पश्चिम बंगाल के बारुईपुर में एक नाबालिग लड़की के साथ हुए जघन्य दुष्कर्म और हत्या के मामले में मुख्य आरोपी प्रभास मंडल की पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, घटनाक्रम को समझने और जांच प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए आरोपी को बीती रात लगभग 12:45 बजे क्राइम सीन पर ले जाया गया था। उसी दौरान, प्रभास मंडल ने मौका पाते ही एक पुलिसकर्मी से बंदूक छीनकर फरार होने की कोशिश की। इसके बाद हुई झड़प में पुलिस को गोली चलानी पड़ी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मुठभेड़ की पूरी प्रक्रिया
जांच अधिकारियों ने बताया कि जब प्रभास मंडल को घटनास्थल का पुनर्निर्माण करने के लिए ले जाया गया था, तब उसने अचानक पुलिस टीम पर हमला कर दिया और हथियार छीनकर भागने का प्रयास किया। आरोपी ने पुलिस बल पर गोलियां भी चलाईं, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। इस घटना में पुलिस की गोली प्रभास मंडल को लगी, जिससे उसकी जान गई।
केस की पृष्ठभूमि
इस पूरे मामले की शुरुआत दक्षिण 24 परगना के बारुईपुर में रविवार को हुई थी, जब सुर्ज्यपुर हाट क्षेत्र से एक बोरी में नाबालिग लड़की का शव बरामद किया गया। इस वीभत्स घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। विरोध प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बारुईपुर-जयनगर मार्ग को अवरुद्ध कर दिया, टायर जलाए और कई वाहनों को नुकसान पहुँचाया। भीड़ ने एक अन्य व्यक्ति को भी इस हत्याकांड में शामिल होने के संदेह में मार डाला था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, एनकाउंटर में मारा गया प्रभास मंडल भी इस मामले का मुख्य संदिग्ध था और उसे सीसीटीवी फुटेज में पीड़िता के साथ आखिरी बार देखा गया था।
मुख्यमंत्री का दौरा और कार्रवाई
घटना के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मंगलवार को पीड़ित परिवार से मिलने बारुईपुर पहुँचे थे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों को भरोसा दिलाया कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। राज्य सरकार ने इस संवेदनशील मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक विशेष जांच दल यानी एसआईटी (SIT) का गठन किया है।
मां का सख्त रुख
आरोपी प्रभास मंडल की मां ने अपने बेटे का शव लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। उन्होंने बताया कि पुलिस जब उन्हें सूचना देने आई, तो उन्होंने साफ कह दिया कि अब वे उसे देखना नहीं चाहतीं। मां ने कहा कि उन पर उसे देखने की हिम्मत नहीं है, और वैसे भी उसके कृत्यों के लिए उसे उचित सजा मिली है, जिससे उन्हें शांति का अनुभव हो रहा है। उन्होंने बताया कि बेटा किसी की बात नहीं सुनता था और दिन भर नशे की हालत में रहता था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि परिवार में कोई और नहीं है जो उसका शव ले सके, इसलिए उन्होंने इसे लेने से साफ मना कर दिया है।











