प्रौद्योगिकी जगत में अपनी एक अलग पहचान रखने वाली कंपनी ऐप्प्ल ने आखिरकार अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन दुनिया के सामने पेश कर दिया है। इस नए हैंडसेट का नाम आईफोन डुओ रखा गया है, जिसे स्टार व्हाइट और नाइट स्काई रंगों में बाजार में लाया गया है। इस प्रीमियम डिवाइस के 256 जीबी स्टोरेज वाले वेरिएंट की कीमत 1,999 डॉलर तय की गई है। इसके लिए प्री-आर्डर प्रक्रिया 16 अक्टूबर से शुरू होगी, जबकि इसकी आधिकारिक बिक्री 23 अक्टूबर से बाजार में शुरू कर दी जाएगी। इस हैंडसेट को कंपनी के अन्य नए प्रीमियम मॉडल्स जैसे कि आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स के साथ ही लॉन्च किया गया है।
डिस्प्ले और डिजाइन की खासियत
इस नए फोल्डेबल फोन के बाहरी हिस्से में 5.4 इंच की स्क्रीन दी गई है। जब उपयोगकर्ता इस डिवाइस को खोलते हैं, तो अंदर की तरफ 7.6 इंच का दूसरा डिस्प्ले नजर आता है, जिसका आकार लगभग आईपैड मिनी के बराबर है। कंपनी का दावा है कि उसने बेहतरीन वीडियो और मीडिया देखने के अनुभव के लिए बाहरी और भीतरी दोनों स्क्रीनों पर एक जैसा आस्पेक्ट रेशियो बनाए रखा है। फोन के फ्रेम में टाइटेनियम का इस्तेमाल किया गया है जिस पर मिरर फिनिश दी गई है। इसके पीछे की तरफ ऐप्प्ल का सेरेमिक शील्ड ग्लास और सामने की तरफ सेरेमिक शील्ड 2 ग्लास लगाया गया है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें आईपी68 डस्ट और वाटर रेजिस्टेंस रेटिंग मिलती है, जो सैमसंग को पीछे छोड़ देती है। फिलहाल गूगल के फोल्डेबल पिक्सल फोन ही ऐसे अन्य उपकरण हैं जिनके पास आईपी68 रेटिंग है।
हिंज और स्क्रीन क्रीज तकनीक
ऐप्प्ल के अनुसार इस फोन के हिंज में एक कस्टम वेरिएबल टॉर्क प्रोफाइल का उपयोग किया गया है, जो डिवाइस को बेहद आसानी और सटीकता के साथ खोलने और बंद करने में मदद करता है। जब यह खुला होता है, तो कंपनी का दावा है कि यह अब तक का सबसे पतला आईफोन है। सैमसंग की फ्लेक्स टाइटेनियम तकनीक की तरह, यहां भी डिस्प्ले के नीचे एक कार्बन फाइबर मेटल प्लेट का प्रयोग किया गया है जो मुड़ने के दौरान स्क्रीन पर पड़ने वाले दबाव को नियंत्रित करती है। इसके साथ ही नैनो-टेक्सचर फिनिश और ऐप्प्ल द्वारा डिजाइन की गई स्क्रैच-रेसिस्टेंट कोटिंग मिलकर डिस्प्ले को समतल रखती है और क्रीज यानी मुड़ने वाले निशान को कम से कम करती है।
बायोमेट्रिक्स और कनेक्टिविटी
इस मुड़ने वाले फोन में सुरक्षा के लिए कोई फेस आईडी सेंसर नहीं दिया गया है, जिसकी मुख्य वजह फोल्डिंग कंपोनेंट्स के लिए अंदर जगह बचाना हो सकता है। इसके बजाय कंपनी ने अपने कुछ टैबलेट्स की तरह साइड पावर बटन में ही फिंगरप्रिंट आधारित टच आईडी को वापस शामिल किया है। यह पहला ऐसा आईफोन भी है जो इस साल के अंत तक यूएसबी-सी ऐप्प्ल पेंसिल को सपोर्ट करेगा, हालांकि आईपैड की तरह डिवाइस के किनारों पर इस स्टाइलस को चिपकाने के लिए कोई मैग्नेटिक डॉक नहीं दिया गया है। इसके अलावा इसमें कंपनी का नया कस्टम सी2 मोडेम और ए20 प्रो चिपसेट लगाया गया है, जो आईफोन 18 प्रो और आईफोन 18 प्रो मैक्स में भी इस्तेमाल किया गया है।
