झारखंड लोक सेवा आयोग ने राज्य संयुक्त सिविल सेवा मुख्य लिखित प्रतियोगी परीक्षा 2025 के आयोजन को आगामी सूचना तक रोक दिया है। विज्ञापन संख्या 01/2026 के अंतर्गत आयोजित होने वाली इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए रांची जिले में कई परीक्षा केंद्र निर्धारित किए गए थे, जहां 25 जुलाई, 26 जुलाई और 27 जुलाई को दो अलग-अलग सत्रों में लिखित परीक्षाएं संपन्न कराई जानी थीं। परीक्षा शुरू होने में जब महज तीन दिन का समय बचा था, तब आयोग ने 22 जुलाई को एक सार्वजनिक सूचना जारी कर इस पूरी प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया, जिससे परीक्षा में बैठने वाले हजारों अभ्यर्थियों की तैयारियां प्रभावित हुई हैं।
सरकारी आदेश और संचालन में खामियों को बताया गया आधार
आयोग की ओर से जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, राज्य शासन से प्राप्त दिशा-निर्देशों तथा परीक्षा के संचालन ढांचे में पाई गई कुछ अनियमितताओं के कारण यह फैसला लेना पड़ा है। जेपीएससी ने अपने परिपत्र में स्पष्ट किया कि संचालन संबंधी विसंगतियों और सरकार से मिले निर्देशों के चलते बने अपरिहार्य हालात में विज्ञापन संख्या 01/2026 से संबंधित मुख्य परीक्षा को रोका जा रहा है। हालांकि, आयोग ने इस बात का कोई विस्तृत ब्योरा नहीं दिया है कि यह अनियमितताएं किस तरह की थीं, किस स्तर पर चूक हुई, या इसके पीछे कौन से विशिष्ट कारण जिम्मेदार रहे हैं।
नई तिथियों के संबंध में स्थिति स्पष्ट नहीं, सतर्कता बरतने की सलाह
परीक्षा के ऐन वक्त पर रुक जाने के कारण अब सभी अभ्यर्थियों को नए सिरे से परीक्षा कार्यक्रम जारी होने की प्रतीक्षा करनी होगी। आयोग की तरफ से अभी तक कोई संशोधित कैलेंडर या संभावित तिथि घोषित नहीं की गई है। आयोग प्रशासन ने सभी परीक्षार्थियों को परामर्श दिया है कि वे नई तारीखों, समय सारिणी और दिशा-निर्देशों के लिए नियमित अंतराल पर आधिकारिक वेबसाइट का ही अवलोकन करते रहें।
इसके अतिरिक्त, आयोग ने यह भी आगाह किया है कि इस तरह के संवेदनशील समय में सोशल मीडिया और इंटरनेट माध्यमों पर भ्रामक दावे अथवा अपुष्ट जानकारियां तेजी से फैलने लगती हैं। इसलिए परीक्षार्थी केवल आयोग द्वारा जारी अधिकृत प्रेस विज्ञप्ति और वेबसाइट पर प्रकाशित अधिसूचनाओं पर ही विश्वास करें। आयोग ने संबंधित विज्ञप्ति को अपने पोर्टल पर उपलब्ध करवा दिया है और नई तिथियों के निर्धारण के बाद अलग से सूचना जारी करने की बात कही है।



















