भारतीय ज्योतिष और वास्तु विज्ञान में हमारे आसपास रखी जाने वाली हर वस्तु का ऊर्जा स्तर पर गहरा असर बताया गया है। इसी सिलसिले में पुराने और बेकार कपड़ों का संबंध मुख्य रूप से शनि और राहु जैसे ग्रहों से जोड़ा जाता है। जिन घरों या अलमारियों में इस तरह के वस्त्र बड़ी मात्रा में पड़े रहते हैं, वहां इन ग्रहों का नकारात्मक प्रभाव साफतौर पर सक्रिय हो जाता है। इसके परिणामस्वरूप व्यक्ति की तरक्की के तमाम रास्ते धीरे-धीरे बंद होने लगते हैं और जीवन में अनावश्यक संघर्ष बढ़ जाता है।
आम तौर पर लोगों की यह प्रवृत्ति होती है कि वे नए वस्त्र आने पर पुराने कपड़ों को भी अलमारी के किसी कोने में यूं ही छोड़ देते हैं। इनमें से कई वस्त्र ऐसे होते हैं जो महीनों या फिर वर्षों तक बिना किसी उपयोग के धरे रहते हैं। उपयोग न होने के कारण यह सामग्री घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा के पनपने का मुख्य कारण बन जाती है, जो धीरे-धीरे पूरे आवासीय परिवेश को दूषित करने का काम करती है।
खासतौर पर कटे-फटे और पूरी तरह अनुपयोगी हो चुके कपड़े घर की सकारात्मक ऊर्जा को सबसे ज्यादा खंडित करते हैं। ऐसे वस्त्रों को शरीर पर पहनना तो दूर की बात है, इन्हें केवल अपनी अलमारी में समेटकर रखना भी घर के भीतर के वातावरण को भारी बना देता है। यह नकारात्मकता आगे चलकर परिवार के प्रत्येक सदस्य के मानसिक और व्यावहारिक जीवन पर बुरा असर डालने लगती है।
इस विषय पर बात करते हुए ज्योतिषाचार्य राज कुमार पंडित ने बताया कि पुराने कपड़ों की मौजूदगी के कारण व्यक्ति के जीवन में सफलता बार-बार उसके हाथों से फिसल जाती है। चाहे वह नौकरी का क्षेत्र हो, व्यापार का मोर्चा हो या फिर पारिवारिक जीवन का सुख हो, हर मोर्चे पर अचानक से अड़चनें और बाधाएं खड़ी होने लगती हैं।
वास्तु शास्त्र के बुनियादी सिद्धांतों के अनुसार हमारे निवास स्थान पर मौजूद सभी वस्तुएं सकारात्मक और शुभ होनी चाहिए। घर के भीतर कटे-फटे या बेकार कपड़े जमा करके रखने से न केवल उपयोगी जगह अनावश्यक रूप से घिरती है, बल्कि हम अनजाने में सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह से भी दूर होते चले जाते हैं।
कई बार लोगों का ऐसा सोचना होता है कि अपने पुराने वस्त्रों को किसी अन्य को दान कर देने से पुण्य की प्राप्ति होती है। हालांकि वास्तु के नियम इस मामले में बिल्कुल स्पष्ट हैं कि कभी भी फटे, मैले या पूरी तरह बेकार हो चुके कपड़ों का दान नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से जरूरतमंद व्यक्ति को किसी प्रकार का लाभ मिलने के बजाय नुकसान उठाना पड़ सकता है, साथ ही देने वाले की अपनी ऊर्जा भी प्रभावित होती है।
यदि आप किसी को कपड़े देना ही चाहते हैं, तो केवल अच्छी स्थिति में मौजूद, पूरी तरह साफ और उपयोग में आने योग्य वस्त्रों का ही चुनाव करें। सही तरीके से किए गए इस दान से न केवल पुण्य का लाभ मिलता है, बल्कि दानकर्ता खुद को मानसिक रूप से हल्का और बेहद सकारात्मक महसूस करने लगता है।
यदि आपकी भी अलमारी में ऐसे वस्त्र भरे पड़े हैं जिनका इस्तेमाल पिछले कई महीनों से नहीं हुआ है या जो जगह-जगह से फट चुके हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के घर से बाहर कर देना चाहिए। अपने घर के वातावरण को हमेशा साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित रखें ताकि सकारात्मक ऊर्जा का निरंतर प्रवाह बना रहे और जीवन में सफलता के नए अवसर हमेशा मिलते रहें।
























