राजस्थान के अलवर शहर में एक नाबालिग स्कूली छात्रा को जाल में फंसाकर यौन शोषण करने और उससे लाखों रुपये के जेवर ऐंठने का गंभीर मामला सामने आया है। अरावली विहार थाना पुलिस ने 14 वर्षीय पीड़िता की शिकायत के बाद त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी प्रथम सिंह राठौड़ को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर पॉक्सो अधिनियम के अलावा बलात्कार, रंगदारी और ब्लैकमेलिंग जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
सोशल मीडिया दोस्ती से बिछाया गया जाल
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक यह पूरा मामला अक्टूबर 2025 में शुरू हुआ था। नवमी कक्षा में पढ़ने वाली पीड़िता जब अपने घर के पास स्थित पार्क में टहलने जाती थी, तो प्रथम सिंह राठौड़ उसका पीछा किया करता था। छात्रा ने जब इस हरकत का विरोध किया, तो आरोपी ने उसे पढ़ाई में मदद करने का झांसा दिया। इसी बहाने से उसने छात्रा को अपनी इंस्टाग्राम फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने के लिए राजी कर लिया। इसके बाद आरोपी लगातार छात्रा के घर के चक्कर काटने लगा और उसे चॉकलेट तथा उपहार देकर अपनी मीठी बातों के जाल में फंसा लिया।
लाखों के गहनों की उगाही और ब्लैकमेलिंग
समय बीतने के साथ आरोपी ने छात्रा को मानसिक और भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। उसने खुदकुशी करने की धमकियां देकर छात्रा को डराया और उसके घर में रखे करीब 30 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के गहने अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद 12 जुलाई 2026 को आरोपी छल-कपट से छात्रा को अपने एक दोस्त के कमरे पर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया। यौन उत्पीड़न के दौरान उसने छात्रा का आपत्तिजनक वीडियो भी बना लिया और उसे सार्वजनिक करने की धमकी देकर और अधिक पैसे तथा आभूषणों की मांग करने लगा।
स्कूल वैन चालक की बहादुरी से खुली पोल
घटना के बाद आरोपी ने पीड़िता पर दबाव बनाए रखने के लिए 13 से 16 जुलाई के बीच उसकी स्कूल वैन का पीछा करना शुरू कर दिया। वह अपनी बाइक से वैन के आगे खतरनाक स्टंट दिखाता था। 16 जुलाई को वैन के चालक ने सतर्कता और समझदारी दिखाते हुए आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया और उसे सीधे स्कूल के प्रधानाचार्य के पास ले गया। भय के वातावरण में जी रही छात्रा ने प्रधानाचार्य के सामने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई और बाद में अपनी मां को पूरी घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी गुरुदत्त सैनी ने बताया कि पीड़िता की मां की ओर से मामला दर्ज कराने के तुरंत बाद आरोपी प्रथम सिंह राठौड़ को सलाखों के पीछे भेज दिया गया है और पुलिस मामले की गहनता से पड़ताल कर रही है।


















