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उपन्यासकार एमिली सेंट जॉन मैंडेल का नया राजनीतिक फिक्शन: खंडित अमेरिका और निगरानी तंत्र की कहानीपड़ताल
20 सित॰ 2026, 4:20 pm (21 मिनट पहले)· 0

उपन्यासकार एमिली सेंट जॉन मैंडेल का नया राजनीतिक फिक्शन: खंडित अमेरिका और निगरानी तंत्र की कहानी

स्टेशन इलेवन की लेखिका एमिली सेंट जॉन मैंडेल की नई किताब एग्जिट पार्टी एक टूटे हुए और सर्विलांस में जकड़े अमेरिका की पड़ताल करती है। लेखिका ने अपने रचनात्मक सफर, लेखक समुदाय की चिंताओं और वर्तमान सामाजिक उथल-पुथल पर खुलकर चर्चा की।

महामारी से काफी पहले एक विनाशकारी फ्लू के बाद की दुनिया पर आधारित उपन्यास स्टेशन इलेवन लिखने वाली एमिली सेंट जॉन मैंडेल अब एक नए कथा संसार के साथ पाठकों के सामने हैं। पंद्रह सितंबर को जारी उनकी नई किताब एग्जिट पार्टी भविष्य के अमेरिका के दो संभावित और चिंताजनक रूपों को एक साथ पन्नों पर लाती है। इनमें से एक परिदृश्य नए गृहयुद्ध के बाद बिखरे हुए शहर-राज्यों और छोटी गणराज्यों का है, जबकि दूसरा एक ऐसा अधिनायकवादी तंत्र है जहां गुप्त पुलिस और सर्विलांस तंत्र आम जनता के दैनिक जीवन को पूरी तरह नियंत्रित करते हैं। इस कथा शिल्प के बीच लेखिका ने समाज के ध्रुवीकरण, अपनी निजी यात्रा और बदलते दौर में रचनाकारों के सामने खड़ी चुनौतियों पर गहन दृष्टि डाली है।

वर्तमान वास्तविकताओं और फिक्शन के बीच की बारीक रेखा

इस उपन्यास की रचना प्रक्रिया वसंत 2022 में शुरू हुई थी, जब अमेरिकी समाज में राजनीतिक तनाव और ध्रुवीकरण की शुरुआत साफ देखी जा सकती थी। लेखिका के अनुसार, उस समय उनका इरादा अपने भीतर चल रही राजनीतिक आशंकाओं को एक रचनात्मक रूप देने का था। किसी लेखक को यह देखने के लिए किसी अतींद्रिय दृष्टि की जरूरत नहीं थी कि देश का गहरा विभाजन किस दिशा में जा सकता है। उस समय ऐसा लग रहा था कि बिखराव और छोटे-छोटे स्वतंत्र क्षेत्रों में बंटा देश ही वह संभावित भविष्य है जिस पर कहानी बुनी जानी चाहिए।

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लेकिन जैसे-जैसे समय बीता और किताब पूरी हुई, वास्तविक दुनिया की घटनाएं फिक्शन के बेहद करीब पहुंच गईं। आव्रजन नियंत्रण की कठोर कार्यवाहियां, सीमाओं पर कड़े छापे और निगरानी उपकरणों का दैनिक जीवन में बढ़ता दखल उपन्यास में कल्पित सर्विलांस राज्य जैसा लगने लगा। लेखिका की पत्नी लौरा ने किताब के प्रकाशन में लगने वाले सामान्य समय को लेकर चिंता जताई थी कि कहीं वास्तविक घटनाएं किताब के सामने आने से पहले ही उसकी कल्पना को पीछे न छोड़ दें। किताब जब छपकर सामने आई, तब तक राजनीतिक परिदृश्य काफी बदल चुका था और कहानी की कई बातें समकालीन हकीकत से मेल खाने लगी थीं।