कैमरा सेटअप और फोल्डेबल फीचर्स
इस हैंडसेट के पिछले हिस्से में केवल दो कैमरे दिए गए हैं, जिनमें एक 48 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा और दूसरा 48 मेगापिक्सल का अल्ट्रावाइड लेंस शामिल है। टेलीफोटो जूम लेंस का न होना एक ऐसा समझौता है जो सैमसंग ने भी अपने गैलेक्सी जेड फोल्ड8 में किया था। किताब की तरह खुलने वाले अन्य फोल्डेबल फोन्स की तरह इसमें दो सेल्फी कैमरे मौजूद हैं। बाहरी स्क्रीन पर 12 मेगापिक्सल का कैमरा है और अंदर की स्क्रीन के नीचे एक फेसटाइम कैमरा छिपा हुआ है। कैमरे के मामले में कुछ जाने-पहचाने फीचर्स भी जोड़े गए हैं, जैसे बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए बाहरी स्क्रीन पर कोई कार्टून कैरेक्टर दिखाना ताकि वे कैमरे की तरफ देखें, या तस्वीर खींचने से पहले विषय का प्रीव्यू देखना। यह फोन अपने आप सीधा खड़ा हो सकता है, जिससे ग्रुप फोटो लेना आसान हो जाता है।
बैटरी लाइफ और सॉफ्टवेयर का अनुभव
ऐप्प्ल का कहना है कि इस डिवाइस में अब तक की सबसे बड़ी बैटरी दी गई है जो दोनों हिस्सों में बंटी हुई है। इससे अंदरूनी डिस्प्ले पर 31 घंटे तक और बाहरी डिस्प्ले पर 44 घंटे तक वीडियो प्लेबैक या प्रति चार्ज 24 घंटे तक का मिला-जुला इस्तेमाल मिल सकता है। सॉफ्टवेयर के मोर्चे पर, कंपनी ने ऐप को विभिन्न स्क्रीन आकारों में ढालने के लिए काफी काम किया है, जिससे डेवलपर्स आसानी से आईफोन से आईपैड और मैक तक अपने ऐप्स को स्केल कर सकते हैं। जब आप फोन खोलते हैं तो सॉफ्टवेयर सहजता से बदल जाता है और ऐप्स अधिक जानकारी दिखाते हैं। आवश्यक नियंत्रणों को स्क्रीन स्पेस का अधिकतम उपयोग करने के लिए दाईं ओर लंबवत रूप से व्यवस्थित किया गया है।
बाजार का परिदृश्य और भविष्य की उम्मीदें
ऐप्प्ल फोल्डेबल फोन बाजार में देर से प्रवेश करने वाली कंपनी है, जबकि सैमसंग ने 2019 में पहला गैलेक्सी फोल्ड लॉन्च किया था। आईडीसी की सीनियर रिसर्च डायरेक्टर नबीला पोपल का कहना है कि ऐप्प्ल इस गिरते हुए बाजार को फिर से पटरी पर लाने में मदद कर सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी बताया कि एक सर्वे के अनुसार लगभग 60 प्रतिशत लोग फोल्डेबल फोन खरीदने में रुचि नहीं रखते, लेकिन जब उनसे पूछा गया कि यदि ऐप्प्ल ऐसा फोन बनाए तो क्या वे खरीदेंगे, तो 33 प्रतिशत लोगों ने सकारात्मक जवाब दिया। इसके अलावा, आईफिक्सिट की सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर एलिजाबेथ चेम्बरलिन ने डिवाइस की मरम्मत की क्षमता और लीजिंग योजनाओं पर अपनी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उपभोक्ताओं को अपनी चीजों के खुद मालिक होने का अधिकार मिलना चाहिए।



















