पश्चिम बंगाल की इस्पात नगरी दुर्गापुर में स्कूली बच्चों से पैसों के बदले रक्तदान कराने वाले गंभीर मामले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड माना जा रहा आरोपी किंशुक मुखर्जी ओडिशा के भुवनेश्वर से पकड़ा गया है। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में दबिश दे रही थी। इस पूरे प्रकरण में अगस्त महीने के दौरान ही तीन अन्य सहयोगियों को पकड़ा जा चुका है, जबकि किंशुक मुखर्जी की गिरफ्तारी के बाद अब इस गिरोह की जड़ों तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है।
दुर्गापुर से ओडिशा तक पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तारी
विधाननगर इलाके के निवासी किंशुक मुखर्जी पर आरोप है कि उसने नाबालिग छात्रों से व्यावसायिक तरीके से खून निकलवाने का नेटवर्क तैयार किया था। घटना के बाद से ही आरोपी अपना घर छोड़कर फरार हो गया था और ओडिशा में जाकर छिपा हुआ था। दुर्गापुर थाना पुलिस ने सुराग मिलते ही पड़ोसी राज्य ओडिशा में विशेष अभियान चलाया और भुवनेश्वर से उसे अपनी कस्टडी में लिया। अब पुलिस आरोपी को रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करने की तैयारी कर रही है ताकि पैसों के लेनदेन और अस्पताल से जुड़े संपर्कों का पर्दाफाश किया जा सके।
रैकेट का भंडाफोड़ और तीन अन्य आरोपियों की भूमिका
इस अवैध धंधे का खुलासा तब हुआ जब दुर्गापुर के विधाननगर स्थित एक निजी अस्पताल में निजी स्कूल के नाबालिग बच्चों को पैसे देकर रक्तदान कराने की लिखित शिकायत थाने में दर्ज कराई गई। पुलिस जांच में सबसे पहला नाम स्कूल के ही पूर्व छात्र देवप्रिय चक्रवर्ती का आया, जो बच्चों को आर्थिक लालच देकर अस्पताल तक पहुंचाता था। पूछताछ के दौरान देवप्रिय ने बताया कि वह अकेले इस काम को अंजाम नहीं दे रहा था। इसके बाद तृणमूल छात्र परिषद के सदस्य अमित प्रसाद यादव तथा मालदा के रहने वाले मोहम्मद हबीबुल्लाह को भी गिरफ्तार किया गया।
संगठित गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच
पुलिस अब यह जानने में जुटी है कि मासूम छात्रों को झांसे में लेने के लिए किस तरह का तंत्र बनाया गया था। जांच अधिकारी इस बात का पता लगा रहे हैं कि बच्चों को देने के लिए फंड कहां से आता था, खून का इस्तेमाल कहां किया जाता था और निजी अस्पताल के अधिकारियों या कर्मचारियों की इसमें क्या मिलीभगत थी। पुलिस को अंदेशा है कि यह केवल कुछ लोगों तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित गिरोह काम कर रहा है जो आर्थिक रूप से कमजोर या अनजान नाबालिगों का फायदा उठाता था।



