पहचान की अवधारणा और राज्य का समानांतर जीवन

किताब के दो प्रमुख किरदार, इबारी और अरी, तकनीकी रूप से एक ही व्यक्ति हैं लेकिन अलग-अलग परिवेश में पूरी तरह भिन्न व्यक्तित्व बन जाते हैं। यह प्रयोग उस दार्शनिक विचार पर आधारित है जिसे विपरीत जीवन या वह जीवन कहा जाता है जो हमने नहीं जिया। किसी इंसान के फैसलों, भौगोलिक बदलावों, स्कूल के चयन या रिश्तों के बदलने से उसका पूरा जीवन एक अलग दिशा ले सकता है। जब इसी विचार को राज्य या देश के स्तर पर लागू किया जाता है, तो यह सवाल उठता है कि किसी राष्ट्र का समानांतर या वैकल्पिक जीवन कैसा हो सकता है।

सामाजिक और राजनीतिक वातावरण किसी व्यक्ति की मूल प्रवृत्तियों को कैसे ढालता है, यह दोनों किरदारों की यात्रा से स्पष्ट होता है। अरी का झुकाव अपराध की तरफ सहज रूप से होता है, लेकिन एक बिखर चुकी अराजक दुनिया में जहां कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है, वह उस दिशा में पूरी तरह आगे बढ़ जाती है। वहीं दूसरी ओर, एक अत्यधिक नियंत्रित पुलिसिया राज्य में वही मूल वृत्ति व्यवस्था के भीतर समाहित होकर उसे गुप्त पुलिस का हिस्सा बना देती है। माहौल का यह प्रभाव दिखाता है कि इंसानी पहचान कितनी नाजुक और हालात पर निर्भर होती है।

सर्विलांस राज्य की मनोवैज्ञानिक कीमत और दोहरी जिंदगी

उपन्यास में गुप्त पुलिस की जासूस के रूप में काम कर रही इबारी के नजरिए से निगरानी तंत्र की भयावहता सामने आती है। वह एक कॉलेज में प्रोफेसर का छद्म आवरण रखती है और वास्तविक कक्षाएं भी पढ़ाती है, जबकि उसका असली काम व्यवस्था के लिए मुखबिरी और निगरानी करना है। इस तरह की दोहरी जिंदगी जीने से सच्चाई दो हिस्सों में बंट जाती है। यह स्थिति ऐतिहासिक रूप से पूर्वी जर्मनी के स्तासी तंत्र की याद दिलाती है, जहां नागरिक लगातार एक-दूसरे की जासूसी करते थे और जब उस व्यवस्था का पतन हुआ तो असलियत सामने आई कि यह जाल अनुमान से कहीं अधिक व्यापक था।

ऐसी व्यवस्था में सबसे बड़ी चोट मानवीय भरोसे पर पड़ती है। जब कोई व्यक्ति एक ही समय में किसी का मित्र भी हो और उसी मित्र की गतिविधियों की रिपोर्ट अपने नियंत्रक को सौंप रहा हो, तो आत्मा और नैतिकता को गहरा नुकसान पहुंचता है। जहां एक दुनिया में लोगों का एक-दूसरे पर विश्वास अराजकता और केवल खुद को बचाने की होड़ के कारण टूटता है, वहीं सर्विलांस राज्य में भरोसे का यह क्षरण राज्य प्रायोजित भय के कारण होता है।

तकनीकी यथार्थ और फिक्शन में संतुलन

एमिली सेंट जॉन मैंडेल की कृतियों में भविष्य और विज्ञान का संदर्भ मौजूद रहता है, लेकिन उनकी प्राथमिकता इंसानी रिश्तों और संवेदनाओं को केंद्र में रखने की होती है। एग्जिट पार्टी में भी तकनीक पृष्ठभूमि में मौजूद है लेकिन वह कथा पर हावी नहीं होती। विज्ञान गल्प लिखने वाले लेखकों के सामने यह विकल्प हमेशा रहता है कि वे तकनीकी विवरणों में कितनी गहराई तक जाएं। चीनी लेखक लियू सिक्सीन जैसे रचनाकार अपने उपन्यासों में वैज्ञानिक तकनीकों की जटिल कार्यप्रणाली को विस्तार से दर्ज करते हैं।

