूसरी ओर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई भी जारी है। बैरागीवाला में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और प्रशासन की पैनी नजर हालात पर बनी हुई है।













