पश्चिम बंगाल के रानीगंज रेलवे स्टेशन के मालगोदाम इलाके में एक दर्दनाक हादसे के बाद तनावपूर्ण माहौल बन गया है। रेलवे साइडिंग में माल लोडिंग का काम चल रहा था, तभी एक तेज रफ्तार ट्रक ने 28 वर्षीय मजदूर को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस अप्रत्याशित हादसे के बाद मृतक के परिवारवालों और स्थानीय निवासियों में भारी गुस्सा फूट पड़ा।
मुआवजे की मांग पर अड़े परिजन
दुर्घटना के तुरंत बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने शव को घटनास्थल से उठाने से साफ इनकार कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा नहीं मिलता, तब तक शव को वहां से नहीं हटाया जाएगा। इस मांग को लेकर मालगोदाम परिसर में हंगामा शुरू हो गया और लोग विरोध प्रदर्शन पर बैठ गए, जिससे वहां स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
हादसे में जान गंवाने वाले श्रमिक की पहचान उखड़ा गोयाला के रूप में हुई है, जो रानीगंज के कुमारबाजार राजयारपाड़ा का रहने वाला था। महज 28 वर्ष की उम्र में उसकी इस तरह हुई मौत से उसके परिवार पर गहरे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मृतक अपने पीछे दो बेटियां और एक बेटा छोड़ गया है। वह अपने पूरे परिवार का इकलौता कमाने वाला सदस्य था, जिसके चले जाने से अब उसके आश्रितों के सामने गंभीर आर्थिक संकट और रोजी-रोटी की विकट समस्या खड़ी हो गई है।
पुलिस और आरपीएफ ने संभाली कमान
घटना की सूचना मिलते ही स्थिति को काबू में करने के लिए रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ और रानीगंज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंच गई। इलाके में बढ़ते तनाव और प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस बल और रेलवे सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों द्वारा प्रदर्शनकारियों को समझाने और शांत करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
श्रम सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर रेलवे साइडिंग और औद्योगिक इलाकों में काम करने वाले असंगठित श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। काम के दौरान बरती जाने वाली लापरवाहियां अक्सर मजदूरों की जान पर भारी पड़ती हैं और दुर्घटना के बाद पीड़ित परिवारों के सामने सहायता के नाम पर केवल संघर्ष ही बचता है। फिलहाल इलाके में तनाव बरकरार है और प्रशासनिक स्तर पर बातचीत के जरिए मामले को सुलझाने की कोशिश जारी है।



