लेखिका ने भी अपने पिछले उपन्यास सी ऑफ ट्रैंक्विलिटी के लेखन के दौरान क्वांटम ब्लॉकचेन और समय यात्रा की तकनीकी बारीकियों को समझने का प्रयास किया था। लेकिन अंततः उन्होंने पाया कि एक साहित्यिक उपन्यास के ढांचे में तकनीक को केवल माध्यम के रूप में देखना अधिक प्रभावी होता है। जिस तरह किसी सामान्य समकालीन कहानी में कार के इंजन की आंतरिक यांत्रिकी समझाने की आवश्यकता नहीं होती, उसी तरह कथा के प्रवाह के लिए इंसानी अनुभवों को तकनीकी ब्योरों से अधिक महत्व दिया जाना चाहिए।

साहित्यिक संसार का विस्तार और किरदारों की निरंतरता

मैंडेल के नियमित पाठक उनके अलग-अलग उपन्यासों के बीच छिपे हुए सूत्रों को बखूबी पहचानते हैं। स्टेशन इलेवन की किरदार मिरांडा को बाद में द ग्लास होटल में एक कॉर्पोरेट शिपिंग एग्जीक्यूटिव के रूप में देखना पाठकों के लिए एक अलग अनुभव था। हालांकि लेखिका स्पष्ट करती हैं कि इसके पीछे मार्वल जैसा कोई पूर्व-नियोजित विस्तृत ब्लूप्रिंट या बहु-ब्रह्मांड का मास्टर प्लान नहीं है, बल्कि यह एक अराजक ब्रह्मांड में व्यवस्था और जुड़ाव खोजने की सहज मानवीय इच्छा से पैदा होता है।

उपन्यास सी ऑफ ट्रैंक्विलिटी के एक हिस्से में वर्ष 2300 का समय दिखाया गया था, जहां एक लेखिका रिपब्लिक ऑफ कैलिफोर्निया, अटलांटिक रिपब्लिक और किंगडम ऑफ डेजरेट जैसे नए क्षेत्रों में अपने बुक टूर पर निकलती है। एग्जिट पार्टी में अमेरिका के टूटने की जो पृष्ठभूमि दिखाई गई है, वह उसी ऐतिहासिक विभाजन की शुरुआत की ओर इशारा करती है। यह दिखाता है कि वर्तमान अराजकता समय बीतने के साथ किसी नई और अपेक्षाकृत स्थिर व्यवस्था में तब्दील हो जाती है।

कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साहित्य जगत और भरोसे का संकट

तकनीक के प्रसार और विशेष रूप से कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी एआई के बढ़ते इस्तेमाल पर लेखिका की राय काफी स्पष्ट और सतर्क है। उन्होंने अपने काम या दैनिक जीवन में इस तकनीक का उपयोग नहीं किया है। खोज तंत्र के रूप में इसकी अविश्वसनीयता का उदाहरण देते हुए उन्होंने साझा किया कि जब उन्होंने अपनी बेटी के संदर्भ में इंटरनेट पर खोज की, तो सिस्टम ने दावे के साथ एक काल्पनिक बेटे लियो की जानकारी दे दी जो 2016 में पैदा हुआ था, और कहा कि उनकी कोई बेटी नहीं है। इस तरह के गलत विवरणों ने तथ्यात्मक जानकारी के लिए इस पर भरोसा करना असंभव बना दिया।

हॉलीवुड के राइटर्स रूम में काम करने के दौरान भी उन्होंने अपने साथी लेखकों के बीच इसका चलन नहीं देखा। व्यक्तिगत स्तर पर मेज के इर्द-गिर्द बैठकर चॉकबोर्ड पर विचार गढ़ने की पारंपरिक पद्धति ऐसे उपकरणों की गुंजाइश को सीमित करती है। प्रकाशन उद्योग में एआई जनित सामग्री के बढ़ते अंबार से अधिक चिंता उन्हें वास्तविक लेखकों की साख और सुरक्षा को लेकर है। जब पाठकों को पता चलता है कि किसी लेखक ने इस तकनीक का सहारा लिया है, तो वे एक गहरा विश्वासघात महसूस करते हैं।

