त्योहारों का उल्लास हर किसी के जीवन में उमंग लेकर आता है, लेकिन देश की सरहदों की हिफाजत में दिन-रात मुस्तैद रहने वाले जवानों के लिए कई बार पर्व अपनों से दूर ही बीतते हैं। ऐसे में उनके बीच पहुंचकर खुशियां साझा करने का अनुभव बेहद खास होता है। इस बार दीपावली के मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी स्थित बागडोगरा एयरफील्ड का दौरा किया। यहां आयोजित एक विशेष दीपावली मिलन समारोह में उन्होंने सैनिकों के साथ वक्त बिताया और पर्व की बधाइयां दीं। इस दौरान माहौल बेहद उत्साहपूर्ण रहा, जहां रक्षामंत्री ने खुद अपने हाथों से महिला जवानों समेत कई सैनिकों को मिठाई खिलाई और उनका हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम के दौरान एक भावुक और यादगार पल तब आया जब भारतीय वायुसेना के एक जवान ने रक्षामंत्री के सामने अपनी आवाज में एक बेहतरीन देशभक्ति गीत प्रस्तुत किया, जिससे वहां मौजूद सभी लोगों का दिल गदगद हो गया।
सैनिकों के साहस और अनुशासन की सराहना
समारोह को संबोधित करते हुए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय वायुसेना के जवानों के अदम्य साहस और अटूट अनुशासन की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने रेखांकित किया कि चाहे देश की भौगोलिक सीमाओं की रक्षा का मामला हो या फिर किसी भी प्रकार की प्राकृतिक आपदा के समय राहत और बचाव कार्य की जिम्मेदारी हो, भारतीय वायुसेना के वीर हमेशा हर तरह की चुनौती का सामना करने के लिए तत्पर रहते हैं। उनकी यह निष्ठा और प्रतिबद्धता ही इस देश की सबसे बड़ी ताकत है। उन्होंने आगे कहा कि भारतीय वायुसेना के जवानों की वीरता और समर्पण का लोहा केवल देश के भीतर ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया मानती है।
आधुनिक तकनीक और भविष्य की चुनौतियां
सैनिकों को भविष्य की रणनीतिक और सामरिक चुनौतियों के प्रति आगाह करते हुए रक्षामंत्री ने नई तकनीकों को अपनाने का स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने ड्रोन तकनीक और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते हुए क्षेत्रों में तेजी से हो रहे बदलावों पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में हमारी सेना को तकनीकी रूप से और अधिक उन्नत और मजबूत बनाने की आवश्यकता है। आधुनिक तकनीक चाहे जितनी भी आगे बढ़ जाए, लेकिन सैनिकों में निहित साहस और अनुशासन का कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि सैनिकों में साहस और अनुशासन न हो, तो कितनी भी उन्नत तकनीक व्यर्थ साबित हो सकती है। हमारे सशस्त्र बल अपनी बेहतरीन अनुशासन की परंपरा के लिए ही विश्व प्रसिद्ध हैं और यही अनुशासन एक साधारण सैनिक को एक असाधारण योद्धा के रूप में ढालता है।
स्वदेशी रक्षा उपकरणों पर गर्व
देश की बदलती रक्षा उत्पादन क्षमताओं का जिक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने मेड इन इंडिया तकनीक के बढ़ते दायरे पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि देश में आत्मनिर्भरता की दिशा में उठाए जा रहे मजबूत कदमों के परिणामस्वरूप आज हमारे स्वदेशी स्टार्टअप और उद्योग ड्रोन तथा ड्रोन रोधी प्रणालियों जैसे अत्याधुनिक और जरूरी उपकरण तैयार करने में जुटे हैं। उन्हें इस बात की बेहद प्रसन्नता है कि भारतीय सैनिक देश के भीतर विकसित हो रही इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने में सबसे आगे बढ़कर हिस्सा ले रहे हैं।
स्थानीय नागरिकों के साथ बेहतर समन्वय की अपील
समारोह के अंत में रक्षामंत्री ने सैनिकों से आग्रह किया कि वे अपनी तैनाती वाले इलाकों में रहने वाले स्थानीय नागरिकों के साथ हमेशा मजबूत और मधुर संबंध बनाकर रखें। उन्होंने समझाया कि एक सैनिक की वर्दी से लेकर उसकी भाषा और आम व्यवहार तक का गहरा असर आसपास के लोगों पर पड़ता है। बागडोगरा और उसके आसपास के क्षेत्रों के लोगों का भारतीय सेना के प्रति हमेशा से एक विशेष लगाव और सम्मान रहा है, जिसे बनाए रखना हर जवान की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि सैनिक स्थानीय जनता से जितना अधिक जुड़ाव महसूस करेंगे, दुश्मन ताकतों की हर साजिश उतनी ही कमजोर पड़ती चली जाएगी।



















