ओडिशा के गंजाम जिले से एक अत्यंत विचलित और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां महज चार दिन पहले विदेश से लौटे एक युवक ने गांव के मंदिर में अपनी जीभ काट ली। यह दिल दहला देने वाली वारदात बेगुनियापाड़ा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले हंसतुली गांव की है। गांव के बाहरी इलाके में स्थित मां काली मंदिर परिसर में हुई इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। रविवार की अलसुबह जब स्थानीय ग्रामीण पूजा-अर्चना करने और दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे, तो उन्होंने मंदिर की सीढ़ियों के समीप इस युवक को अत्यधिक खून से लथपथ और बदहवास हालत में पड़ा देखा। सीढ़ियों पर भारी मात्रा में खून फैला देखकर वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया और तुरंत गांव के अन्य लोगों को सूचित किया गया।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से ब्रह्मपुर रेफर
घटनास्थल पर ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बिना किसी देरी के 108 एंबुलेंस सेवा को फोन कर बुलाया गया। आपातकालीन एंबुलेंस की सहायता से गंभीर रूप से घायल युवक को तत्काल पास के खल्लीकोट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां मौजूद डॉक्टरों की टीम ने युवक को प्राथमिक उपचार दिया और बहते हुए खून को रोकने का प्रयास किया। हालांकि, जीभ पर गहरी चोट होने और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसकी हालत नाजुक बनी हुई थी। डॉक्टरों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उसे तुरंत ब्रह्मपुर स्थित एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। फिलहाल युवक को एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख में उसका गहन इलाज जारी है।
शनिवार देर रात धारदार हथियार से किया वार
प्राप्त जानकारी और घटनाक्रम के अनुसार, हंसतुली गांव का निवासी किरण पात्र शनिवार की देर रात चुपचाप अपने घर से निकलकर गांव के बाहर स्थित मां काली मंदिर गया था। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर के भीतर ही उसने किसी बेहद धारदार हथियार से स्वयं अपनी जीभ काट ली। जीभ कटते ही वह तेज दर्द और अत्यधिक खून बहने के कारण मंदिर की सीढ़ियों के पास ही गिर पड़ा। रात का समय होने और मंदिर गांव के बाहरी हिस्से में स्थित होने के कारण किसी को भी इस घटना की भनक नहीं लग सकी। वह पूरी रात मंदिर की सीढ़ियों के पास ही लहूलुहान अवस्था में पड़ा रहा, जब तक कि रविवार सुबह ग्रामीणों की नज़र उस पर नहीं पड़ी।
विदेश से वापसी और पुलिस की छानबीन
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि किरण पात्र घटना से ठीक चार दिन पहले ही विदेश से अपने गांव वापस लौटा था। उसके इस तरह अचानक खौफनाक कदम उठाने के पीछे क्या वजह थी, इसका अभी तक स्पष्ट रूप से पता नहीं चल पाया है। स्थानीय लोग इस घटना को अंधविश्वास और देवी को जीभ चढ़ाने की प्रथा से जोड़कर भी देख रहे हैं, जबकि कुछ लोग पारिवारिक विवाद या मानसिक तनाव की आशंका जता रहे हैं। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस टीम ने मौके का मुआयना किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रशासन हर संभावित पहलू की गहराई से पड़ताल कर रहा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तथा अस्पताल में भर्ती युवक का बयान दर्ज होने के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का पर्दाफाश हो सकेगा।


