एक प्रयोग के तौर पर जब उन्होंने अपनी नई किताब के पहले अध्याय को एक ऑनलाइन डिटेक्शन टूल में डाला, तो उस प्रणाली ने बीस प्रतिशत एआई सामग्री होने का संकेत दिया। इस विसंगति की वजह यह थी कि एंथ्रोपिक जैसी कंपनियों ने अपने बड़े भाषा मॉडलों को प्रशिक्षित करने के लिए उनकी पांच किताबों का डेटा इस्तेमाल किया था। ऐसी स्थिति में उन नए लेखकों के लिए गंभीर संकट पैदा हो जाता है जिनके पास अपने ड्राफ्ट का लंबा लिखित रिकॉर्ड नहीं होता, क्योंकि किसी झूठे आरोप से एक स्थापित या उभरता हुआ करियर पूरी तरह खत्म हो सकता है।

कनाडा के एकांत द्वीपों से न्यूयॉर्क तक का असाधारण सफर

एमिली सेंट जॉन मैंडेल की आज की साहित्यिक सफलता उनकी शुरुआती जिंदगी की तुलना में काफी अप्रत्याशित लगती है। उनका बचपन ब्रिटिश कोलंबिया के ग्रामीण इलाकों, वैंकूवर द्वीप और डेनमन द्वीप में बीता। डेनमन द्वीप मैनहट्टन के आकार का एक ऐसा सुदूर क्षेत्र था जहां घने जंगल, हिरण और केवल एक हजार लोगों की आबादी थी। उन्होंने औपचारिक स्कूली शिक्षा के बजाय होमस्कूलिंग के जरिए पढ़ाई की और हाई स्कूल डिप्लोमा या जीईडी लिए बिना ही सामुदायिक कॉलेज में कुछ समय बिताया।

इसके बाद उन्होंने टोरंटो में समकालीन नृत्य के एक कंज़र्वेटरी कार्यक्रम में दाखिला लिया और कुछ स्वतंत्र कोरियोग्राफर्स के साथ काम किया। लेकिन बीस साल की उम्र के शुरुआती दौर में ही उन्हें महसूस हुआ कि नृत्य का जुनून अब एक मजबूरी और काम की तरह लगने लगा है। स्कूल ऑफ टोरंटो डांस थिएटर की पढ़ाई के लिए उन्होंने भारी छात्र ऋण ले रखा था, जिसके कारण उनकी क्रेडिट रेटिंग खराब हो गई थी। बिना किसी औपचारिक डिग्री और कर्ज के बोझ तले दबी होने के बावजूद उन्होंने अमेरिका का रुख किया।

मॉन्ट्रियल की कड़ाके की ठंड में एक रिटेल स्टोर में काम करते हुए उन्होंने अपने शुरुआती उपन्यास लास्ट नाइट इन मॉन्ट्रियल पर काम शुरू किया था। पैसे की तंगी के चलते कमरे का हीटर कम रखना पड़ता था, इसलिए वे शाम सात बजे ही सो जाती थीं और रात एक बजे उठकर औपचारिक कपड़े, स्वेटर और टाई पहनकर पास के चौबीस घंटे खुले रहने वाले कैफे में बैठकर सुबह तक लिखती थीं। लगभग 22 वर्ष की उम्र में मात्र 400 डॉलर और वेस्ट विलेज में दस दिन के सबलेट के सहारे वे न्यूयॉर्क पहुंचीं। तेरह या चौदह एजेंटों को अपनी पाण्डुलिपि भेजने के बाद एक एजेंट ने उनकी प्रतिभा को पहचाना।

नौकरी की सुरक्षा और साहित्यिक सफलता का मोड़

मजदूर वर्ग की पृष्ठभूमि से आने के कारण मैंडेल के भीतर अपनी नियमित नौकरी छोड़ने को लेकर गहरा डर था। न्यूयॉर्क में उन्होंने द रॉकफेलर यूनिवर्सिटी की एक कैंसर रिसर्च लैब में लंबे समय तक प्रशासनिक सहायक के रूप में काम किया। अच्छे स्वास्थ्य बीमा और मेधावी वैज्ञानिकों के बीच काम करने के माहौल ने उन्हें एक दशक से अधिक समय तक सुरक्षित रखा। स्टेशन इलेवन की भारी सफलता के एक साल बाद तक वे इस पद पर बनी रहीं।

