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नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर विवादित टिप्पणी के बाद बीजेपी सांसद अनंत महाराज से वापस लिया गया बंगा विभूषण सम्मानराजनीति
13 अग॰ 2026, 7:09 pm (8 घंटे पहले)· 2

नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर विवादित टिप्पणी के बाद बीजेपी सांसद अनंत महाराज से वापस लिया गया बंगा विभूषण सम्मान

पश्चिम बंगाल सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने पर बीजेपी के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज का बंगा विभूषण पुरस्कार रद्द कर दिया है। आदेश के तहत उनसे इस नागरिक सम्मान की सभी मान्यताएं और विशेषाधिकार तुरंत प्रभाव से छीन लिए गए हैं।

पश्चिम बंगाल सरकार ने 13 अगस्त, गुरुवार को भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद अनंत महाराज उर्फ नागेंद्र रॉय को प्रदान किया गया प्रतिष्ठित राज्य सम्मान 'बंगा विभूषण' तत्काल प्रभाव से वापस लेते हुए निरस्त कर दिया है। यह बड़ा प्रशासनिक निर्णय नेताजी सुभाष चंद्र बोस के खिलाफ उनके द्वारा की गई अपमानजनक टिप्पणी के बाद आया है। राज्य सरकार के सूचना एवं संस्कृति विभाग ने इस संबंध में एक औपचारिक आदेश जारी किया, जिसमें स्पष्ट किया गया कि 21 फरवरी 2026 को दिया गया यह नागरिक सम्मान अब पूरी तरह रद्द माना जाएगा।

विशेषाधिकारों की समाप्ति और सरकारी रिकॉर्ड से नाम हटाने का आदेश

राज्य के सूचना एवं संस्कृति विभाग द्वारा जारी आदेश में यह तय किया गया है कि नागेंद्र रॉय अब खुद को 'बंगा विभूषण' सम्मान प्राप्तकर्ता के तौर पर प्रदर्शित नहीं कर पाएंगे। इसके अतिरिक्त, वह इस पुरस्कार से जुड़े किसी भी प्रकार के आधिकारिक विशेषाधिकार, दर्जा, मान्यता या प्रशासनिक लाभ का दावा करने के हकदार नहीं रहेंगे। शासन ने संबंधित अधिकारियों को कड़ा निर्देश दिया है कि सभी आधिकारिक रिकॉर्ड और बंगा विभूषण पुरस्कार प्राप्त करने वाले व्यक्तियों की सूची से अनंत महाराज का नाम तुरंत हटा दिया जाए।

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नेताजी और आजाद हिंद फौज पर की थी विवादित टिप्पणी

सांसद अनंत महाराज के विरुद्ध इस कड़ी कार्रवाई का मुख्य कारण उनका हालिया विवादित बयान है। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम के महानायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 'युद्ध अपराधी' कहा था। अपने संबोधन के दौरान उन्होंने नेताजी के नेतृत्व क्षमता तथा देश के स्वतंत्रता संग्राम में आजाद हिंद फौज की ऐतिहासिक भूमिका पर भी सवाल खड़े किए थे। इन टिप्पणियों के सार्वजनिक होने के बाद पश्चिम बंगाल के सामाजिक और राजनीतिक हलकों में तीखा आक्रोश पैदा हो गया था।

भ्रामक सामग्री और मीम्स पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

पुरस्कार वापस लेने के आदेश से एक दिन पहले, बुधवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर नेताजी के खिलाफ फैलाई जा रही आपत्तिजनक सामग्री, भ्रामक जानकारियों और अपमानजनक मीम्स का कड़ा संज्ञान लिया था। उन्होंने राज्य पुलिस को निर्देश दिया था कि ऐसे मामलों में संलिप्त लोगों के खिलाफ गिरफ्तारी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया था कि कानून सबके लिए बराबर है और इसमें किसी भी सांसद, विधायक, राजनीतिक दल के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी या पुलिसकर्मी को कोई विशेष छूट नहीं दी जाएगी।

अनंत महाराज का राजनीतिक सफर और पृष्ठभूमि

नागेंद्र रॉय, जिन्हें अनंत महाराज के नाम से जाना जाता है, जुलाई 2023 में पश्चिम बंगाल से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में राज्यसभा के लिए निर्विरोध निर्वाचित हुए थे। वह उत्तर बंगाल के प्रमुख सामाजिक संगठन ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन के प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं और राजबंशी समुदाय के बीच उनकी व्यापक पकड़ मानी जाती है। पूर्व में अनंत महाराज अलग कूचबिहार राज्य के निर्माण की मांग को लेकर काफी मुखर रहे थे, हालांकि संसद सदस्य बनने के बाद उनके राजनीतिक रुख में बदलाव दर्ज किया गया था।

पुरस्कार समारोह का इतिहास और तृणमूल कांग्रेस से संबंध

अनंत महाराज को यह 'बंगा विभूषण' पुरस्कार 21 फरवरी 2026 को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रदान किया था। यह सम्मान राज्य तथा जनता के प्रति विशिष्ट सेवाओं के लिए दिया जाता है। बीजेपी सांसद होने के बावजूद, पार्टी के साथ उनके संबंधों में यदा-कदा तनाव की खबरें आती रही हैं। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी से कई मौकों पर मुलाकात की थी। कूचबिहार स्थित अपने आवास पर एक भेंट के दौरान उन्होंने ममता बनर्जी का पारंपरिक स्कार्फ और गुवा-पान (पान का पत्ता) भेंट कर पारंपरिक तरीके से स्वागत किया था।

सवाल-जवाब

अनंत महाराज से बंगा विभूषण सम्मान क्यों वापस लिया गया?
उन्होंने नेताजी सुभाष चंद्र बोस को 'युद्ध अपराधी' कहा था और आजाद हिंद फौज की भूमिका पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद राज्य सरकार ने यह सम्मान रद्द कर दिया।
अनंत महाराज को यह पुरस्कार कब और किसने दिया था?
यह पुरस्कार उन्हें 21 फरवरी 2026 को कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर आयोजित एक समारोह में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दिया था।
पुरस्कार निरस्त होने के आदेश के तहत क्या पाबंदियां लगाई गई हैं?
वह अब बंगा विभूषण प्राप्तकर्ता के रूप में अपनी पहचान नहीं बता सकेंगे, इससे जुड़े विशेषाधिकारों का दावा नहीं कर पाएंगे और उनका नाम सरकारी सूची से हटा दिया जाएगा।
अनंत महाराज कौन हैं और उनका राजनीतिक बैकग्राउंड क्या है?
वह नागेंद्र रॉय के नाम से भी जाने जाते हैं, जो जुलाई 2023 में बीजेपी के टिकट पर पश्चिम बंगाल से राज्यसभा सांसद बने थे और ग्रेटर कूचबिहार पीपुल्स एसोसिएशन से जुड़े प्रमुख नेता हैं।
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