पश्चिम बंगाल में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार को ध्वस्त करने के लिए चलाए गए एक व्यापक अभियान के तहत कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने सात दिनों के भीतर 378 तस्करों को गिरफ्तार किया है। इस विशेष अभियान के दौरान राज्य के अलग-अलग हिस्सों से 64 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ जब्त किए गए हैं। प्रशासन की ओर से नशा माफियाओं की पूरी सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए यह संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई है।
राज्यभर में चलाया गया विशेष तलाशी अभियान
नशे के कारोबारियों के खिलाफ तैयार की गई रणनीति के आधार पर प्रदेश के संवेदनशील इलाकों में छापेमारी की गई। पूरे एक हफ्ते तक चले इस विशेष अभियान में पुलिस टीमों ने चिन्हित ठिकानों पर दबिश देकर 378 संदिग्धों को हिरासत में लिया और उनसे पूछताछ के बाद बड़े रैकेट का खुलासा किया। पकड़े गए तस्करों के पास से भारी मात्रा में नशीली सामग्री बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 64 करोड़ रुपये आंकी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल स्थानीय विक्रेताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि अंतरराज्यीय नेटवर्क के मुख्य सरगनाओं को भी घेरे में लिया जा रहा है।
सुवेंदु अधिकारी ने साझा की कार्रवाई की जानकारी
पश्चिम बंगाल की सुवेंदु अधिकारी सरकार की ओर से इस पूरे अभियान की समीक्षा की गई है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस सघन कार्रवाई का विस्तृत ब्योरा सामने रखते हुए स्पष्ट किया कि प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। इससे पहले भी अवैध शराब और नशे के अड्डों को पूरी तरह समाप्त करने के निर्देश देते हुए पुलिस प्रशासन को दो हफ्ते की समयसीमा दी गई थी। अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए गए थे कि नशीले पदार्थों के अवैध अड्डों पर बिना किसी देरी के कठोर कदम उठाए जाएं।
सीमावर्ती क्षेत्रों और अन्य जिलों में भी कड़ी सतर्कता
मादक पदार्थों के परिवहन पर रोक लगाने के लिए सीमावर्ती चौकियों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है। हालिया कार्रवाइयों के दौरान गलगलिया में नशे और अवैध हथियारों के खिलाफ अभियान चलाते हुए 507 ग्राम संदिग्ध ब्राउन शुगर और 814 ग्राम एम्फेटामाइन बरामद की गई थी। इसके अतिरिक्त रामगढ़ में अवैध शराब निर्माण के ठिकानों पर दबिश देकर 100 किलो जावा महुआ और 40 लीटर शराब नष्ट की गई, जबकि हिलसा में भी प्रतिबंधित नशीली दवाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई दर्ज की गई थी। केंद्रीय स्तर पर नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है, जिसने अवैध व्यापार से जुड़ी 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 25 संपत्तियों को फ्रीज करने का आदेश दिया है।



