उस दौर में स्थिति बेहद अजीब हो गई थी जब वे अपने बॉस के लिए हवाई टिकट बुक करती थीं, जबकि उनके अपने बुक टूर के लिए तीन प्रचारक टिकट प्रबंधित कर रहे थे। टाइम मैगजीन के फोटो शूट के लिए उन्हें ऑफिस से जल्दी छुट्टी लेनी पड़ती थी। हास्य कलाकार जोश गोंडेलमैन के साथ एक पॉडकास्ट के दौरान मिली इस सलाह ने कि नियमित नौकरी तब तक मत छोड़ो जब तक कि उसे जारी रखना आर्थिक रूप से असंभव न हो जाए, उन्हें सही फैसला लेने में मदद की। तीन महीने की गर्भवती होने के बाद ही उन्होंने उस नौकरी को अलविदा कहा।

प्रसिद्धि, सोशल मीडिया और नए लेखकों की राह

कोविड-19 महामारी के दौरान स्टेशन इलेवन की लोकप्रियता अचानक बढ़ गई और लोग सोशल मीडिया पर उनसे भविष्य को लेकर मार्गदर्शन मांगने लगे। लेखिका मानती हैं कि यह स्थिति काफी अजीब थी, क्योंकि वे खुद अन्य लोगों की तरह किराना सामान को कीटाणुरहित करने और टॉयलेट पेपर जुटाने की दौड़ में शामिल थीं। एक काल्पनिक महामारी पर किताब लिखने का मतलब वास्तविक दुनिया के संकट की भविष्यवाणी करना नहीं था।

सोशल मीडिया को लेकर उनका रवैया बेहद संयमित है। वे प्रचार की बाध्यताओं को किराए और आजीविका की जरूरत के रूप में स्वीकार करती हैं, लेकिन नए लेखकों को अनपेक्षित सलाहों और ऑनलाइन बहसों से दूर रहने की सलाह देती हैं। आज के बिखरे हुए मीडिया परिदृश्य में नए लेखकों के लिए जगह बनाना 2009 के दौर की तुलना में कहीं अधिक कठिन हो चुका है।

एग्जिट पार्टी की मूल भावना के बारे में लेखिका रेखांकित करती हैं कि अंधेरे और संकट से भरे कथानक के बावजूद यह एक उम्मीद भरी किताब है। किसी भी देश का अधिनायकवादी रूप या अराजक दौर हमेशा के लिए नहीं रहता। व्यवस्थाओं के ढहने के बाद भी इंसान एक-दूसरे का साथ निभाने और जीवन का उत्सव मनाने के रास्ते तलाश लेते हैं।

सवाल-जवाब

एमिली सेंट जॉन मैंडेल की नई किताब का क्या नाम है और यह कब जारी हुई?
उनकी नई किताब का नाम एग्जिट पार्टी है, जो 15 सितंबर को पाठकों के लिए उपलब्ध हुई।
एग्जिट पार्टी में अमेरिका के किन दो परिदृश्यों की कल्पना की गई है?
किताब में एक तरफ गृहयुद्ध के बाद बिखरे हुए शहर-राज्यों और छोटी गणराज्यों का परिदृश्य है, जबकि दूसरी तरफ गुप्त पुलिस और सर्विलांस पर आधारित एक अधिनायकवादी राज्य दिखाया गया है।
उपन्यास के मुख्य पात्र इबारी और अरी का क्या संबंध है?
इबारी और अरी एक ही व्यक्ति हैं जो अलग-अलग समानांतर दुनियाओं में पले-बढ़े हैं, जहां माहौल के अनुसार एक अपराधी बनती है और दूसरी गुप्त पुलिस अधिकारी।
लेखिका ने इस उपन्यास को लिखना कब शुरू किया था?
उन्होंने इस उपन्यास का लेखन कार्य वसंत 2022 में शुरू किया था।
लेखिका कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का उपयोग क्यों नहीं करती हैं?
सर्च टूल्स में एआई द्वारा गलत और मनगढ़ंत तथ्य पेश किए जाने के कारण वे इस तकनीक पर भरोसा नहीं करतीं और अपने ईमेल व किताबें खुद लिखती हैं।
साहित्यिक सफलता से पहले लेखिका किस संस्थान में काम करती थीं?
वे द रॉकफेलर यूनिवर्सिटी की एक कैंसर रिसर्च लैब में प्रशासनिक सहायक के रूप में कार्यरत थीं।
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