बिहार के मधुबनी स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय परिसर में आयोजित संविदा शिक्षक भर्ती के वॉक-इन इंटरव्यू के दौरान अचानक भारी भीड़ जमा होने से स्थिति अनियंत्रित हो गई। केंद्रीय विद्यालय में विभिन्न पदों के लिए रखे गए इस इंटरव्यू में जिले के अलावा आसपास के अन्य क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गए, जिसके कारण परिसर के अंदर अफरातफरी का माहौल बन गया और बाहर मुख्य सड़क पर लंबा यातायात जाम लग गया।
कई पदों के लिए आयोजित हुआ था वॉक-इन इंटरव्यू
प्राप्त विवरण के अनुसार, केंद्रीय विद्यालय मधुबनी तथा झंझारपुर में प्राथमिक शिक्षक, कंप्यूटर इंस्ट्रक्टर, म्यूजिक कोच और बाल वाटिका शिक्षक समेत कई शैक्षणिक पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्ति की जानी थी। जारी विज्ञापन की शर्तों के अनुसार अभ्यर्थियों का पहले पंजीकरण किया जाना था, जिसके बाद उनके मूल प्रमाणपत्रों की जांच और साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की जानी निर्धारित थी।
रिसीविंग न मिलने से अभ्यर्थियों में फैला असमंजस
साक्षात्कार में भाग लेने पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप है कि उनसे आवेदन पत्र तो जमा करवा लिए गए, लेकिन उसकी कोई लिखित पावती या रिसीविंग नहीं दी गई। उन्हें केवल यह निर्देश दिया गया कि आगे की समस्त जानकारियां केवीएस पोर्टल पर अपडेट की जाएंगी। बिना किसी पुष्टि रसीद के आवेदन जमा होने के कारण अभ्यर्थियों के बीच अनिश्चितता और असमंजस की स्थिति बन गई, जिससे चयन प्रक्रिया में शामिल युवाओं में काफी चिंता देखी गई।
सड़क पर घंटों लगा रहा जाम और प्रशासनिक अव्यवस्था
परिसर में अभ्यर्थियों की अप्रत्याशित भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त प्रशासनिक इंतजाम नहीं किए गए थे। देखते ही देखते परिसर के बाहर मुख्य मार्ग पर लोगों की भारी आवाजाही के कारण यातायात पूरी तरह चरमरा गया। कई घंटों तक चले इस सड़क जाम के कारण स्थानीय निवासियों, यात्रियों और वाहन चालकों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
पारदर्शिता की मांग और बेहतर प्रबंधन की जरूरत
अव्यवस्था से नाराज अभ्यर्थियों ने पूरी चयन प्रक्रिया के प्रबंधन पर गंभीर सवाल उठाए। कुछ अभ्यर्थियों ने प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने की मांग करते हुए अनियमितताओं के आरोप भी लगाए, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्तमान में रोजगार की तलाश में युवाओं की भारी भीड़ ऐसी भर्तियों में पहुंचती है, जिसे देखते हुए अधिकारियों को अधिक काउंटर, पर्याप्त सुरक्षा बल और बेहतर भीड़ नियंत्रण तंत्र की व्यवस्था करनी चाहिए।



















