भारत में मानसून एक बार फिर अपनी पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी के तटीय हिस्से के ऊपर एक नया डिप्रेशन बनने से देश के बड़े भूभाग पर मौसम का मिजाज पूरी तरह बदलने वाला है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने चेतावनी दी है कि इस नए मौसमी तंत्र का प्रभाव अगले सात दिनों तक बना रहेगा। इसके कारण पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भीषण बारिश का सामना करना पड़ सकता है। इसके अतिरिक्त मैदानी और पहाड़ी इलाकों में भी मध्यम से तेज वर्षा का अनुमान लगाया गया है। अधिकारियों ने तेज वर्षा के चलते जलभराव और यातायात प्रणालियों में बाधा आने की संभावना को देखते हुए नागरिकों को सतर्क रहने की हिदायत दी है।
पूर्वी और मध्य भारत में मूसलाधार बारिश की चेतावनी
मौसम विभाग के विस्तृत पूर्वानुमान के अनुसार 13 अगस्त से 19 अगस्त 2026 के बीच मानसून का यह दौर अत्यंत उग्र रूप ले सकता है। गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड में 13 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। इसी तरह छत्तीसगढ़ में 13 और 14 अगस्त को कई स्थानों पर मूसलाधार वर्षा का अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद 15 अगस्त को छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में बहुत भारी बारिश और 16 तथा 17 अगस्त को भी भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी।
झारखंड और ओडिशा के कई जिलों में आकाशीय बिजली गिरने और तीव्र थंडरस्क्वॉल की चेतावनी जारी की गई है। इस मौसमी बदलाव के दौरान 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी, जो बढ़कर 70 किलोमीटर प्रति घंटे के झोंकों में बदल सकती हैं। मौसम कार्यालय ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर एक्स पर जारी विशेष बुलेटिन के माध्यम से 7 दिनों की चेतावनियों का पूरा विवरण साझा किया है।
मध्य भारत के अन्य राज्यों में भी स्थिति चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 19 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश होने का अनुमान है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के दौरान भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा विदर्भ क्षेत्र में 18 अगस्त तक बारिश का क्रम जारी रहेगा, जहां 14 से 16 अगस्त के मध्य भारी वर्षा हो सकती है। पूरे मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के इलाकों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर विशेष एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।
उत्तर-पश्चिम भारत और दिल्ली-NCR में मौसम का हाल
उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में भी मानसून की गतिविधियां काफी तेज रहने वाली हैं। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में 19 अगस्त तक व्यापक वर्षा की संभावना जताई गई है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो हिमाचल प्रदेश में 14 अगस्त के साथ-साथ 17 और 18 अगस्त को बहुत भारी वर्षा होने का जोखिम है। उत्तराखंड में 14 अगस्त और 16 से 17 अगस्त के दौरान इसी तरह की बहुत भारी बारिश की स्थिति बन सकती है।
मैदानी इलाकों में पंजाब के भीतर 14 और 15 अगस्त को व्यापक बारिश का अलर्ट है। हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली में 14-15 अगस्त तथा 17 अगस्त को तेज बारिश होने का अनुमान है। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली-NCR में 14 से 19 अगस्त के बीच अलग-अलग इलाकों में भारी बारिश की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 से 16 अगस्त और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 14 से 18 अगस्त के बीच भारी वर्षा का दौर जारी रहने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
पूर्वोत्तर और पश्चिमी राज्यों में वर्षा का पूर्वानुमान
भारत के पूर्वोत्तर राज्यों में भी मानसून की सक्रियता अगले पूरे सप्ताह तक देखने को मिलेगी। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 19 अगस्त तक व्यापक स्तर पर वर्षा दर्ज होगी। अरुणाचल प्रदेश में 15 से 17 अगस्त के दौरान अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि असम और मेघालय में पूरे सप्ताह के दौरान भारी वर्षा का दौर बना रहेगा।
पश्चिमी भारत में कोंकण और गोवा के तटीय इलाकों में 19 अगस्त तक लगातार व्यापक बारिश जारी रहने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र के क्षेत्रों में 15 अगस्त तक भारी वर्षा और 16 अगस्त को अत्यंत भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। गुजरात के इलाकों में 14 अगस्त को मध्यम से भारी बारिश होने का पूर्वानुमान लगाया गया है।
दक्षिण भारत के राज्यों में तूफानी हवाएं और बारिश
दक्षिणी प्रायद्वीप में तटीय कर्नाटक के जिलों में 19 अगस्त तक व्यापक बारिश जारी रहेगी। केरल और माहे क्षेत्र में 17 अगस्त तक और लक्षद्वीप में भी इसी अवधि के दौरान वर्षा की संभावना जताई गई है। केरल और तमिलनाडु के अलग-अलग स्थानों पर 14 अगस्त को भारी वर्षा हो सकती है।
तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु के कई हिस्सों में गरज के साथ तेज आंधी चलने और बिजली कड़कने का अलर्ट जारी किया गया है। तटीय आंध्र प्रदेश और रायलसीमा के क्षेत्रों में 17 अगस्त तक, तेलंगाना में 16 अगस्त तक और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में 14 अगस्त को तूफानी हवाएं चलने का अंदेशा जताया गया है।



















